बच्चों ने रखी तालाब पर ‘स्वच्छता की पाठशाला’

Submitted by RuralWater on Tue, 12/15/2015 - 11:51
1. एसडीएम एवं नागरिकों से पूछे तीखे सवाल
2. नुक्कड़ नाटक कर पढ़ाया स्वच्छता का पाठ


इस बार बच्चों ने एक दिन पूर्व तालाब के चारों ओर रहने वाले नागरिकों के घरों में जाकर उन्हें स्वच्छता की पाठशाला में आने का आमंत्रण दिया और उनको बताया कि स्वच्छता की पाठशाला में प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद होंगे आप उनसे अपने प्रश्नों को भी पूछ सकते हैं। स्वच्छता की पाठशाला में नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों का जमावड़ा हुआ लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का अपेक्षित आना नहीं हुआ। तालाब की गन्दगी के साम्राज्य को जड़ से ख़त्म करने को तालाब पर ही एमएल कॉन्वेंट के स्कूली बच्चों ने स्वच्छता की पाठशाला की दूसरी कक्षाको लगा नगर के नागरिकों, बुद्धिजीवियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से तीख़े सवाल उन्हें हतप्रभ कर दिया। सवालों से घिरे नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों ने आश्वासन दिया कि वह तालाब को स्वच्छ रखेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी मदद देने को कहा।

बुन्देलखण्ड के जालौन जनपद के ऐतिहासिक जालौन नगर में एक समय ऐसा था जब 36 तालाब हुआ करते थे लेकिन आज सभी तालाबों पर कमोबेश अतिक्रमण है और जो तालाब अच्छी स्थिति में हैं उन तालाबों पर गन्दगी का साम्राज्य है।

तालाबों की दशा देख एम एल कॉन्वेंट के युवा प्रबन्धक गौरव कस्तवार के मन में प्रश्न आया कि तालाबों की गन्दगी का साम्राज्य कैसे खत्म किया जाये और उन्होंने इसकी ध्वज पताका अपने स्कूली बच्चों के हाथ में यह सोच कर थमा दी कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अविभावक ने यदि बच्चों की बात को नज़रअन्दाज़ नहीं किया तो बड़ी सफलता मिल सकती है।

इस सोच को उन्होंने आगे बढ़ा दिया और बच्चों से ही सवाल किया कि वह तालाबों को कैसा देखना चाहते हैं जो उत्तर आना था सभी जानते थे। तब उन्होंने बच्चों से कहा कि गन्दगी के इस साम्राज्य को हटाने के प्रयास हम सभी को मिलकर करना होगा जिसके लिये वो सहर्ष तैयार हो गए और शुरू हुई स्वच्छता की पहली पाठशाला बच्चों ने 14 नवम्बर को बाल दिवस को स्कूल के प्रांगण में रखी जिसके परिणाम बेहद अच्छे रहे।

सफलता को देख बच्चों के हौसले बढ़े उन्होंने दूसरी स्वच्छता की पाठशाला को एक ऐसा तालाब चुना जो बहुत बड़ा होने के साथ ही नगर के मध्य स्थित है और उसमें चारों ओर से नागरिकों द्वारा गन्दगी फेंकी जा रही है।

इस बार बच्चों ने एक दिन पूर्व तालाब के चारों ओर रहने वाले नागरिकों के घरों में जाकर उन्हें स्वच्छता की पाठशाला में आने का आमंत्रण दिया और उनको बताया कि स्वच्छता की पाठशाला में प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद होंगे आप उनसे अपने प्रश्नों को भी पूछ सकते हैं।

स्वच्छता की पाठशाला में नागरिकों एवं बुद्धिजीवियों का जमावड़ा हुआ लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का अपेक्षित आना नहीं हुआ। पाठशाला में एसडीएम ने सवालों के बेबाकी से जवाब दिये उन्होंने आश्वासन दिया कि तालाब को संरक्षित किया जाएगा साथ ही प्रधानी के चुनाव बाद तालाब को सुन्दर बनाया जाएगा।

बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए स्वच्छता का महत्त्व बताया। पाठशाला में पर्यावरण मित्र ब नाए गए जिन्होंने पर्यावरण संकल्प लिया। स्कूल प्रबन्धक गौरव कस्तवार ने बताया कि सफलता को देखते हुए बच्चों के हौसले बेहद बढ़े हुए हैं अगर सब कुछ ठीक रहा तो वह नगर में स्वच्छता की अलख जगा नगर के तालाबों को स्वच्छ बनाने के साथ ही नगर की गन्दगी सड़कों पर न आये नागरिकों को समझाने में सफल हो जाएँगे।

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