ड्रिप सिंचाई तकनीक से तैयार हो रहा दिल्ली का पहला वर्टिकल गार्डेन

Submitted by Hindi on Fri, 01/12/2018 - 12:32
Printer Friendly, PDF & Email
Source
नवोदय टाइम्स, 12 जनवरी, 2018

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर जहाँ तेज रफ्तार में गाड़ियों के दौड़ने के लिये सड़क तैयार की जा रही है। वहीं पर्यावरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पहले फेज में वर्टिकल गार्डन बनाने का काम आरम्भ करने के अलावा चौथे चरण में हरित कॉरिडोर भी विकसित करने की योजना है। डासना से मेरठ के बीच यह कॉरिडोर बनाने की योजना है। जिसमें सड़क के दोनों तरफ हरे-भरे पेड़ और हरियाली होगी।

नई दिल्ली : निर्माण के दौरान हरियाली को होने वाले नुकसान की भरपाई के साथ-साथ एनएचएआई ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर वर्टिकल गार्डेन बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। एनएचएआई का दावा है कि यमुना ब्रिज पर तैयार होने वाला यह गार्डेन दिल्ली का पहला ऐसा गार्डेन होगा, जिसमें ड्रिप सिंचाई तकनीक को अपनाया जा रहा है। इस तकनीक से न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि पौधों में भी अतिरिक्त नमी के कारण होने वाली खराबी को रोका जा सकेगा। यमुना ब्रिज पर वर्टिकल गार्डन विकसित करने का कार्य बृहस्पतिवार से आरम्भ हो गया। बताया जाता है कि करीब 40 हजार से अधिक पौधों को प्रथम चरण में लगाने की योजना है।

गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान अक्षरधाम के समीप विशेष किस्म के काँच की दीवार को फ्लाईओवर पर लगाकर शोर व प्रदूषण कम करने की योजना अपनाई गई थी। उस समय करीब बीस करोड़ रुपये का खर्च सौन्दर्यीकरण और इस तरह के काँच की दीवार को बनाने के दौरान हुआ था।

एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एक्सप्रेस वे पर पहली बार वर्टिकल गार्डेन तैयार किया जा रहा है। साथ ही ड्रिप सिंचाई तकनीक को भी इसमें अपनाया जायेगा। यमुना ब्रिज के दोनों तरफ यह वर्टिकल गार्डेन बनाया जा रहा है। जिसमें पौधों को इस प्रकार से लगाया जायेगा, जिससे वह हरित दीवार के रूप में नजर आएँगे। इस योजना को एक्सप्रेस वे पर कई अन्य स्थान पर भी अपनाने का विचार हो रहा है लेकिन शुरुआत में इसे यमुना ब्रिज पर ही अमल में लाया जा रहा है। निर्माण के दौरान लगभग 1228 पौधों को जीवित उखाड़कर दूसरे स्थान पर लगाने के काम को पहले ही अंजाम दिया जा चुका है। निर्माण कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। शीघ्र ही इसे विधिवत रूप से लोगों के लिये शुरू कर दिया जायेगा। अधिकारी के अनुसार ड्रिप सिंचाई में पानी तेज धार के स्थान पर जरूरत के मुताबिक पौधों को मिलता है। इससे पानी सड़क पर नहीं बहता है और पौधों में जरूरी नमी बनी रहती है। पानी की बर्बादी और पौधों पर अतिरिक्त नमी के कारण होने वाले नुकसान को इस विधि से रोका जा सकता है।

हरित कॉरिडोर भी होगा एक्सप्रेस वे पर विकसित


दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर जहाँ तेज रफ्तार में गाड़ियों के दौड़ने के लिये सड़क तैयार की जा रही है। वहीं पर्यावरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पहले फेज में वर्टिकल गार्डन बनाने का काम आरम्भ करने के अलावा चौथे चरण में हरित कॉरिडोर भी विकसित करने की योजना है। डासना से मेरठ के बीच यह कॉरिडोर बनाने की योजना है। जिसमें सड़क के दोनों तरफ हरे-भरे पेड़ और हरियाली होगी। थकान मिटाने और कुछ देर विश्राम करने के लिये मोटल-रेस्टोरेंट भी इको फ्रेंडली तकनीक पर बनाने की योजना है। हालाँकि अभी चौथे चरण के निर्माण में टेंडर की प्रक्रिया के कारण कुछ समय और लग सकता है लेकिन एनएचएआई की योजना के अनुसार डासना से मेरठ के बीच यह हरित कॉरिडोर भी ने वाले समय में एक्सप्रेस वे पर अनूठे प्रोजेक्ट के रूप में पहचान कायम करेगा।

Add new comment

This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

1 + 4 =
Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4.

More From Author

Related Articles (Topic wise)

Related Articles (District wise)

About the author

Latest