हरा भरा सपनों का संसार

Submitted by editorial on Fri, 12/14/2018 - 17:57
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अमर उजाला (रूपायन), 14 दिसम्बर, 2018


किचन गार्डेन (फोटो साभार: अमर उजाला रूपायन)किचन गार्डेन (फोटो साभार: अमर उजाला रूपायन) स्वस्थ जीवन के लिये पर्यावरण का साफ और स्वच्छ होना बहुत जरूरी है और यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखें। अगर बचपन से ही बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए, तो इससे उनमें प्रकृति के प्रति लगाव पैदा होगा। चाहे वह साफ-सफाई हो या खाद्य स्रोतों का संरक्षण। इन सबके बारे में बच्चों को जरूर बताएँ। इससे न केवल पर्यावरण के प्रति वे जागरूक होंगे, बल्कि भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे।

प्रकाश पर बात

ऊर्जा का संरक्षण सबसे जरूरी है, लेकिन हम इस ओर ध्यान नहीं देते। अक्सर हम बेवजह घर में लाइट जलाए रखते हैं। इसलिये आप बच्चों को लाइट के इस्तेमाल से सम्बन्धित बातें जरूर बताएँ। इसके अलावा पुराने बल्ब के स्थान पर ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइट के बारे में जानकारी दें।

बूँद-बूँद है जरूरी

बच्चों को पानी के महत्व के बारे में जरूर बताएँ। उन्हें यह भी बताएँ कि कैसे बेवजह बहते पानी को रोककर हम पानी की बर्बादी को कम कर सकते हैं। अक्सर बच्चे नल खुला छोड़ देते हैं। अगर बच्चा नल बन्द करना भूल गया है, तो उसे नल बन्द करने के लिये कहें।

प्लास्टिक को कहें न

किचन में प्लास्टिक के बर्तनों की जगह काँच या स्टील के बर्तनों को रखें। इसके बारे में बच्चों को भी बताएँ। आप प्लास्टिक के बाथ टब की जगह लकड़ी के टब का उपयोग भी कर सकती हैं। इसके अलावा किराने की दुकान पर जाते समय, घर से बैग लेकर जाएँ। इससे आपको बाजार से पॉलिथीन व बैग नहीं खरीदने होंगे।

साफ-सफाई

जब भी कहीं छुट्टी या पिकनिक पर जाएँ, तब बच्चों को बताएँ कि कूड़ा सही स्थान पर फेंकें। इन स्थानों को भी अपने घर जैसा ही समझें। इससे बच्चे हर जगह को अपने घर जैसा ही समझेंगे और उसे साफ एवं स्वच्छ बनाने का प्रयास करेंगे।

किचन में सिर्फ ऑर्गेनिक

अपने घर के पीछे छोटा-सा किचन गार्डन बनाएँ। यदि आपके यहाँ सब्जियों और फलों को उगाने के लिये पर्याप्त स्थान नहीं है, तब आप ऑर्गेनिक हर्ब्स उगा सकती हैं। इस दौरान बच्चों को भी अपने साथ रखें। साथ ही बच्चों को सब्जी खरीदने के लिये मंडी आदि ले जाएँ।वहाँ बच्चों को मौसम के हिसाब से सब्जी, फल एवं अन्य खाद्य पदार्थों के बारे में बताएँ।

खुद बनाएँ खाद

सब्जियों के छिलके, केले के छिलके जैसे जैविक अपशिष्ट पदार्थों की खाद बनाएँ। इसके लिये बच्चों को इन सभी चीजों को एक डिब्बे में इकट्टा करने को कहें। यह न केवल बचे हुए पदार्थों को रिसाइकिल करने का अच्छा तरीका है, बल्कि बच्चों को यह भी पता चलेगा कि अपशिष्ट खाद्य पदार्थ उर्वरकों में कैसे बदलता है।

सैर पर ले जाएँ

चाहे वह सुबह-शाम का समय हो या कोई और समय बच्चों को पार्क अथवा शहर के बाहरी इलाके से सटे हरे-भरे मैदान में ले जाएँ। हो सके तो वहाँ कैम्प लगाकर कुछ दिन बिताएँ। बच्चों के लिये प्रकृति से सामना कराने का इससे अच्छा और कोई तरीका नहीं।

हरियाली से हो प्यार

आप बच्चों के लिये गार्डनिंग, साइकिल चलाना या छोटे-छोटे पत्थरों को इकट्टा करना आदि किसी भी गतिविधि को चुन सकती हैं। इसके अलावा पौधे लगाना, बीज बोना आदि का भी चुनाव कर सकती हैं। बच्चों को इनके फायदे भी बता सकती हैं कि कैसे इससे वातावरण को शुद्ध बनाने में मदद मिलती है।

खराब से कुछ नया

चाहे वह बैग हो, पुराने कपड़े, अखबार, बर्तन या कुछ और जो आपके लिये खराब है। उन्हें बच्चों को दें और उनसे कहें कि इनसे कुछ नया बनाएँ। चाहे वह किताब या पेन रखने का स्टैंड हो या कुछ और सामान।

चीजों को करें साझा

बच्चों को उनकी पुरानी चीजें, चाहे वह कपड़े हों या किताबें जरूरतमन्दों में बाँटना सिखाएँ। आप बच्चों को डोनेशन कैम्प में भी ले जा सकती हैं, ताकि वे दूसरों को ऐसा करते देख सीख सकें। इससे बच्चों में गर्व की भावना पैदा होती है।
 

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