विकास कार्य के बाद सूखा तालाब

Submitted by Hindi on Sat, 10/20/2012 - 10:05
Source
आईबीएन-7, 14 अक्टूबर 2012

गाजियाबाद का पक्का तालाब 400 साल पुराना है जिसे यहां रहने वाले बाबा रमते राम ने बनवाया था। लेकिन पिछले 10 साल में देखते-देखते तालाब खत्म हो गया और ये सब हुआ है नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही से। पहले तो नगर निगम के अधिकारियों ने यहां कूड़ा डालकर इसे पाटने का काम किया। फिर यहां हो रहे अतिक्रमण पर आंखें मूंद ली। आज हालात ये है कि 17 हजार वर्ग मीटर का तालाब आठ हजार वर्ग मीटर का ही बचा है। तालाब के बाकी जमीन पर अवैध रूप से मकान बना लिए गए हैं। गाजियाबाद नगर निगम ने पिछले साल पक्का तालाब पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन तालाब की हालत ये है कि इस साल अच्छी खासी बारिश होने के बाद भी यहां पानी नहीं है। तालाब बारिश के पानी को इकट्ठा कर भूमिगत पानी को रिचार्ज करता है और गाजियाबाद के गिरते भूजल को बचाने का अहम जरिया है। पक्का तालाब में आसपास का इक्ट्ठा हुआ बारिश का पानी पहुंचता था। लेकिन तालाब में बारिश के पानी आने के रास्तों को रोक दिया गया। जिससे बाहर बारिश का पानी इकट्ठा होकर परेशानी पैदा कर रहा है। वहीं तालाब सूखा पड़ा है।

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