फ्लोराइड के कहर से निपटने के लिए लगेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

Submitted by Hindi on Fri, 07/03/2015 - 16:37

राँची। पलामू के चुकरू गाँव के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से लोगों के विकलांग होेने के मामले को मुख्यमन्त्री रघुवर दास ने गम्भीरता से लिया है। मुख्यमन्त्री ने घोषणा की कि गढ़वा, लातेहार में लगाया जायेगे। उन्होंने इस पर शीघ्र काम शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा लोगों को हर कीमत पर शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाए। वे सूचना भवन स्थित कांफ्रेंस हाॅल में आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में सभी जिला के उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान बोल रहे थे।

गौरतलब है कि पलामू जिला झारखंड का नक्सल प्रभावित है। इस जिले के चुकरू गाँव के कई टोले ऐसे हैं, जहाँ लोग विकलांग हो रहे हैं। नौटीका टोला ऐसा ही गाँव है। इस गाँव के पानी में फ्लोराइड की मात्रा इतनी ज्यादा है कि बच्चे विकलांग ही पैदा होते हैं। करीब 40 सालों से इस गाँव की यही दास्तान है। जहरीले पानी के दंश से कई घरों में अब कोई नहीं बचा। 25–30 लोग पानी की वजह से मर चुके हैं। काम सिर्फ इतना हुआ है कि चापानलों में लाल निशान लगा दिया गया है, जो ये इशारा करती है कि पानी जहरीला है।

झारखण्ड विधानसभा में पेयजल एवं स्वच्छता मन्त्री चन्द्रप्रकाश चौधरी ने स्वीकार किया था कि विभिन्न जल स्रोतों की जाँच के क्रम में गढ़वा, पलामू में फ्लोराइड की मात्रा अनुमान्य सीमा 1.5 पी.पी.एम से अधिक ​कतिपय स्रोतों में पाई गई है। जबकि साहिबगंज में आर्सेनिक की मात्रा कतिपय स्रोत पर अनुमान्य सीमा 0.01 पीपीएम से अधिक पाई गई है। इसके अतिरिक्त राजधानी राँची के कई इलाकों में आर्सेनिक की मात्रा भी अधिक है। नगर निगम ने इस पानी को नहीं पीने को कहा है।

मुख्यमन्त्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पानी का संकट दूर करने का निर्देश दिया। खराब चापानलों को ठीक करें और मृत को बदलें। साथ ही नया चापानल लगाएँ। सरकार के पास कोष की कमी नहीं है। आपदा प्रबन्धन की राशि से भी यह काम कराया जा रहा है। इसमें वक्त लगेगा। सरकार हर कीमत पर लोगों को शुद्ध पानी पिलायेगी। ग्रामीण इलाकों में भी पाइप लाइन से पानी पिलाने की तैयारी की जा रही है। एक-दो साल में गाँवों में भी लोगों को पाइप से पानी की सप्लाई की जाएगी।

मुख्यमन्त्री श्री रघुवर दास ने कहा है कि जन संवाद केन्द्र में प्राप्त शिकायतों का समाधान तीव्र गति से किया जा रहा है, जिसके लिए जिला एवं विभागीय स्तर के पदाधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारी ही नहीं बल्कि कर्मयोगी है जिनकी वजह से जनता की समस्याओं के निष्पादन की दिशा में समन्वय बिठाकर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकतन्त्र में जनता स्वामी है, तन्त्र पर जनता का विश्वास रहे, इसके लिए शीघ्रता से काम करना बहुत जरूरी है। जनता को संवेदनशील और एक जिम्मेदार प्रशासन दें और समस्याओं के निदान की दिशा में काम करें। श्री दास ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि जिलों की छोटी-छोटी समस्याओं को अपने स्तर पर सुलझायें और उसकी रिपोर्ट तैयार कर विभाग और जन संवाद केन्द्र को प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास, सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड देने की है इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं कोताही न बरतें।

श्री दास ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सप्ताह में एक दिन संथाल परगना के ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण करें क्योंकि पाकुड़, साहेबगंज और दुमका जैसे इलाकों में ज्यादातर जन वितरण की दुकानों से सम्बन्धित शिकायतें आ रही है, बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीते 14 साल में संथाल परगना को नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों के सिंडिकेट ने सिर्फ लूटने का काम किया है, हमेशा ही संथाल परगना को नजरअंदाज किया जाता है, इसलिए उस इलाके के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

आज सीधी बात कार्यक्रम में कुल 26 शिकायतों को रखा गया जिनमें से 25 शिकायतों का निष्पादन किया गया। श्री दास ने चापानल, बिजली से सम्बन्धित शिकायतों को अविलम्ब निष्पादन करने का आदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमन्त्री ने देवघर, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, साहेबगंज, पाकुड़, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, लातेहार, चतरा, राँची की समस्याओं के सन्दर्भ में सभी जिला के उपायुक्तों से सीधी बात की। गढ़वा जिला से कुल पाँच शिकायतों का निष्पादन किया गया।

सीधी बात करने के दौरान मुख्यमन्त्री ने गढ़वा के निषक्तः अरविन्द कुमार को शिक्षा के लिए 10 हजार रुपये की राशि विवेकानुदान से देने की घोषणा की। अरविन्द कुमार ने वर्ष 2013 में मैट्रिक की परीक्षा में 87.4 अंक लाकर जिले में 3 स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावे हजारीबाग के केरेडारी के अयूब तिर्की की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमन्त्री ने आरक्षी अधीक्षक को अयूब के परिजनों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमन्त्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार ने बताया कि दो महीने में जन संवाद केन्द्र में कुल 50 हजार 456 काॅल किये गये जिसमें 7 हजार 144 शिकायतें दर्ज की गयी। इसके अलावा 8 हजार 84 लोगों ने 181 पर काॅल कर कुल 5 हजार 851 शिकायतें दर्ज कराई हैं। प्राप्त शिकायतों को वर्गीकृत कर समाधान किया जा रहा है।

प्रधान सचिव श्री संजय कुमार ने बताया कि दो माह पूर्व जन संवाद केन्द्र की शुरूआत जन ​शिकायतों के निष्पादन में तीव्रता लाने के मकसद से शुरू की गयी थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य के विकास की परिकल्पना को साकार करने के लिए टीम वर्क की भावना से सभी स्तर पर काम किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य रूप से विकास आयुक्त श्री आर. एस. पोद्दार, पुलिस महानिदेशक श्री डी. के. पांडेय, समाज कल्याण विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती मृदुला सिन्हा, कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री के.के. सोन, सचिव, मानव संसाधन विभाग की सचिव श्रीमती आराधना पटनायक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव श्री विनय चौबे समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सूचना तकनीक विभाग के सचिव श्री सुनील वर्णवाल ने किया।
 

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