पामीर

Submitted by Hindi on Mon, 08/22/2011 - 09:17
पामीर स्थिति : 37 40 उ. अ. तथा 73 0 पू. दे.। यह मध्य एशिया में स्थित पठार एवं पर्वतश्रृंखला है। इस नाम का शाब्दिक अर्थ पर्वतशीर्ष में स्थित घाटी है जो इसके धरातल पर पाई जानेवाली नदियों और घाटियों आदि को देखने से यथार्थ प्रतीत होता है। फारसी भाषा में इसको बाम-ए-दुनिया अर्थात्‌ दुनिया की छत भी कहते हैं। यह पठार एक गाँठ के रूप में है जहाँ विभिन्न दिशाओं में स्थित पर्वतश्रेणियाँ आकर मिलती हैं। यहाँ से उत्तर की ओर थान शान, पूर्व की ओर कुनलुन और कराकोरम, दक्षिणपूर्व की ओर हिमालय एवं पश्चिम की ओर हिंदूकुश पर्वतश्रेणी जाती है। पठार की औसत ऊँचाई 20,000 फुट है और घाटियाँ 12,000 से 14,000 फुट ऊँची है। भाग पर्वतीय एवं शेष पर घास के मैदान हैं। जलवायु शुष्क है जिससे यहाँ का जनजीवन कठोर हो जाता है। यहाँ अनेक झीलें स्थित हैं और यहीं ऑक्सस नदी का उद्गमस्थल भी है। राजनीतिक दृष्टि से यह रूस के ताज़िक गणतंत्र एवं चीन के शिंर्जियांग प्रांत में स्थित है पर इसके अतिरिक्त भारत एवं अफगानिस्तान की भी सीमा इसे छूती है। जलवायु की विषमता यहाँ अधिक है, क्योंकि नवंबर से अप्रैल तक शीताधिक्य के कारण यह दुर्गम हो जाता है। अन्य महीनों में ताप अपेक्षाकृत ठीक रहता है। रूसी क्षेत्र में सर्वोच्च स्टालिन शिखर 24,490 फुट तथा चीन के क्षेत्र में मुस्ताग़्ा अता पर्वत पर कुंगूर की चोटी 25,146 फुट ऊँची है। शुष्क जलवायु एवं अनुपजाऊ होते हुए भी इस क्षेत्र में पूर्व पश्चिम को मिलानेवाले दो प्राचीन मार्ग हैं।(कैलाशनाथ सिंह)

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