डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों पर कसेगा शिकंजा

Submitted by admin on Sun, 07/28/2013 - 14:41
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नेशनल दुनिया, 23 जुलाई 2013
गाजियाबाद। हिंडन नदी के किनारे डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों की अब खैर नहीं है। जीडीए ने इस संबंध में डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य को खुद ही गिराने के लिए जो नोटिस दिया था उसकी अंतिम तिथि मंगलवार 23 जुलाई को समाप्त हो रही है। हिंडन नदी के किनारे डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण का कार्य पिछले कई वर्षों से हो रहा है। साहिबाबाद पुलिस ने भी इस संबंध में जीडीए को कई बार रिपोर्ट भेजी, लेकिन किसी ने कोई सुध नहीं ली।

साहिबाबाद थाने में अनेक लोगों ने डूब क्षेत्र में रातों-रात अवैध प्लाट काटने को लेकर भू-माफियाओं के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी कुछ नहीं हुआ जीडीए ने मामले को गंभीरता से तब लिया जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए। जीडीए ने दो नोटिस भेजकर हिंडन नदी के किनारे डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को स्वतः उन्हें गिराने के निर्देश दिए। जीडिए के पहली नोटिस में कनावनी व उसके आसपास के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य करने वालों से कहा था कि वह 20 जुलाई तक स्वतः उसे गिरा दें। जीडीए ने दूसरी नोटिस में विजयनगर के अकबरपुर बेहरामपुर और हिंडन नदी के किनारे डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को स्वतः गिराने के लिए अंतिम तारीख 23 जुलाई दी थी।

जीडीए के ओएसडी डी.पी. सिंह का कहना है कि मंगलवार के बाद जिलाधिकारी ए.वी.एस. रंगाराव, एसएसपी धर्मेंद्र सिंह व जीडीए अधिकारियों की एक बैठक होगी जिसमें डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को गिराने के लिए कब कार्रवाई की जाएगी इस पर निर्णय होगा। उनका कहना है कि इसके लिए अच्छा खासा पुलिस फोर्स चाहिए जो बैठक में तय किया जाएगा।

सिंचाई विभाग है नोडल अधिकारी


हिंडन नदी के किनारे डूब क्षेत्र का इलाक़ा सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है, बल्कि वह इस मामले में नोडल अधिकारी भी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के डूब इलाके में वह प्रशासन को रिपोर्ट करेंगे और जीडीए अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे। सिंचाई विभाग के एसडीओ देवेंद्र ठाकुर का कहना है कि हिंडन नदी के किनारे से 400 मीटर तक की दूरी में स्थित क्षेत्र सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है। डूब क्षेत्र में कार्रवाई करने के मामले में सिंचाई विभाग के अधिकांश अधिकारी बचाव की मुद्रा में दिखे।

हजहाउस और शिक्षण इंस्टीट्यूट भी डूब क्षेत्र मेंहिंडन नदी के किनारे डूब क्षेत्र में अवैध कालोनियां ही नहीं, बल्कि हज हाउस और एक शिक्षण इंस्टीट्यूट भी आ रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि नदी से 400 मीटर का इलाक़ा डूब क्षेत्र में आता है तो हज हाउस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। लोग इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

जीडीए ने विज्ञापन भी कराया प्रकाशित


जीडीए ने गाज़ियाबाद के विकास क्षेत्र के जोन-4,5 व 8 में सिंचाई विभाग द्वारा चिन्हित हिंडन नदी के डूब क्षेत्र के गांव कनावनी, छिजारसी व करहैड़ा को भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए अवैध निर्माणों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही से पूर्व निर्माणकर्ता का पक्ष सुनने के लिए समाचार पत्रों में 22 व 30 जून को विज्ञापन प्रकाशित कराया था। इसके अलावा नोटिस जारी कर 15 दिन में स्वयं निर्माण हटाने के लिए आदेशित किया गया था। नोटिसों को स्थल पर प्राप्त न करने की दशा में सूचित किया है कि वह लोग 30 जुलाई तक संबंधित अवैध निर्माण स्वयं हटा लें अन्यथा जीडीए किसी पूर्व सूचना के ध्वस्त कर देगा।

अधिकारी कहते हैं


जीडीए वीसी संतोष यादव का कहना है कि डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को पूरा समय दिया जा रहा है कि स्वयं ही उसे ध्वस्त कर लें, वरना जीडीए को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ेगी। डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों और भू-माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा।

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