समस्थानिक तकनीकों द्वारा टिहरी जलाशय से जल रिसाव के स्रोतों का आंकलन

Submitted by Hindi on Mon, 12/26/2011 - 09:23
Printer Friendly, PDF & Email
Source
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, चतुर्थ राष्ट्रीय जल संगोष्ठी, 16-17 दिसम्बर 2011
टिहरी बाँध का निर्माण गंगा की मुख्य सहायक नदी भागीरथी पर किया गया है। टिहरी बाँध की ऊंचाई 855 फीट (260.5 मी.) है तथा यह विश्व का पाँचवा एवं एशिया क्षेत्र में सबसे ऊँचा, मृदा व चट्टानों से निर्मित बाँध है। वर्तमान में टिहरी बाँध प्रचालन स्थिति में है। बाँध के अनुप्रवाह एवेटमेंट में जल दबाव कम करने के लिए जल निकासी गैलरियों का एक जाल निर्मित किया गया है। जलाशय के भराव एवं खाली होने के दौरान विभिन्न निकास गैलरियों के द्वारा नियमित रूप से जल निस्यंदित होता है। परन्तु जलाशय में जल भराव के दौरान, जल निकासी के लिए बनाई गई कुछ गैलरियों जैसे ए.जी.आर.-3 एवं ए.आइ.जी.आर. में मुख्यतः सात स्थानों से निस्यंदित जल का निस्सरण तेजी से होता है।

अतः इस अध्ययन में निस्यंदित हो रहे जल के स्रोत का अभिनिर्धारण समस्थानिकों के प्रयोग से किया गया है। इसके अन्तर्गत बाँध के साथ-साथ विभिन्न जल स्रोतों जैसे भूजल, वाहिका, वर्षा इत्यादि के जल नमूनों के समस्थानिकों जैसे ऑक्सीजन-18 और हाइड्रोजन-2 का परीक्षण किया गया है। इस परीक्षण के आधार पर यह पाया गया है कि दोनों निकासी गैलरियों में एक स्थान को छोड़कर शेष सभी स्थानों से निस्यंदित जल का स्रोत बाँध से निर्मित झील में एकत्रित पानी ही है। तथा जलाशय के स्तर का आँकड़ा और निस्यंदित निस्सरण की दर का आपसी संबंध समस्थानिक परिणामों का समर्थन करते हैं।

इस रिसर्च पेपर को पूरा पढ़ने के लिए अटैचमेंट देखें



Add new comment

This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

7 + 9 =
Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4.

More From Author

Related Articles (Topic wise)

Related Articles (District wise)

About the author

Latest