महाशक्ति पर भारी ‘सैंडी’

Submitted by birendrakrgupta on Mon, 07/28/2014 - 15:35
Source
चौथा संसार, 2 नवम्बर 2012

क्या होता है सैंडी


अमेरिका में सैंडी तूफान के कारण 8 करोड़ लोग प्रभावित हो गए हैं। 144 प्रति किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ रहे इस तूफान ने हजारों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। आओ जानते हैं कि क्या है अमेरिका का सैंडी तूफान। चक्रवाती तूफान सैंडी एक उष्णकटिबंधीय चक्रीय आंधी है। किसी भी उष्णकटिबंधीय तूफान को चक्रवाती तूफान की श्रेणी में तब गिना जाने लगता है जब उसकी गति कम से कम 74 मील प्रति घंटे पहुंच जाती है। यह पहले ही कैरिबियाई क्षेत्र के जमैका, क्यूबा, हैती और बहामा के द्वीपों पर अपना कहर ढा चुकी है। इसमें इतनी ऊर्जा पैदा करने की क्षमता होती है जितनी कि 10,000 परमाणु बम कर सकते हैं। चक्रवाती तूफान की कुंडली कोरियोलिस इफेक्ट की वजह से होती है, जिसका संबंध धरती के घूमने से है। फिलहाल इसकी शुरुआत कैरिबियाई सागर से 22 अक्टूबर के आसपास हुई थी, लेकिन दो दिनों के बाद ही इसकी गति में इतनी तेजी आ गई कि इसे चक्रवाती तूफान की श्रेणी में गिना जाने लगा। अब तक 69 से अधिक लोगों को लील चुका है यह चक्रवाती तूफान।

सैंडी एक बेहद ही खतरनाक और विनाशकारी चक्रवाती तूफान है। ये है टोरनेडो तूफान, जिसे सैंडी नाम दिया गया है। ये हवा से बनी एक सुरंग के जैसा दिखता है। घर, मकान, गाड़ियां जो भी रास्ते में आती हैं इसके अंदर समाती जाती हैं। अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को ये तूफान तबाह कर देता है। चाहे वो मकान ही क्यों न हो।

क्या कारण हैं इस महातूफान के


मौसम विश्लेषकों के अनुसार आर्कटिक की तीव्र वायुधाराओं और तटीय आर्द्र वायु प्रवाह के मिलन से उत्पन्न हुए इस महातूफान के कारण कुछ इलाकों में 12 इंच तक मूसलाधार वर्षा हो सकती है और अंदरूनी इलाकों में जबरदस्त हिमपात होने की संभावना है। मौसम विभाग के तूफान केन्द्र के अनुसार महातूफान का केन्द्र आज सुबह नॉर्थ केरोलीना प्रांत के तट पर से 420 किलोमीटर दूर स्थित था और यह 17 किलोमीटर की गति से अमेरिकी तट की ओर बढ़ रहा है। हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक है जबकि इसका दायरा 1670 किलोमीटर से अधिक का हे। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तूफान के और तेज होने की संभावना नहीं है मगर इसका दायरा बढ़ने की संभावना है।

कैसे मचाता है तबाही?


अमेरिका में जिस सैंडी तूफान ने खौफ पैदा कर दिया है। उसके आगे हर कोई बेबस नजर आ रहे है। आखिर क्या होता है सैंडी तूफान। कैसे ये इतना खतरनाक बन जाता है कि रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहसकर दे। कैसे ये तूफान कई किलोमीटर तक चंद घंटों में भयंकर तबाही मचा सकता है। सैंडी एक बेहद ही खतरनाक और विनाशकारी चक्रवाती तूफान है। ये है टोरनेडो तूफान, जिसे सैंडी नाम दिया गया है। ये हवा से बनी एक सुरंग के जैसा दिखता है। घर, मकान, गाड़ियां जो भी रास्ते में आती हैं इसके अंदर समाती जाती हैं। अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को ये तूफान तबाह कर देता है। चाहे वो मकान ही क्यों न हो। आमतौर पर इस तरह के बवंडर अमेरिका में कई बार आते हैं। लेकिन इस बार ये तूफान एक बड़े इलाके में और विनाशकारी शक्ल अख्तियार कर चुका है।

इस तरह का बवंडर हवा के भारी दबाव और बादलों के कई सतहों के संपर्क से बनता है। सूरज की गर्मी से जब गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडे बादलों में जाती है तो तेजी से ऊपर उठती है और घूमने लग जाती है। और फिर पानी, धूल और मिट्टी की धारनुमा लकीर आसमान से बनती है। यही नहीं तूफान के दरम्यान बवंडर के अंदर बिजली भी बनती है, जिसकी वजह से ये अपने आसपास इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड बना देती है। जिसकी वजह से धरातल पर मौजूद चीजें मसलन पानी का तालाब, झील या नदी का पानी भी ऊपर खिंचने लगता है और आसपास भयंकर बारिश भी होने लगती है।

ज्यादातर मामलों में इस तरह के तूफान की गति 64 किमी प्रति घंटे तक होती है, लेकिन सैंडी तूफान इस समय 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। यही नहीं इस तरह के बवंडर अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर आते है लेकिन ज्यादातर तबाही ये अमेरिका, दक्षिणी कनाडा, दक्षिण मध्य और पूर्वी एशिया, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी यूरोप, पश्चिमी और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में मचाते हैं। इससे बचने का सिर्फ एक ही उपाय है कि बवंडर की चेतावनी मिलते ही आप वो इलाका छोड़कर चले जाएं।

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