मानव और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक है

Submitted by admin on Mon, 04/04/2011 - 18:22
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एक दुनिया एक आवाज

पृथ्वी सदियों से मानव जाति को आश्रय प्रदान करती आ रही है। मानव जीवन के आस्तित्व के लिए धरती ने हवा, पानी, खाद्य सामाग्री आदि अनेकों उपहार दिए हैं। पेड़ पौधों ने धरती को हरा भरा बना कर प्राणी जगत को जीवंत किया है।

22 अप्रैल वर्ल्ड अर्थ डे के रूप में मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य पृथ्वी के वातावरण के बारे में जानकारी फैलाना है, क्योंकि आज के बढ़ते औद्यौगिकीकरण के इस दौर में मानव द्वारा धरती को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा रहा है और साथ ही पृथ्वी के आस्तित्व के लिए खतरा पैदा हो गया है।

इस कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा 1988 बैच के अधिकारी और दिल्ली पार्क और गार्डन सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ एस डी सिंह का साक्षात्कार भी प्रस्तुत है। उनका कहना है कि मानव और पर्यावरण एक दूसरे के पूरक है, और काफी हद तक दोनों एक दूसरे पर निर्भर है। पर्यावरण को हरा भरा और साफ़ रखने की जरुरत है, ताकि मानव का रहन सहन और पर्यावरण की अपनी निरंतरता बनी रहे।


 



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