Vega river (Vaigai river) in Hindi

Submitted by Hindi on Wed, 01/19/2011 - 14:36
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वेगा नदी का मूल उद्गम मदुरै से ही माना जाता है। किंवदंती है कि मलयध्वज नामक पांडय नरेश के यहां मीनाक्षी देवी का जन्म हुआ। जन्म से ही उनके तीन स्तन थे। इसके बारे में भविष्यवाणी हुई कि जिसके दर्शन मात्र से तीसरा स्तन गायब हो जायेगा, वही उसका पति होगा। शिव सुंदरेश्वर संन्यासी वेश में इस अद्भुत बालिका को देखने आये। उनके दर्शन मात्र से मीनाक्षी देवी का अतिरिक्त स्तन अदृश्य हो गया। तुरन्त उनके विवाह की तैयारियां की गई। सुंदरेश्वर बारात में एकमात्र बौने ‘गुणदोथर’ के साथ आये। यह देख मीनाक्षी बड़े गर्व से बोली कि विवाह की सभी तैयारियां व्यर्थ जायेंगी।

सुंदरेश्वर देव ने कहा कि वे केवल बौने को खिला-पिला कर संतुष्ट कर दें।

गुणदोथर ने पके-अनपके दोनों तरह के पदार्थ का डाले फिर पानी मांगा। शहर के सभी कुओं और तालाबों का पानी पीकर भी गुणदोथर भूखा-प्यासा था। तब भगवान सुंदरेश्वर ने बौने से हथेली जमीन पर रखने के लिए कहा और पानी की नदी प्रवाहित की जो वेगा नदी के नाम से जानी जाती है और जिसके तट पर मदुरै बसा है। मीनाक्षी और सुंदरेश्वर के यहां भव्य मंदिर हैं। मदुरै तमिलनाडु का सबसे पुराना तथा दूसरा बड़ा शहर है। इस नगर के केंद्र में मीनाक्षी मंदिर को रखकर इसे कमल के फूल का आकार दिया गया। वाराणसी की तरह यह भी प्राचीन संस्कृति से सम्पन्न है। इसके पर्यटन का कार्यक्रम अक्तूबर से मार्च माह तक बेहतर माना जाता है। वैगा नदी से जमीन के अंदर ही अंदर मदिअम्मा टैंक में खास तरीके से पानी पहुंचाया गया है। यह तालाब मीनाक्षी मंदिर के बराबर स्थान घेरता है। वैगाई बांध मदुरै से 70 किलोमीटर दूर है जो एक सुंदर पिकनिक स्थल है। मीनाक्षी मंदिर के अतिरिक्त दि टैंपल आर्ट म्यूजियम, 124 स्तम्भों वाला सुंदर शिल्प कला वाला पुथु मंडपम, भारतीय एवं अरब शैली में निर्मित तिरुमलाई नायक महल, कुंडल अलागार मंदिर, रोयागोपुरम्, गांधी संग्रहालय एवं सुब्रहमण्य मंदिर आदि दर्शनीय स्थल पर्यटकों को सम्मोहित करते हैं।

Hindi Title

वेगा नदी (वैगाई नदी)


अन्य स्रोतों से




संदर्भ
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