यमुना : जल जो जहर बन गया

Submitted by Hindi on Sat, 04/06/2013 - 14:45
Source
समाचार प्लस







यमुनोत्री से निकलकर अपने जल से सिंचित करने वाली वाली यमुना उत्तर प्रदेश के प्रयाग में जा कर गंगा नदी में मिल जाती है। अपने 1375 किलोमीटर की यात्रा में यमुना सबसे ज्यादा प्रदूषित दिल्ली में ही होती है। दिल्ली जब दिल्ली में 48 किलोमीटर के सफर में ही 18 नाले मिल जाते हैं तो बाकी जगह का हाल क्या होगा। इसमें सबसे बड़ा योगदान औद्योगिक प्रदूषण का है जो साफ हो ही नही रहा। वज़ीराबाद बैराज के एक तरफ यमुना का पानी एकदम साफ़ और दूसरी ओर एक दम काला। इसी जगह से नदी का सारा पानी उठा लिया जाता है और जल शोधन संयत्र के लिए भेज दिया जाता है ताकि दिल्ली की जनता को पीने का पानी मिल सके। बस यहीं से इस नदी की बदहाली और इसे लुटने की अभियान शुरु हो जाती है।

Disqus Comment