पूस उजेली सत्तमी

Submitted by Hindi on Thu, 03/18/2010 - 16:34
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घाघ और भड्डरी

पूस उजेली सत्तमी, अष्टमी नौमी गाज।
मेघ होय तो जान लो, अब सुभ होवै काज।।


भावार्थ- पौष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी, अष्टमी और नवमी को यदि बादल गरजे और बिजली चमके तो सभी कार्य सिद्ध होंगे अर्थात् सुकाल होगा।

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