सुदूर संवेदन आंकड़ों द्वारा तवा जलाशय की क्षमता का मूल्यांकन

Submitted by Hindi on Wed, 02/15/2012 - 11:22
Source
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान
देश की भौगोलिक स्थिति एवं उपलब्ध जल संसाधन में विषमताओं को ध्यान में रखकर विभिन्न नदियों पर जल संरक्षण के लिए जलाशयों का निर्माण किया गया। सुदूर संवेदन तकनीकी का प्रयोग जल संसाधन के क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है। यह तकनीकी जलाशयों के उचित प्रबंध एवं आयोजन में अति लाभप्रद है।

देख कर गणना (Uisual interpretation) की तकनीकी के द्वारा आई.आर.एस. (IRS-1B एवं लेन्डसेट एम.एस.एस. (MSS) उपग्रह द्वारा तवा जलाशय के प्रतिबिम्ब विभिन्न वर्षों के मानसून से पूर्व एवं पश्चात के महीनों का अध्ययन किया गया है। इन प्रतिबिम्बों के माध्यम से जलग्रहण क्षेत्र (Water Spread Area) अंकित किया गया प्रतिबिम्बों द्वारा प्राप्त तवा जलाशय के जलग्रहण को प्लानीमीटर के द्वारा क्षेत्रफल निकाला गया। जलस्तर के आंकड़ों तवा जलाशय के अधिकारियों से प्राप्त किए। इससे जल स्तर तथा उसके संगत तवा जलाशय के क्षेत्रफल की एक सारणी बनाई गई जो न्यूनतम एवं अधिकतम जल स्तर को दर्शाती है। इस सारणी से हमने विभिन्न जल स्तरों के बीच का आयतन (Valume) को प्रिजमोइडल सूत्र द्वारा निकाला गया। इन आंकड़ों की सहायता से क्षेत्रफल क्षमता वक्र (Area Capacity Curve) बनाया गया। बनाए गए क्षेत्रफल वक्र की जांच तवा प्रोजेक्ट द्वारा बनाए गए क्षेत्रफल क्षमता वक्र से की गई। सुदूर संवेदन तकनीकी द्वारा जलाशय के संशोधित ऊंचाई क्षमता प्राप्त की जा सकती है जो जलाशय के उचित प्रबंध में सहायक होगी।

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