फरीदाबाद कर रहा है यमुना को सबसे अधिक प्रदूषित

Submitted by admin on Fri, 05/09/2014 - 10:56
Source
दैनिक भास्कर, 09 मई 2014
दिल्ली, मथुरा और फरीदाबाद में यमुना हो चुकी हैं प्रदूषित
फरीदाबाद में कैंसर कारक कैडमियम की मात्रा 10 गुना ज्यादा, दिल्ली विश्वविद्यालय की शोधार्थी छात्रा ने किया खुलासा


यमुना नदीदिल्ली से मथुरा के बीच सवा सौ किलोमीटर के दरम्यान जीवनदायिनी यमुना नदी सबसे ज्यादा फरीदाबाद में प्रदूषित हो रही है। नदी के जल में कैडमियम और लेड जैसी जहरीली धातु पाई गई है, जो कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का वाहक है। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक शोधार्थी द्वारा किए गए हालिया सर्वे में यह खुलासा हुआ है।

दिल्ली के ओखला से मथुरा तक 35 स्थानों पर यमुना नदी के पानी का लिए गए सैंपल में सबसे ज्यादा प्रदूषण की मात्रा फरीदाबाद में पाई गई है। फरीदाबाद में नदी के पानी में कैडमियम की मात्रा 0.1 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है, जो कि निर्धारित मानक से 10 गुना ज्यादा है। इसके अलावा ओखला में नदी के पानी में चार गुना ज्यादा कैडमियम और लेड पाए गए हैं। इसी तरह मथुरा में भी नदी के पानी में चार गुना ज्यादा ये जहरीले धातु पाए गए हैं। यह उस क्षेत्र के लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। गौरतलब है कि बदरपुर और आसपास के इलाकों में नदी किनारे काफी तादाद में लोग निवास करते हैं।

ऐसे किया गया सर्वे : दिल्ली विश्वविद्यालय के जियोलॉजिस्ट प्रो. शशांक शेखर की अगुवाई में एम.फिल की छात्रा दिशा कुमारी ने ओखला से मथुरा तक नदी के पानी के सैंपल के अलावा दोनों ओर 100 मीटर के दायरे में भी सैंपल लिए। सर्वे में 29 स्थानों पर यमुना के पानी में मानक से ज्यादा जहरीले पदार्थ पाए गए।

स्वास्थ्य के लिए जानलेवा : आईएमए के सीनियर नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ. के के अग्रवाल कहते हैं कि निर्धारित मानक से ज्यादा कैडमियम और लेड मिले पानी का उपयोग करने पर लंग कैंसर, हार्ट, ब्लड प्रेशर, किडनी रोग, एनिमिया जैसी बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। उधर, यमुना रक्षक दल के मीडिया प्रभारी केपी सिंह कहते हैं कि कालिंदी कुंज से नीचे यमुना में बड़े पैमाने पर गंदा पानी डाला जाता है।

जसोला के पास, बदरपुर स्थित बिजली संयंत्र का गंदा पानी, पल्ला पुल के पास गंदा नाला का पानी, फरीदाबाद के सेक्टर 31 और सेक्टर 3 से गुजरते गंदे नाले का पानी यमुना में गिरता है। फरीदाबाद में लगाए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। शहर में स्थित केमिकल फ़ैक्टरियों का गंदा पानी भी इन नालों के जरिए नदी में जा रहा है।

विभिन्न स्थानों पर नदी के पानी में कैडमियम-लेड की मात्रा


स्थान

नदी का पानी

100 मीटर के दायरे में भूजल की स्थिति

ओखला

0.04 एमजी प्रति लीटर

0.03 एमजी प्रति लीटर

फरीदाबाद

0.1 एमजीप्रति लीटर

0.03 एमजी प्रति लीटर

वृंदावन

0.04 एमजी प्रति लीटर

0.03 एमजी प्रति लीटर

मथुरा

0.04 एमजी प्रति लीटर

0.01 एमजी प्रति लीटर

 



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