स्वच्छ पर्यावरण के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार

Submitted by editorial on Thu, 06/07/2018 - 17:26
Source
इंडिया साइंस वायर, 10 मई, 2018


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में भाग लेते बच्चेविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में भाग लेते बच्चे नई दिल्ली। कचरा प्रबन्धन, दूषित जल शोधन, प्रदूषण नियंत्रण, हरित और सौर ऊर्जा के उपयोग समेत विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी आधारित कुछ ऐसे प्रयोग हैं, जो स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चत करने में मददगार हो सकते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी में इसी तरह के प्रयोगों पर आधारित तकनीकी एवं वैज्ञानिक नवाचारों को दर्शाया गया है।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 7 मई को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने किया। नई दिल्ली के टेक्नोलॉजी भवन में लगी इस प्रदर्शनी का बृहस्पतिवार को अन्तिम दिन था। इस प्रदर्शनी को देखने के लिये हर रोज बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे थे, जिनमें स्कूली बच्चों की संख्या सबसे अधिक थी। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत चल रहे स्वच्छता पखवाड़े के दौरान पर्यावरण की स्वच्छता में योगदान देने वाली प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शनी में पोस्टर्स और मॉडल्स के जरिये प्रदर्शित किया गया।

एक टन कचरे से 70 किलोग्राम एलपीजी के बराबर बायोगैस उत्पन्न करने वाला संयंत्र ‘बायोऊर्जा’, जलस्रोतों से काई और जलकुम्भी के निस्तारण के लिये बनायी गई मशीन, कचरे को इकट्ठा करने और फेंकने के लिये मोबाइल डिवाइस, डबल डोर डस्टबिन, राख से ईंट बनाने की मशीन, बायो-टॉयलेट, जल-शोधन के लिये अवायवीय दानेदार गाद जैसे पदार्थ का उपयोग, ठोस कचरे के प्रबन्धन के लिये ‘राइनोडाइजेस्टर’ और स्वच्छता से जुड़े यंत्रों के संचालन के लिये सौर ऊर्जा के प्रयोग से जुड़े दर्जनों मॉडल और पोस्टर प्रदर्शनी में दर्शाये गये थे।

प्रोफेसर शर्मा के अनुसार, “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से पर्यावरण को सुरक्षित एवं स्वच्छ बनाये रखने वाली शोध परियोजनाओं को अनुदान मुहैया कराया जा रहा है। प्रदर्शनी में डीएसटी के सहयोग से विकसित ऐसी प्रौद्योगिकियों को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया गया है, जो पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने में मददगार हो सकती हैं।”

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनीविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी

इस आयोजन की नोडल एजेंसी राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान से जुड़े तुषार गर्ग ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “प्रदर्शनी में जैव प्रौद्योगिकी विभाग, बायो टेक्नोलॉजी इण्डस्ट्री रिसर्च असिस्टेंट काउंसिल (बाइरेक), टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन, फोरकास्टिंग असेसमेंट काउंसिल (टाइफेक), टेक्नोलॉजी मिशंस डिविजन, साइंस फॉर इक्विटी, एम्प्लॉयमेंट (सीड), विज्ञान प्रसार, इंडो-यूएस साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम और नेशनल एंटरप्रेन्योर्शिप बोर्ड के अलावा कई गैर सरकारी संस्थाएँ भी शामिल थीं।”

इस महीने की 15 तारीख तक चलने वाले स्वच्छता पखवाड़े के दौरान नवाचारी स्कूली बच्चों के बनाये स्वच्छता को सुनिश्चत करने वाले मॉडल्स और प्रोटोटाइप 14 मई को टेक्नोलॉजी भवन में प्रदर्शित किये जाएँगे। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान स्वच्छ पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों की परिचर्चा भी आयोजित की गई थी। इस परिचर्चा में डीएसटी के पूर्व सचिवों समेत कई प्रमुख वैज्ञानिक और शोधार्थी शामिल थे।

Twitter handle : @usm_1984

 

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Swachchh Bharat Mission in Hindi, Green Energy in Hindi, Innovative technologies in Hindi, solar power in Hindi, technologies for clean environment in Hindi

 

 

 

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