देहरादून में पेयजल योजनाओं में अनियमितताएं

Submitted by Hindi on Thu, 04/19/2018 - 14:38
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अमर उजाला, 18 अप्रैल, 2018

कहीं लोग पानी के लिये तरस रहे हैं तो शहर के कई स्थानों पर पेयजल बहकर बर्बाद हो रहा है। पाइप लाइनें कई स्थानों पर लीक हो गई हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पाइप लाइनों को खुला छोड़ दिया गया है। इससे लगातार पानी बहकर बर्बाद हो रहा है।

एडीबी विंग लगातार लापरवाही करते हुए सरकारी धन को बर्बादी करने में लगी है। पुरानी योजनाओं के काम एडीबी विंग तरीके से नहीं कर पाया। बावजूद इसके शहरी विकास मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की एडीबी विंग पर मेहरबानी बरकरार है। शहर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर एडीबी विंग को 17 करोड़ रुपये के नये काम देने पर मुहर लग गई है।

हाल ही में एडीबी विंग कम्पनी ने शहर के सात जोन में 28 करोड़ रुपये की लागत से पाइप लाइनें और नलकूप बनाने की योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया है। कई जगह लाइन को सड़कों में बहुत कम गहराई पर डाल दिया गया है तो कई इलाकों में लोग पानी के कनेक्शन के लिये सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

एडीबी विंग की ओर से नई लाइनें डालने के बाद जो सड़कें बनाई गई हैं वह भी एक बारिश के बाद टूटनी शुरू हो गई हैं। इसके अलावा कई पेयजल योजनाएँ तो ऐसी हैं, जिनसे लोगों को पानी नहीं मिल सका है। इसके अलावा 11 करोड़ रुपये की लागत से एडीबी विंग ने मासीफॉल प्राकृतिक जलस्रोत को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई लेकिन यह धनराशि खर्च होने के बावजूद वॉटर वर्क्स में इससे पानी नहीं पहुँच सका है।

कुल मिलाकर एडीबी विंग अभी तक किसी प्रोजेक्ट को सन्तोषजनक मुकाम तक नहीं पहुँचा पाई है। ऐसे में हैरत की बात ये है कि लापरवाही के बावजूद शहरी विकास मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने एडीबी विंग के 17 करोड़ रुपये के नये प्रोजेक्ट पर मुहर लगा दी है।

जब इस बारे में एडीबी के प्रोजेक्ट मैनेजर विनय मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सभी कार्य लगभग पूरे कर लिये गये हैं। कनेक्शन देने का काम भी किया जा रहा है।

इन इलाकों में एडीबी विंग ने किया हाल-बेहाल

राजपुर : राजपुर विधानसभा क्षेत्र में एडीबी विंग की ओर से 31 करोड़ रुपये की लागत से 138 किमी पानी की नई लाइन डाली गई थी, लेकिन इन लाइनों में अब तक पानी ही शुरू नहीं हुआ है। जबकि काम को एक साल बीतने वाला है।

खुड़बुड़ा : लाइन डालने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन कई लाइनों में अब तक पानी नहीं है। इस क्षेत्र में एक नई लाइन की लीकेज को एडीबी विंग चार महीने में भी बन्द नहीं कर पाया है। साथ ही कई परिवारों को तो अब तक कनेक्शन भी जारी नहीं किये गये हैं।

मॉडल कॉलोनी : लेन नम्बर तीन में नई लाइन लीकेज हो गई, जिस कारण हजारों लीटर पानी तो बर्बाद हो ही गया, साथ ही इससे लोगों को भी पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।

मोहिनी रोड : मोहिनी रोड पर कई परिवार लाइन डलने के दो साल बाद तक भी कनेक्शन का इन्तजार कर रहे हैं। ऐसा ही हाल झंडा बाजार, पीपल मंडी व हनुमान चौक पर भी कई जगह पर लोगों को कनेक्शन नहीं मिले हैं। इसके साथ ही सड़कें भी खुदी पड़ी हैं।

कहीं पानी की बर्बादी, कहीं तरसे

कहीं लोग पानी के लिये तरस रहे हैं तो शहर के कई स्थानों पर पेयजल बहकर बर्बाद हो रहा है। वहीं जल संस्थान और एडीबी एक-दूसरे की जिम्मेदारी बता रहे हैं।

शहर में पानी की लाइनें डालने का काम एडीबी द्वारा किया गया है। मौजूदा आलम यह है कि ये पाइप लाइनें कई स्थानों पर लीक हो गई हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पाइप लाइनों को खुला छोड़ दिया गया है। इससे लगातार पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। इसके अलावा सड़क पर जलभराव की स्थिति है।

सर्कुलर रोड पर पाइप लाइन से लगातार लीकेज हो रहा है। बलवीर रोड पर पाइप लाइन खुली छोड़ने के कारण लगातार पानी बह रहा है। प्रीतम रोड पर भी कई स्थानों पर लीकेज की समस्या है। मोहनी रोड निवासी एसके जुगरान, अंशु शर्मा और प्रीतम रोड निवासी राजा डोगरा आदि लोगों का कहना है कि पेयजल लाइनें एडीबी द्वारा डाली गई हैं। लीकेज के बाबत कई बार एडीबी और जल संस्थान में की गई, दोनों संस्थाओं में तालमेल नहीं होने के कारण पानी की बर्बादी जारी है। लीकेज की वजह से घरों में लो प्रेशर से पानी पहुँच रहा है। लोगों को हैंडपम्पों से पीने का पानी ढोना पड़ रह है।

एडीबी के बचे हुए कार्यों को जल्द-से-जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। -मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री

राजपुर रोड पर कार्य करने के लिये 31 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं, लेकिन कोई भी कार्य पूरा नहीं किया गया। हालत ये है कि लोग कनेक्शन के लिये भटक रहे हैं। लाइन डालने के चक्कर में सड़कों की स्थिति बदतर कर दी गई है। सीएम को पत्र लिखकर माँग की है कि 31 करोड़ कहाँ खर्च किये इसकी जाँच की जानी चाहिए। -खजान दास, राजपुर विधायक

मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जाँच कराकर पेयजल लाइनें ठीक कराई जाएँगी। -विनय मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर, एडीबी

नीले पाइप वाली जल संस्थान की लाइनें नहीं हैं। ये लाइनें एडीबी द्वारा डाली गई हैं। पाइप लाइनों में खराबी है तो एडीबी दुरुस्त कराएगा। -नीलिमा गर्ग, महाप्रबन्धक, जल संस्थान

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