नदियों, जलस्रोतों को बचाना नैतिक जिम्मेवारी

Submitted by RuralWater on Wed, 03/18/2015 - 12:23

मुख्यमन्त्री ने किया हरमू नदी के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य का शिलान्यास

 


हरमू नदी के जीर्णोद्धार के लिये शिलान्यास करते मुख्यमन्त्री रघुवर दासराँची। मुख्यमन्त्री श्री रघुवर दास ने आज हरमू नदी के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य का शिलान्यास करते हुए कहा कि लोकतन्त्र की शक्ति जनता में निहित है। लोकतन्त्र की मूलभूत पहलू है जागते रहना और लोगों को अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक करना। नदियों, जलस्रोतों को बचाना हम सब की नैतिक जिम्मेवारी है।

राँची शहर के लिए हरमू नदी को बचाना होगा। उन्होंने राँची शहर को सुन्दर-स्वच्छ बनाने में सभी लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हरमू नदी के जीर्णोद्धार कार्य में सभी लोग सहभागी बनें तथा सामुदायिक तौर पर नदी के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्यों की निगरानी करें।

उन्होंने हरमू नदी के अस्तित्व की रक्षा हेतु मीडिया द्वारा चलाए गए अभियान की सराहना करते हुए कहा कि हरमू नदी के संरक्षण हेतु आगे आए जनसंगठनों का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने विद्यानगर के करम चौक पर हरमू नदी के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य की शुरूआत किया।

हरमू नदी राँची शहर की लाईफलाइन है इस नदी का संरक्षण आवश्यक है। राँची को राजधानी के अनुरूप व्यवस्थित एवं आकर्षक शहर बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। राँची शहर को साफ एवं सुन्दर बनाने में सिर्फ सरकार ही नही बल्कि यहाँ के आमजनों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है।

झारखण्ड राज्य के पारम्परिक जलस्रोतों, नदियों, तालाबों, झरनों को बचाना है एवं यहाँ की पारिस्थितिकी को संरक्षित रखना है। इसके लिए नदियों तालाबों की सार्वजनिक-सामुदायिक जमीन के अवैध कारोबार करने वाले लोगों पर लगाम कसी जा रही है। जमीन से जुड़े सारे कागज़ात-दस्तावेज़ आॅनलाईन किए जा रहे हैं।

आॅनलाईन दाखिल-खारिज को अभियान के तौर पर लिया गया है ताकि भूमि से सम्बन्धित मामलों में अनावश्यक विवाद नहीं पैदा हो और सीधे-साधे लोग इस राज्य में ज़मीन माफ़िया के ठगी के शिकार न हों। हरमू नदी को अपने स्वरूप में लाने के लिए हो सकता है कि अवैध कब्जा धारियों को अपनी जगह से हटना पड़े। बेघरों को घर देना सरकार की जिम्मेदारी है। राँची के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु अगर किन्ही परिवारों को विस्थापित होना पड़े तो सरकार पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था करेगी तभी वे विस्थापित होंगे।

मुख्यमन्त्री श्री दास ने कहा कि आज का दिन राँचीवासियों के लिए महत्वपूर्ण दिन है। हरमू नदी का जीर्णोद्धार एवं संरक्षण का कार्य आज से शुरू हो रहा है जिसका इन्तजार लोगों को पिछले कई वर्षों से था। उन्होंने कहा सरकार का काम विकास योजनाओं की नीति बनाना है लेकिन विकास कार्यों का कार्यान्वयन की देख-रेख करना आमजनों की जिम्मेदारी है।

विकास कार्यों में आमजनों का सहयोग आवश्यक है। राज्य में होने वाले विकास कार्य समय सीमा के अन्दर पूरे हो यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा राज्य की जनता तीव्र विकास चाहती है और सरकार उनके विश्वास और उम्मीद पर खरा उतरेगी। उन्होंने कहा राज्य में पारदर्शी सुशासन देने के लिए सरकार कटिबद्ध है। आने वाले पाँच वर्षों में झारखण्ड राज्य के शहर एवं गाँवों को विकसित करना सरकार का लक्ष्य है। गाँवों एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी आदि मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

हरमू नदी के जीर्णोद्धार के लिये शिलान्यास करते मुख्यमन्त्री रघुवर दासहरमू नदी के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य के शिलान्यास के मौके पर राज्य के नगर विकास मन्त्री श्री सी.पी. सिंह ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि 30 महीने बाद इसका उद्घाटन भी होगा।

उन्होंने कहा राज्य सरकार चाहती है कि विकास कार्य तीव्र गति से हों। हरमू नदी के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य सरकार के द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ राँची और सुन्दर राँची का निर्माण करना सरकार का लक्ष्य हैै। उन्होंने कहा मैं उन्हें धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने हरमू नदी बचाओ आन्दोलन में संघर्ष किया आज इसी संघर्ष का परिणाम हम सब के सामने है। हरमू नदी को पुराने स्वरूप में लाने के लिए राज्य सरकार 85 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

शिलान्यास के अवसर पर हटिया के विधायक श्री नवीन जायसवाल, कांके विधायक डॉ. जीतूचरण राम, उप महापौर श्री संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त श्री प्रशान्त कुमार सहित सम्बन्धित विभाग के वरीय अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। राँची की महापौर श्रीमती आशा लकड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने आगत अतिथियों का स्वागत किया।
 

 

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