झारखंड के एक गांव के हर घर में लगा देसी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Submitted by admin on Mon, 07/07/2014 - 12:32
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दैनिक भास्कर, 07 जुलाई 2014

पहले 250 फुट तक नहीं मिलता था पानी, अब एक बूंद भी नहीं होता बर्बाद


झारखंड के परसुडीह का आदिवासी बहुल गांव प्रधान टोला। दो साल तक यहां गर्मी क मौसम में पानी की बेहद कमी हो जाती थी। 250 फुट नीचे बोरिंग करने के बावजूद पानी नहीं मिलता था। आज स्थिति बदल चुकी है। मात्र 70 फीट की खुदाई में ही पानी मिल जाता है। यह कमाल कर दिखाया है यहां के वाशिंदों ने। वह भी अपने तरीके से विकसि किए गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए। 25-30 घरों वाली इस आदिवासी बहुल बस्ती का हर शख्स बूंद-बूंद पानी बचाता है।

ऐसे संजोई जाती हैं बारिश की बूंदें


छत से पाइप लाइन उतारी गई है, जिसके जरिए बारिश का पानी टैंकों में जमा होता है। टैंक के अंदर जाली लगी है, जिससे पानी छनकर कुएं में जमा होता है। वाटर हार्वेस्टिंग से जलस्तर लगातार ऊपर आ रहा है। बरसात के दिनों में हर दिन इस सिस्टम से 20 हजार लीटर पानी की बचत की जा रही है। मूसलाधार बारिश होने पर यह आंकड़ा तीस हजार लीटर तक पहुंच जाता है।

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