आमंत्रण- विकास संवाद सातवाँ मीडिया सम्मेलन, 29,30 जून एवं 1 जुलाई 2013, केसला

Submitted by admin on Thu, 04/04/2013 - 21:40
विकास और जनसरोकार के मुद्दों पर बातचीत का सिलसिला साल-दर-साल आगे बढ़ता ही जा रहा है| हालाँकि इस बार हम अपने तय समय से थोडा देर से करने जा रहे हैं, लेकिन कई बार मार्च में संसद और राज्य विधानसभाओं के सत्र और बजट की आपाधापी में फंसने के कारण बहुत सारे साथी आ नहीं पाते थे| तो इस बार सोचा थोडा लेट चलें, लेकिन सब मिल सकें|

आप सब जानते ही हैं कि यह सफ़र सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी से शुरू हुआ| बांधवगढ़, चित्रकूट,महेश्वर, छतरपुर, फिर पचमढ़ी के बाद इस बार हम केसला में यह आयोजन करने जा रहे हैं| इस बार कई दौर की बैठकों के बाद केसला संवाद के लिए जो विषय चुना गया है, वह है|

संवैधानिक, संविधानेत्तर संस्थाएं और मीडिया
कृपया विषय व स्थान चयन के लिए आपकी राय दर्ज कराएँ..और आखिर में इस निवेदन के साथ कि आपकी उपस्थिति इन विषयों पर सार्थक हस्तक्षेप के साथ सम्मेलन को सफल बनाएगी|

केसला (सुखतवा) के विषय में
इस बार इस कारवाँ को हम मध्यप्रदेश के एक और विशेष क्षेत्र में जाने की योजना बना रहे हैं| यह है होशंगाबाद जिले में इटारसी के पास का केसला| केसला के पास ही बना है तवा बाँध, जिसके रिसाव से ही तवा के आसपास की मिट्टी के खराब होने का दंश भोग रहे हैं लोग| पास ही एक गाँव है धाईं| बोरी अभ्यारण्य के विस्तार से विस्थापित हुए गाँवों का सरकारी आदर्श पुनर्वास स्थल, जो बार-बार यही सवाल छोड़ता है कि यदि यह आदर्श पुनर्वास है तो फिर ........ ? मध्यभारत में मिलिट्री के जवानो के लिए गोला-बारूद बनाने वाली आयुध निर्माणी,इटारसी का परीक्षण केंद्र है ताकू | जिसके आसपास के हर गाँव में आपको या विधवाएं मिलेंगी या मिलेंगे विकलांग, ये वे लोग हैं जो कि तोप के गोलों के जले हुए खोल बीनते हुए इस दशा में पहुंचे हैं|
सेना के लिए उनकी जान और उनके कटे अंग के कोई मायने नहीं है क्यूंकि वह तो संरक्षित क्षेत्र है और यदि इन आदिवासियों को भूख सताए और वे फिर भी उस क्षेत्र में चले जाएँ तो यह सेना का दोष नहीं ...... | इसी क्षेत्र में समाजवादी जन परिषद का राजनैतिक कार्यक्षेत्र भी हम देख पायेंगे व संगठन की ताकत के बलबूते चुनिन्दा संघर्षों को| पास ही में है सुखतवा चिकन का एक अनूठा प्रयोग| तो ऐसा है केसला और उसके पास के कुछ जमीनी मुद्दे| हमारा स्वागत करने को आतुर होंगे सतपुड़ा के घने और सचेत जंगल, विकास की चकाचौंध में लिपटे विनाश के नए मॉडल तवा बांध पर खड़े होकर हम तवा नदी का दीदार भी कर सकते हैं|
यही है केसला (सुखतवा)|
तो आप आ रहे हैं ना .....
धन्यवाद
विकास संवाद

ईमेल - vikassamvad@gmail.com
वेब - www.mediaforrights.org


(केसला जाने के लिए हमें इटारसी जंक्शन उतरना होगा तो प्राथमिक रूप से हम अपने आरक्षण इटारसी तक तो करा ही लें, उसके बाद आगे के लिए रूपरेखा बनाते हैं |)

इस आयोजन से संबंधित डॉक्यूमेंट अटैचमेंट में देखें

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