नरेगा दिवस पर नारी संघ की महिलाओं की पहल

Submitted by admin on Fri, 10/16/2009 - 13:05
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मेरी खबर/ 14-Oct-2009
बूढ़नपुर (उत्‍तर प्रदेश): ग्रामीण भारत में लोगों को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्‍य से शुरू की गई महत्‍वाकांक्षी योजना नरेगा भी अब लालफीताशाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान द्वारा आयोजित अधिकारगत ढ़ांचे पर नारी संघ के नेतृत्वकारी महिलाओं के प्रशिक्षण के दौरान भी इस तरह की बात सामने निकलकर आई थी। उस दौरान कहा गया कि था कि अभी भी ग्राम प्रधान नरेगा के अंतर्गत जॉब कार्ड बनाने एवं काम मांगने पर आनाकानी कर रहे हैं। वे न तो ग्रामीणों को जॉब कार्ड बनाने मे मदद कर रहे है और न ही काम ही दे रहे हैं। महिलाओं ने यह भी शिकायत की थी कि लोगों के आवेदनों को भी वे अपने पास ही रखे रहते है और टालने वाला रवैया अपनाते हैं।

खण्ड विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी से बात करने पर भी यही बताया जाता है कि जॉब कार्ड उपलब्ध नही है आने पर बनाया जाएगा। जब महिलाओं को बताया गया कि 7 अक्टूबर 2009 को तहसील बूढ़नपुर में नरेगा दिवस का आयोजन किया जाएगा, जहां पर वे नरेगा के अंतर्गत अपनी समस्याओं की शिकायत कर सकती हैं।

प्रशिक्षणोपरांत महिलाओं ने अपने-अपने गांवों में बैठकें करने के बाद फैसला किया कि जिन महिलाओं का जॉब कॉर्ड अभी नही बन पाया है वे लोग 7 अक्टूबर 2009 के नरेगा दिवस पर बूढ़नपुर जाएंगी। महिलाओं ने आपस में चंदा इकट्ठा कर अपने स्तर से वाहन किराए पर लिया। इसके साथ ही संस्था से भी एक साथी को आने के लिए कहा। नारी शक्ति परियोजना के कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के आवेदन पत्र को तैयार कराने में मदद की।

सात अक्टूबर को बरसात होने के बाद भी 70 महिला 12 पुरुष भीगते हुए तहसील बूढ़नपुर पहुचे। वहां पर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी पर तहसील दिवस का बैनर लगा कर जिले के प्रतिनिधि के साथ उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी अतरौलिया बैठे थे। एक साथ महिलाओं की भीड़ को आता देख कर बी.डी.ओ. तो हैरान हुए, लेकिन (संस्था के राजदेव के साथ होने से उन्हे पता लग गया था कि ये सभी वही लोग हैं जिन्हे अभी तक उन्‍होंने जॉब कार्ड देने में हीला हवाली की है)। हालांकि, उपजिलाधिकारी काफी खुश दिखे।

उपजिलाधिकारी ने बारी बारी से सभी के आवेदन लिए। प्रत्येक आवेदन पर खंड विकास अधिकारी को जॉब कार्ड बनाने के लिए लिखित निर्देश दिया। उपजिलाधिकारी ने संस्था के साथी से कहा, 'आज का हमारा लक्ष्य पूरा हो गया, अब तक लग रहा था कि कोई नही आएगा।'

उपजिलाधिकारी ने पूछने पर बीडीओ ने अपने कार्यालय में बात की और आने वाले गुरुवार तक सभी को जॉब कार्ड देने का आश्‍वासन दिया। पेड़रा और बांसेपुर की महिलाओं ने काम के लिए भी आवेदन दिया। मधई पट्टी, मदनपट्टी, करसरा के लोगों ने मजदूरी न मिलने से संबंधित आवेदन दिया, जिस पर उपजिलाधिकारी ने कहा जल्‍द ही भुगतान किए जाने की बात कही। इस पूरी प्रक्रिया का कुछ गांवों में प्रधानों की ओर से विरोध भी किया गया, लेकिन महिलाओं ने अपनी बात नरेगा दिवस के अधिकारियों तक पहुचाई।

कई महिलाएं पहली बार तहसील आई थीं। उन्हे अपनी बात स्वयं अधिकारियों के सामने रख पाने की खुशी थी। इसके साथ ही उन्‍हें इस बात की भी उम्‍मीद थी कि अब उनका जॉब कार्ड आसानी से मिल जाएगा। उपजिलाधिकारी एवं जिले के प्रतिनिधि ने जब कहा कि जॉब कार्ड आवेदन तो आ गया, लेकिन काम के लिए आवेदन भी आने चाहिए। इस पर महिलाओं ने कहा कि हमारा जॉब कार्ड बनाइए फिर हम अगले नरेगा दिवस पर आपको काम का आवेदन भी देगे।

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