ताजा पानी के मोती का उत्‍पादन

Submitted by admin on Sat, 12/11/2010 - 14:00
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Source
इंडिया डेवलपमेंट गेटवे

मोती उत्‍पादन क्‍या है?


मोती एक प्राकृतिक रत्‍न है जो सीप से पैदा होता है। भारत समेत हर जगह हालांकि मोतियों की माँग बढ़ती जा रही है, लेकिन दोहन और प्रदूषण से इनकी संख्‍या घटती जा रही है। अपनी घरेलू माँग को पूरा करने के लिए भारत अंतराष्ट्रीय बाजार से हर साल मोतियों का बड़ी मात्रा में आयात करता है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर, भुवनेश्‍वर ने ताजा पानी के सीप से ताजा पानी का मोती बनाने की तकनीक विकसित कर ली है जो देशभर में बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं।

प्राकृतिक रूप से एक मोती का निर्माण तब होता है जब कोई बाहरी कण जैसे रेत, कीट आदि किसी सीप के भीतर प्रवेश कर जाते हैं और सीप उन्‍हें बाहर नहीं निकाल पाता, बजाय उसके ऊपर चमकदार परतें जमा होती जाती हैं। इसी आसान तरीके को मोती उत्‍पादन में इस्‍तेमाल किया जाता है।

है और यह कैल्शियम कार्बोनेट, जैपिक पदार्थों व पानी से बना होता है। बाजार में मिलने वाले मोती नकली, प्राकृतिक या फिर उपजाए हुए हो सकते हैं। नकली मोती, मोती नहीं होता बल्कि उसके जैसी एक करीबी चीज होती है जिसका आधार गोल होता है और बाहर मोती जैसी परत होती है। प्राकृतिक मोतियों का केंद्र बहुत सूक्ष्‍म होता है जबकि बाहरी सतह मोटी होती है। यह आकार में छोटा होता और इसकी आकृति बराबर नहीं होती। पैदा किया हुआ मोती भी प्राकृतिक मोती की ही तरह होता है, बस अंतर इतना होता है कि उसमें मानवीय प्रयास शामिल होता है जिसमें इच्छित आकार, आकृति और रंग का इस्‍तेमाल किया जाता है। भारत में आमतौर पर सीपों की तीन प्रजातियां पाई जाती हैं- लैमेलिडेन्‍स मार्जिनालिस, एल.कोरियानस और पैरेसिया कोरुगाटा जिनसे अच्‍छी गुणवत्‍ता वाले मोती पैदा किए जा सकते हैं।

उत्‍पादन का तरीका


इसमें छह प्रमुख चरण होते हैं- सीपों को इकट्ठा करना, इस्‍तेमाल से पहले उन्‍हें अनुकूल बनाना, सर्जरी, देखभाल, तालाब में उपजाना और मोतियों का उत्‍पादन।

i) सीपों को इकट्ठा करना


तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा किया जाता है और पानी के बरतन या बाल्टियों में रखा जाता है। इसका आदर्श आकार 8 सेंटी मीटर से ज्‍यादा होता है।

ii) इस्‍तेमाल से पहले उन्‍हें अनुकूल बनाना


इन्‍हें इस्‍तेमाल से पहले दो-तीन दिनों तक पुराने पानी में रखा जाता है जिससे इसकी माँसपेशियाँ ढीली पड़ जाएं और सर्जरी में आसानी हो।

iii) सर्जरी


सर्जरी के स्‍थान के हिसाब से यह तीन तरह की होती है- सतह का केंद्र, सतह की कोशिका और प्रजनन अंगों की सर्जरी। इसमें इस्‍तेमाल में आनेवाली प्रमुख चीजों में बीड या न्‍यूक्लियाई होते हैं, जो सीप के खोल या अन्‍य कैल्शियम युक्‍त सामग्री से बनाए जाते हैं।

सतह के केंद्र की सर्जरी: इस प्रक्रिया में 4 से 6 मिली मीटर व्‍यास वाले डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध आदि के आकार वाले सीप के भीतर उसके दोनों खोलों को अलग कर डाला जाता है। इसमें सर्जिकल उपकरणों से सतह को अलग किया जाता है। कोशिश यह की जाती है कि डिजायन वाला हिस्‍सा सतह की ओर रहे। वहाँ रखने के बाद थोड़ी सी जगह छोड़कर सीप को बंद कर दिया जाता है।

सतह कोशिका की सर्जरी: यहाँ सीप को दो हिस्‍सों- दाता और प्राप्तकर्त्ता कौड़ी में बाँटा जाता है। इस प्रक्रिया के पहले कदम में उसके कलम (ढके कोशिका के छोटे-छोटे हिस्‍से) बनाने की तैयारी है। इसके लिए सीप के किनारों पर सतह की एक पट्टी बनाई जाती है जो दाता हिस्‍से की होती है। इसे 2/2 मिली मीटर के दो छोटे टुकड़ों में काटा जाता है जिसे प्राप्‍त करने वाले सीप के भीतर डिजायन डाले जाते हैं। यह दो किस्‍म का होता है- न्‍यूक्‍लीयस और बिना न्‍यूक्‍लीयस वाला। पहले में सिर्फ कटे हुए हिस्‍सों यानी ग्राफ्ट को डाला जाता है जबकि न्‍यूक्‍लीयस वाले में एक ग्राफ्ट हिस्‍सा और साथ ही दो मिली मीटर का एक छोटा न्‍यूक्‍लीयस भी डाला जाता है। इसमें ध्‍यान रखा जाता है कि कहीं ग्राफ्ट या न्‍यूक्‍लीयस बाहर न निकल आएँ।

प्रजनन अंगों की सर्जरी: इसमें भी कलम बनाने की उपर्युक्‍त प्रक्रिया अपनाई जाती है। सबसे पहले सीप के प्रजनन क्षेत्र के किनारे एक कट लगाया जाता है जिसके बाद एक कलम और 2-4 मिली मीटर का न्‍यूक्‍लीयस का इस तरह प्रवेश कराया जाता है कि न्‍यूक्‍लीयस और कलम दोनों आपस में जुड़े रह सकें। ध्‍यान रखा जाता है कि न्‍यूक्‍लीयस कलम के बाहरी हिस्‍से से स्‍पर्श करता रहे और सर्जरी के दौरान आँत को काटने की जरूरत न पड़े।

iv) देखभाल
इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है। रोजाना इनका निरीक्षण किया जाता है और मृत सीपों और न्‍यूक्‍लीयस बाहर कर देने वाले सीपों को हटा लिया जाता है।

v) तालाब में पालन
देखभाल के चरण के बाद इन सीपों को तालाबों में डाल दिया जाता है। इसके लिए इन्‍हें नायलॉन बैगों में रखकर (दो सीप प्रति बैग) बाँस या पीवीसी की पाइप से लटका दिया जाता है और तालाब में एक मीटर की गहराई पर छोड़ दिया जाता है। इनका पालन प्रति हेक्‍टेयर 20 हजार से 30 हजार सीप के मुताबिक किया जाता है। उत्‍पादकता बढ़ाने के लिए तालाबों में जैविक और अजैविक खाद डाली जाती है। समय-समय पर सीपों का निरीक्षण किया जाता है और मृत सीपों को अलग कर लिया जाता है। 12 से 18 माह की अवधि में इन बैगों को साफ करने की जरूरत पड़ती है।

vi) मोती का उत्‍पादन


पालन अवधि खत्‍म हो जाने के बाद सीपों को निकाल लिया जाता है। कोशिका या प्रजनन अंग से मोती निकाले जा सकते हैं, लेकिन यदि सतह वाला सर्जरी का तरीका अपनाया गया हो, तो सीपों को मारना पड़ता है। विभिन्‍न विधियों से प्राप्‍त मोती खोल से जुड़े होते हैं और आधे होते हैं; कोशिका वाली विधि में ये जुड़े नहीं होते और गोल होते हैं तथा आखिरी विधि से प्राप्‍त सीप काफी बड़े आकार के होते हैं।

ताजा पानी में मोती उत्‍पादन का खर्च


• ये सभी अनुमान सीआईएफए में प्राप्‍त प्रायोगिक परिणामों पर आधारित हैं।

• डिजायनदार या किसी आकृति वाला मोती अब बहुत पुराना हो चुका है, हालांकि सीआईएफए में पैदा किए जाने वाले डिजायनदार मोतियों का पर्याप्‍त बाजार मूल्‍य है क्‍योंकि घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर चीन से अर्द्ध-प्रसंस्‍कृत मोती का आयात किया जाता है। इस गणना में परामर्श और विपणन जैसे खर्चे नहीं जोड़े जाते।

• कामकाजी विवरण

• 1. क्षेत्र 0.4 हेक्‍टेयर

• 2. उत्‍पाद डिजायनदार मोती

• 3. भंडारण की क्षमता 25 हजार सीप प्रति 0.4 हेक्‍टेयर

4. पैदावार अवधि डेढ़ साल

क्रम संख्‍या

सामग्री

राशि(लाख रुपये में)

I.

व्यय

क.

स्थायी पूँजी

1.

परिचालन छप्पर (12 मीटर 5 मीटर)

1.00

2.

सीपों के टैंक (20 फेरो सीमेंट/एफआरपी टैंक 200 लीटर की क्षमता वाले प्रति डेढ़ हजार रुपये)

0.30

3.

उत्पादन इकाई (पीवीसी पाइप और फ्लोट)

1.50

4.

सर्जिकल सेट्स (प्रति सेट 5000 रुपये के हिसाब से 4 सेट)

0.20

5.

सर्जिकल सुविधाओं के लिए फर्निचर (4 सेट)

0.10

कुल योग

3.10

ख.

परिचालन लागत

1.

तालाब को पट्टे पर लेने का मूल्य (डेढ़ साल के लिए)

0.15

2.

सीप (25,000 प्रति 50 पैसे के हिसाब से)

0.125

3.

डिजायनदार मोती का खाँचा (50,000 प्रति 4 रुपये के हिसाब से)

2.00

4.

कुशल मजदूर (3 महीने के लिए तीन व्यक्ति 6000 प्रति व्यक्ति के हिसाब से

1.08

5.

मजदूर (डेढ़ साल के लिए प्रबंधन और देखभाल के लिए दो व्यक्ति प्रति व्यक्ति 3000 रुपये प्रति महीने के हिसाब से

1.08

6.

उर्वरक, चूना और अन्य विविध लागत

0.30

7.

मोतियों का फसलोपरांत प्रसंस्करण (प्रति मोती 5 रुपये के हिसाब से 9000 रुपये)

0.45

कुल योग

4.645

ग.

कुल लागत

1.

कुल परिवर्तनीय लागत

4.645

2.

परिवर्तनीय लागत पर छह महीने के लिए 15 फीसदी के हिसाब से ब्याज

0.348

3.

स्थायी पूँजी पर गिरावट लागत (प्रतिवर्ष 10 फीसदी के हिसाब से डेढ़ वर्ष के लिए)

0.465

4.

स्थायी पूँजी पर ब्याज (प्रतिवर्ष 15 फीसदी के हिसाब से डेढ़ वर्ष के लिए

0.465

कुल योग

5.923

II.

कुल आय

1.

मोतियों की बिक्री पर रिटर्न (15,000 सीपों से निकले 30,000 मोती यह मानते हुए कि उनमें से 60 फीसदी बचे रहेंगे)

डिजायन मोती (ग्रेड ए) (कुल का 10 फीसदी) प्रति मोती 150 रुपये के हिसाब से 3000

4.50

डिजायन मोती (ग्रेड बी) (कुल का 20 फीसदी) प्रति मोती 60 रुपये के हिसाब से 6000

3.60

कुल रिटर्न

8.10

III.

शुद्ध आय (कुल आय-कुल लागत)

2.177



स्रोत: सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर एक्‍वाकल्‍चर, भुवनेश्‍वर, उड़ीसा

Comments

Submitted by rajkumar (not verified) on Wed, 03/15/2017 - 20:59

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Pearl farming ki best training ke liye Vinod ji se contact kare ,wo cifa se traind hai or full knowledge dete hai,contact vinod kumar-9050555757

Submitted by Bhikhabhai C sindha (not verified) on Tue, 03/21/2017 - 14:51

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 dear sir

 

       namskar

                 me moti ka utpan karna chahta hu

    es liye muje eski mahiti chahiye

    aur sarkari shahayta ki bi jankari chahiye

Submitted by vinod kumar (not verified) on Tue, 03/21/2017 - 21:07

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Submitted by Indian Pearl F… (not verified) on Fri, 03/24/2017 - 22:59

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Next Pearl Farming Training is scheduled as April 2017 8-9, 17-18, 22-23 and 29-30. Interested person contact for registration on 9540883888, 9717443729

Submitted by Indian Pearl F… (not verified) on Fri, 03/24/2017 - 22:59

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Next Pearl Farming Training is scheduled as April 2017 8-9, 17-18, 22-23 and 29-30. Interested person contact for registration on 9540883888, 9717443729

Submitted by Indian Pearl F… (not verified) on Sat, 03/25/2017 - 10:15

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moti ki kheti ki training ke liye sampark kare.

call/whats app No. Surendra 9540883888, 9717443729

Submitted by Adnan Anees (not verified) on Sat, 03/25/2017 - 16:47

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Mai maharstra raigadh se hu mujhe sikhna hai moti kaise tayar hote hai.

Submitted by bamoriya peal farm (not verified) on Sun, 03/26/2017 - 11:00

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https://www.youtube.com/watch?v=eUQyfT3hQy

Image removed.

मोती की खेती से कमाए लाखों , मीठा पानी (पीने वाला पानी) मे करें खेती

किसान भाई बहुउद्देशीय योजना के साथ मोती उत्पादन कर सकते हैं
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Submitted by Indian Pearl F… (not verified) on Sun, 03/26/2017 - 13:49

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Indian Pearl Farming Training Institute

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Submitted by vinod kumar (not verified) on Sun, 03/26/2017 - 14:55

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Submitted by arvind chaudhary (not verified) on Wed, 05/03/2017 - 13:13

In reply to by Babulal saran (not verified)

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मोती की खेती की बारीकियों को समझने लिए पहले थोडा
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Training by – Arvind chaudhary

Submitted by vinod kumar (not verified) on Mon, 04/10/2017 - 14:15

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Submitted by shivraj thakur (not verified) on Tue, 04/11/2017 - 12:18

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Hi sir my name is shivraj thakur , i want to pearl kheti ai plz provide any personal contact no and training time date .Thank.

Submitted by imran gounher (not verified) on Sat, 04/15/2017 - 21:07

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Sar main moti ki kheti karna chahta hun main belgaum Karnataka se hun please contact me sar

Submitted by vinod kumar (not verified) on Sun, 04/16/2017 - 06:59

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Submitted by Indian Pearl F… (not verified) on Mon, 04/17/2017 - 16:02

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KHURJA CITY

DISTT. BULANDSHAHAR (Nr. GREATOR NOIDA)

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Submitted by Harshit Pandey (not verified) on Tue, 04/18/2017 - 12:33

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Dear Sir, 

         Pl. give the full details of Pearl Farming and how much starting cost of Pearl Farming. 

         I'm interested in Pearl Farming so pl. guide me in our area.

 Yours 

Harshit Pandey

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Submitted by surendra (not verified) on Wed, 04/19/2017 - 12:55

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sabhi pearl farming seekhne valo se salah hai ki apna phone no comment me na chhore balki neeche diye no pa call kare 7310743426

Submitted by Anil vasava (not verified) on Wed, 04/19/2017 - 14:27

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Hello sir.... Sir me Gujarat se hu mera macchi ka talab hai sir muze moti ki kheti karni hai pls sir contact me 09687190006

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Submitted by Aksha singh (not verified) on Thu, 04/20/2017 - 09:42

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https://www.youtube.com/watch?v=eUQyfT3hQyमोती की खेती से कमाए लाखों , मीठा पानी (पीने वाला पानी) मे करें खेती किसान भाई बहुउद्देशीय योजना के साथ मोती उत्पादन कर सकते हैं महिलाऐ -छात्र- छात्राऐं, रिटायर लोग पार्ट टाइम ,फुल टाइम काम करके लाखों कमा सकते हैं. प्रशिक्षण के लिए एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे Amit K Bamoriya 9770085381Sulakshana Bamoriya 9584120929 प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति कृपया प्रशिक्षण की तारीख से कम से कम 5 दिन पहले सूचित करें नेक्स्ट प्रशिक्षण कि तारीख 29&30 April 201713 -14 ,20-21 and 27- 28 Mayप्रशिक्षण सुबह 10:30बजे से सुरु होगा 5:00तक और दूसरे दिन 9:30से शाम 5:00बजे तक (Training In AC Hotel )संपर्क करें- सुलक्षणा बमाेरिया 94074613619770085381बमाेरिया मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर (ISO 9001-2015 Certified)

Submitted by lalit (not verified) on Mon, 04/24/2017 - 09:41

In reply to by Aksha singh (not verified)

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give me a detail

Submitted by akpearl (not verified) on Sat, 04/29/2017 - 11:57

In reply to by lalit (not verified)

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उत्तर प्रदेश में मोती की खेती का प्रशिक्षण

 

sir आप हमारे website:- http://akpearl.tk/    पर जा कर ट्रेनिंग की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अधिक जानकारी के लिए कॉल करे -९६४८८३४१४७   (9648834147)

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Submitted by Jagendra Kumar… (not verified) on Wed, 04/26/2017 - 15:33

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Dear sir jab bhi kabhi chhattisgarh me aapka training ho to mujhe jarur suchit kare.Dhanyavad.

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Submitted by akpearl (not verified) on Thu, 04/27/2017 - 10:41

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Submitted by akpearl (not verified) on Thu, 04/27/2017 - 11:22

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Submitted by surendra 9540883888 (not verified) on Fri, 04/28/2017 - 13:31

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meri sabhi pearl farming seekhne valo ko salah hai ki apna phone no commentbox  chhodne ki jagah 954088388 ya 9717443729 par carr karke sahi guidance le.

Submitted by Anonymous (not verified) on Wed, 05/03/2017 - 13:06

In reply to by SHAMMI SHUKLA (not verified)

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मोती की खेती की बारीकियों को समझने लिए पहले थोडा
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Training by – Arvind chaudhary

Submitted by akpearl (not verified) on Sat, 04/29/2017 - 00:36

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Submitted by akpearl (not verified) on Thu, 04/27/2017 - 10:41.

उत्तर प्रदेश में मोती की खेती का प्रशिक्षण  ke liye  

आप हमारे website:- http://akpearl.tk/    पर जा कर ट्रेनिंग की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अधिक जानकारी के लिए कॉल करे -९६४८८३४१४७   (9648834147)

या इ मेल  करें - skpearls81@gmail.com

distillation.com@gmail.com

 

Training by arvind chaudhary

 

 

Submitted by surendra 9540883888 (not verified) on Mon, 05/01/2017 - 20:02

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पर्ल फार्मिंग का सही मार्गदर्शन

 

मेरी सभी पर्ल फार्मिंग सीखने वालो को सलाह है की अपना फ़ोन नंबर कमेंट बॉक्स में न छोड़े बल्कि 9540883888 पर कॉल कर सही मार्गदर्शन प्राप्त  करे 

 

Submitted by vinod kumar (not verified) on Tue, 05/02/2017 - 07:52

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next pearl farming training date 13/05/2017 to 14/05/2017 and 20/05/2017 to 21/05/2017,timing 10 am to 5pm,for seat booking call 5days before from training date,call vinod kumar-9050555757

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