नहर प्रभावित किसानों द्वारा दाखिल याचिका में मध्य प्रदेश शासन को जुर्माना

Submitted by admin on Sat, 07/27/2013 - 15:06
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नर्मदा बचाओ आंदोलन
नर्मदा आंदोलन की ओर से इंदिरा सागर एवं ओंकारेश्वर नहर परियोजनाओं में पर्यावरणीय सुरक्षा, पुनर्वास एवं सर्वोच्च अदालत के फैसले के संपूर्ण अमल न होने के कारण तथा सिंचित, उपजाऊ जमीन की बर्बादी रोकने हेतु, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर में दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई कल न्या. श्री केमकर और न्या. श्री गर्ग जी के समक्ष हुई। न्यायालय द्वारा 20 जून को पारित अंतरिम आदेश के अनुसार, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को 30 जून तक याचिका पर विस्तृत जवाब देना अपेक्षित था मगर प्राधिकरण ने कल सुबह सुनवाई के समय पर जवाब पेश करने से आदेश का पालन नही हुआ। इससे, याचिकाकर्ता मेधा पाटकर को उस पर प्रति उत्तर देना तथा उस पर सुनवाई होना संभव नहीं हुआ।

इस कारण, स्वयं न्यायपीठ को एवं याचिकाकर्ता को हुई असुविधा के लिए, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को फटकार लगाते हुए, न्यायालय ने याचिकाकर्ता को 10,000 रु जुर्माना देने का निर्देश दिया। प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता श्री शेखर भार्गव ने पैरवी की। नर्मदा बचाओ आंदोलन की और से मेधा पाटकर ने नहर प्रभावित किसानों का पक्ष रखा। केन्द्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय की ओर से भी पक्षकार के नाते, जवाब पहले ही पेश किया गया है।

नर्मदा आंदोलन की इस याचिका में सर्वोच्च अदालत का आदेश दि. 2.08.2011 के अनुसार, पर्यावरण मंत्रालय के द्वारा नहर कार्य संबंधी पर्यावरणीय मुद्दों की निगरानी के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर अमल न होने की बात कही गई है। इस याचिका में निकास की व्यवस्था करे बिना नहरों की खुदाई तथा पूर्व से ही सिंचित नर्मदा किनारे के क्षेत्र में जरूरत के बिना नहरें लाना एवं पुनर्वास में पात्र नहर-ग्रस्त परिवारों को उचित पुनर्वास न देना आदि मुद्दों को उठाया गया।

सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इसमें पर्यावरणीय मुद्दे अहम होने से, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष याचिका लगानें में हर्ज है या नहीं। इस प्रस्ताव एवं याचिका पर अगली बहस 19.07.2013 को होगी। कुछ नहर लाभार्थियों की ओर से दाखिल की गई एक अन्य याचिका जिसमें नहर कार्य में भ्रष्टाचार, देरी, ठेकेदारों की लापरवाही, किसानों को हो रहे नुकसान एवं ठेकेदारों को लाभ आदि मुद्दों को उठाया गया है, उसे भी आंदोलन की याचिका के साथ जोड़ा गया है।

नरसिंग मोरे
लालचंद पाटीदार
मुकेश भगोरिया

फोनः 09179148973 / 09423965153

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