वृक्षो के बारे में कुछ रोचक तथ्य

Submitted by HindiWater on Sat, 06/05/2021 - 13:20

पेड़ कभी भी बूढ़े होने की वजह से नही मरते हा बल्कि बीमारी और लोगो के पेड़ काटने की वजह से मरते है. पेड़ की लकड़ी जीवित और मृत कोशिकाओं से मिलकर बनी होती है.दुनियाभर में पेड़ो की करीब 23,000 प्रजातियाँ पायी जाती है.अनुमान के अनुसार शहरों में उगने वाले पेड़ गाँव के पेड़ो की तुलना में 23 वर्ष कम जीते है.पेड़ वातावरण में मौजूद कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस को अवशोषित करते है. इस प्रकार ये हमे ग्लोबल वार्मिंग से बचाने में मदद करते है. पेड़ो द्वारा छोड़ी गयी ऑक्सीजन गैस से ही हम जीवित है।   .

पेड़ो को अपने घर के आस-पास लगाने से वातावरण शुद्ध रहता है.एक स्वस्थ पेड़ एक दिन में 100 गैलन पानी पर्यावरण में उत्सर्जित करते है इसलिए पेड़ बारिश में सबसे ज्यादा सहायक है.कुछ पेड़ हजारो साल तक जीवित रहते है.एक इंसान को पूरा जीवन ऑक्सीजन लेने के लिए करीब 18 पेड़ो की जरूरत होती है. क्या आपने अपने हिस्से के पेड़ लगाये है.एक पुरी तरह उगा हुआ वृक्ष , एक नये लगाये पौधे से 70 गुना ज्यादा पर्यावरण यानी वातावरण को साफ़ रखता है.दुनिया के 80 प्रतिशत जंगल काट दिए गये है .एक साधारण पेड़ प्रतिदिन 5 मनुष्य के साँस लेने जितनी ऑक्सीजन को पूरा करता है।  

धरती पर मानवों के जन्म से लेकर अब तक हम 3 लाख करोड़ पेड़ काट चुके हैं. हर 2  सेकंड  में एक फुटबाॅल के मैदान जितने जंगल काटे जा रहे हैं.हर साल 5 अऱब पेड़ लगाए जा रहे है लेकिन हर साल 10 अऱब पेड़ काटे भी जा रहे हैं.एक पेड़ 1 साल में 21.7 kg काॅर्बनडाइ-ऑक्साइड अपने अंदर सोखता है और दिन में इतनी ऑक्सीजन देता है कि 4 आदमी जिंदा रह सकें.दुनियाभ़र में लगभग 30 खऱब 40 अऱब पेड़ है. यानि मिल्की वे सितारों और मानव दिमाग में मौजूद कोशिकाओं से भी ज़्यादा.देशों की बात करें, तो दुनिया में सबसे ज्यादा पेड़ रूस में है 641 अऱब. उसके बाद कनाडा में 318 अऱब, ब्राज़ील में 301 अऱब, अमेरिका में 228 अऱब और भारत में केवल 35 अऱब पेड़ बचे हैं।  

दुनिया की बात करें, तो 1 इंसान के लिए 422 पेड़ बचे है. लेकिन अगर भारत की बात करें, तो 1 हिंदुस्तानी के लिए सिर्फ 28 पेड़ बचे हैं.पेड़ो की कतार धूल-मिट्टी के स्तर को 75% तक कम कर देती है. और 50% तक शोर को कम करती हैं.एक पेड़ इतनी ठंड पैदा करता है जितनी 1 A.C 10 कमरों में 20 घंटो तक चलने पर करता है. जो इलाका पेड़ो से घिरा होता है वह दूसरे इलाकों की तुलना में 9 डिग्री ठंडा रहता हैं.पेड़ अपनी 10% खुराक मिट्टी से और 90% खुराक हवा से लेते है. एक पेड़ में एक साल में 2,000 लीटर पानी धरती से चूस लेता हैं।  

एक एकड़ में लगे हुए पेड़ 1 साल में इतनी Co2 सोख लेते है जितनी एक कार 41,000 km चलने पर छोड़ती हैं.दुनिया की 20%  ऑक्सीजन अमेजन के जंगलो द्वारा पैदा की जाती हैं. ये जंगल 8 करोड़ 15 लाख एकड़ में फैले हुए हैं.इंसानो की तरह पेड़ो को भी कैंसर होती है. कैंसर होने के बाद पेड़ कम ऑक्सीजन देने लगते हैं.युकेलिप्टस (जिसे हम सफेदे का पेड़ भी कहते है) की पत्तियों में भी सोने के कण मौजूद होते है.सफेदे का पेड़ खेत को बंजर बनाता है यह किसी भी ओर पेड़ की तुलना में सबसे ज्यादा पानी चूसता है. अंग्रेजों ने दलदल मिटाने के लिए सफेदे के पेड़ लगाने आरंभ किये थे.पेड़ की जड़े बहुत नीचे तक जा सकती है. दक्षिण अफ्रिका में एक अंजीर के पेड़ की जड़े 400 फीट नीचे तक पाई गई थी।  

दुनिया का सबसे पुराना पेड़ स्वीडन के डलारना प्रांत में है. टीजिक्को नाम का यह पेड़ 9,550 साल पुराना है. इसकी लंबाई करीब 13 फीट हैं.आपने म्यूजिक की धुन पर इन्सानों को नाचते तो ज़रुर देखा होगा लेकिन ऐसे पौधे को नहीं देखा होगा जो गानों की धुन पर नाचता हो. जी, हाँ डांसिंग पौधा म्यूजिक की धुन सुनते ही नाचने लगता है, इसी वजह से इस पौधे को डांसिंग प्लांट कहा जाता है।  

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