एक नदी बन गई गंदा नाला

Submitted by Hindi on Mon, 09/24/2012 - 10:38
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Source
आईबीएन-7, 23 सितंबर 2012

कहा जाता है कि सभी बड़ी सभ्यताएं नदियों के किनारे ही पनपीं। लेकिन आज आबादी के दबाव और उपेक्षा की शिकार होती नदियां दम तोड़ने पर मजबूर हैं। गोमती नदी भी उपेक्षा और प्रदूषण की मार झेल रही है। गोमती नदी के प्रदूषण को लेकर जहां राज्य सरकार चिंतित है, वहीं इस पौराणिक नदी के उद्गम स्थल पर गंदा नाला डालने की कोशिश की जा रही है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए जो कोशिशें की जा रही हैं वह नाकाफी है। इसका ताजा उदाहरण गोमती नदी में दम तोड़ती मछलियां हैं। लाखों लोगों की आस्था और पूजनीय गोमती नदी आज कचरा ढोने वाली नाले के अलावा और कुछ नहीं है।

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