महानदी के तट पर बनी झील, किसानों के लिये वरदान

Submitted by Hindi on Sat, 05/20/2017 - 12:01
Source
राजस्थान पत्रिका, 16 मई, 2017

बिरकोनी के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, एसएस गौतम के अनुसार खदान में इतने जलस्रोत हैं कि एक हजार एचपी का मोटर चलाने पर भी पानी कम नहीं होगा। खदान में उच्च क्षमता का मोटरपम्प लगाकर बिरकोनी से बड़गाँव की ओर जाने वाली नहर में पानी गिराया जाए तो करीब तीन हजार एकड़ खेतों को दोनों फसलों के लिये भरपूर पानी मिल सकता है।महासमुंद। जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर महानदी के तट पर बरबसपुर और घोड़ारी गाँव के बीच एक झील बन गई है। यह बनी नहीं, बनाई गई है। फोरलेन सड़क निर्माण में कंक्रीट की पूर्ति के लिये फोरलेन कम्पनी ने इतने बड़े पैमाने पर पत्थर उत्खनन किया है कि यहाँ करीब 1300 फीट लम्बी, 200 फीट चौड़ी और करीब 150 फीट गहरी झीलनुमा विशाल खदान बन गई है। इस खदान में सैकड़ों भूगर्भीय जलस्रोतों का संगम हो रहा है। पानी का भंडार समेटे यह खदान क्षेत्र की प्यासी धरती के लिये वरदान साबित हो सकती है। कोडार सिंचाई कमांड के अन्तिम छोर में पड़ने के कारण ग्राम घोड़ारी, बरबसपुर, बड़गाँव, अछरीडीह, नयापारा तक कोडार बाँध का पानी पर्याप्त रूप से नहीं पहुँच पाता। इन गाँवों के सैकड़ों किसान खरीफ की एक मात्र फसल भी बमुश्किल ले पाते हैं। महानदी के इन तटीय गाँवों की धरती पानी के लिये हमेशा तरसती रही है। अब इन गाँवों के किसानों को एक नई उम्मीद नजर आ रही है। झीलनुमा फोरलेन कम्पनी की खदान भीषण गर्मी में भी साफ पानी से लबालब है। भीषण गर्मी में भी पानी कम नहीं हुआ है।

जानकारों का कहना है कि करीब डेढ़ सौ फीट गहरी इस खदान में सैकड़ों भूगर्भीय जलस्रोत हैं। यानी सैकड़ों नलकूपों के बराबर यह एक खदान है, जिसमें पानी का विपुल भण्डार है। यदि हजार एचपी का मोटर चले तब भी इसका पानी कम नहीं होगा। इस खदान की विपुल जलराशि के उपयोग का तंत्र खड़ा कर दिया जाए तो क्षेत्र के बरबसपुर, बड़गाँव, बिरकोनी, घोड़ारी, अछरीडीह, नयापारा करीब तीन हजार एकड़ खेतों को दोनों फसलों के लिये भरपूर पानी मिल सकता है। इसका प्रस्ताव प्रशासन को पंचायतों द्वारा भेजा जा रहा है।

बिरकोनी के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, एसएस गौतम के अनुसार खदान में इतने जलस्रोत हैं कि एक हजार एचपी का मोटर चलाने पर भी पानी कम नहीं होगा। खदान में उच्च क्षमता का मोटरपम्प लगाकर बिरकोनी से बड़गाँव की ओर जाने वाली नहर में पानी गिराया जाए तो करीब तीन हजार एकड़ खेतों को दोनों फसलों के लिये भरपूर पानी मिल सकता है। हमने प्रशासन के उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया है। कृषि विभाग, जलसंसाधन विभाग, खनिज विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी मौके का अवलोकन भी कर चुके हैं।

हमारी पंचायत ने प्रशासन को प्रस्ताव दिया है कि खदान को पाटा नहीं दिया जाए और इसे सिंचाई साधन के रूप में विकसित किया जाए। -बलीराम निषाद, संरपंच बरबसपुर

बिरकोनी ग्रामवासियों की ओर से प्रशासन को सोमवार को आवेदन दिया जाएगा। खदान का पानी किसानों को मिलेगा तो क्षेत्र के लिये वरदान होगा। -टूपसिंह निषाद, सरपंच बिरकोनी

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