मेंस्ट्रुअल हाइजीन और खान-पान

Submitted by editorial on Fri, 11/09/2018 - 16:38
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Source
दैनिक जागरण, 09 नवम्बर, 2018

दिवाली की बधाई! इस दिवाली आपने अपने घर को सजाया-संवारा ताकि घर सुन्दर लगे और लक्ष्मी जी की आप पर कृपा बनी रहे। लक्ष्मी जी सदा आपके यहाँ वास करें। आपका जीवन सुखमय और स्वास्थ्य से परिपूर्ण हो।

अब एक बार यह भी तो सोचिये कि आप खुद भी तो अपने घर की गृहलक्ष्मी हैं। फिर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी तो उतना ही जरूरी है, क्योंकि आप प्रसन्न और स्वस्थ रहेंगी तभी तो अपने घर का ख्याल रख पाएँगी। अक्सर घर की महिलाएँ और लड़कियाँ काम-काज की व्यस्तता के चलते अपने खान-पान और सेहत पर ध्यान नहीं देती हैं। इस कारण मासिक धर्म के दौरान समस्या बढ़ जाती है। जितने बेहतर ढंग से आप अपने घर की जिम्मेदारी निभाती हैं उतने ही बेहतर ढंग से अपने तन-मन का ख्याल रखना भी आपका ही कर्तव्य है। आपके शरीर को किस खान-पान की जरूरत है आपको यह समझना चाहिए क्योंकि खान-पान का असर मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक पड़ता है।

पौष्टिक आहार का महत्त्व

मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से बचने के लिये महिलाओं को अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए। आप जैसा भोजन करती हैं आपकी शारीरिक प्रवृत्ति ठीक वैसी ही हो जाती है। ऐसे में अगर आप पौष्टिक आहार का सेवन करेंगी तो ये आपके स्टेमिना को बढ़ाएगा।

महिलाओं के मासिक धर्म पर अच्छे खान-पान के प्रभाव को लेकर जो रिसर्च की गई है उसके अनुसार मासिक धर्म के पहले और मासिक धर्म के दौरान खुद को खुश रखना बहुत जरूरी है। मासिक धर्म के दौरान चॉकलेट, केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम, छेने की गरी वाली मिठाई, अलसी, खजूर, पिन्नी खाएँ।

मासिक धर्म के दौरान मन भी खुश रहेगा और दर्द भी कम होगा। जब मिठाई या मीठे खाद्य पदार्थों से मन भर जाये और कुछ चटपटा खाने का मन करे तो अंकुरित चाट, फलों वाली चाट भी खा सकती हैं। आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही पौष्टिक खाद्य पदार्थों के बारे में जो न केवल मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं से आपको राहत देंगे, बल्कि आपके मूड को नियंत्रित रखने में भी लाभदायी साबित होंगे।

सोया पनीर (टोफू)

टोफू में कई फायदेमंद पोषक तत्व पाये जाते हैं। इसका सेवन आपको चुस्त-दुरुस्त बनाये रखता है। इसमें ऐसे पोषक तत्व पाये जाते हैं, जो महत्त्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट्स हैं, जिनसे आप अपनी वास्तविक उम्र से कहीं ज्यादा जवां नजर आ सकती हैं। सोया पनीर रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में सहायक होता है। अगर इसका पर्याप्त सेवन किया जाए तो ब्रेस्ट कैंसर, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

टोफू के इस्तेमाल से ट्राइग्लिसरॉइड और कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है। एक शोध से पता चला कि मासिक धर्म में टोफू का इस्तेमाल करने से भरपूर पौष्टिक प्रोटीन मिलता है जिससे एेंठन, कमजोरी, मतली, डिप्रेशन में भी आराम मिलता है। आपको चुस्ती-फुर्ती का एहसास होता है।

बड़ी उम्र की महिलाओं फ्लैक्स सीड मिक्स चॉकलेट भी खा सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान चॉकलेट का सेवन दर्द में राहत देता है। इससे आपको जरूरी फैटी एसिड भी मिलता है जो हार्मोनल बदलावों को भी नियंत्रण में रखता है।

पर्याप्त मात्रा में आयरन जरूरी

मासिक धर्म के दौरान शरीर से बड़ी मात्रा में खून निकलता है। इस स्थिति में आपको शरीर में रक्त बढ़ाने की ओर ध्यान देना होगा। अगर आपका आहार आयरन से भरपूर होगा तो आप ऐसा आसानी से कर सकेंगी। आयरन से भरपूर भोजन से आप खून की कमी को पूरा करने के साथ-साथ हीमोग्लोबिन की मात्रा को भी बढ़ा सकेंगी। आयरन के लिये आप टाफू, पोल्ट्री मीट, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने आहार में वरीयता दे सकती हैं।

फलों को वरीयता

सेब, कीवी, नाशपाती, केला आदि फल आपको कमजोरी से लड़ने में मदद करते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट भी जरूरी

मासिक धर्म के दौरान आहार में फल, सब्जी और कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट को भी शामिल करें। साथ ही गाजर, खुमानी, सन्तरा आदि को भी अपने आहार में शामिल कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान मीठा खाने की इच्छा होती है।

हो जाए कुछ गर्मागर्म

मासिक धर्म के दौरान होने वाले पेट दर्द और सुस्ती से बचने के लिये गर्मागर्म पेय पदार्थ भी ले सकती हैं। दोपहर के वक्त ग्रीन टी या नॉर्मल टी ले सकती हैं। अगर हल्की भूख लगी है तो सूप भी फायदेमंद हो सकता है। आप कॉर्न सूप, टोमेटो सूप, चिकन सूप, टोफू सूप भी ले सकती हैं। गर्म पेय पदार्थों से फौरन आराम मिलेगा और आप ताजगी भी महसूस करेंगी।

परहेज भी है जरूरी

मासिक धर्म के समय तम्बाकू से निर्मित उत्पादों और नशा उत्पन्न करने वाले पदार्थों और कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। कैफीन लेने से पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे मासिक धर्म के दौरान दर्द बढ़ता है। कॉफी के बजाय आप चाय पी सकती हैं।

स्वयं को संवारें

तो आइए शुरुआत करते हैं घर के साथ खुद को सजाने और संवारने की। जिस तरह अपने घर में आप नकारात्मक चीजों को पसन्द नहीं करतीं और उन्हें दूर करने के लिये तरह-तरह के उपाय करती है, उसी तरह आपका शरीर आपका घर है। अपने शरीर को नकारात्मक सोच और बीमारी से बचाएँ। इसका उपाय आपके अपने हाथ में है। जब हम स्वस्थ रहेंगे तभी घर, ऑफिस और अपने कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभा सकेंगे।

लेखिका वरिष्ठ आईवीएफ विशेषज्ञ एवं फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिकल एंड गायनेलॉजिकल सोसायटी ऑफ इण्डिया (फॉग्सी) की अध्यक्ष हैं।

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