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खासम-खास

मांडू का जल प्रबन्ध

Submitted by editorial on Thu, 09/13/2018 - 17:29
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
सागर तालाबसागर तालाब (फोटो साभार - अभिषेक जायसवाल)मांडू में जल संरचनाओं का विकास परमार राजाओं, सुल्तानों और मुगल शासकों ने किया। उनके पास विकल्प के तौर पर केवल बरसात का पानी था। पानी की उसी मात्रा की उचित व्यवस्था पर मांडू का भविष्य निर्भर था। इस कारण उसे तालाबों में संचित करने का सारा काम समझदारी का परिचय देते हुए पूरी तकनीकी दक्षता से किया गया।

Content

मछलियों के बदले मिलेगा प्लास्टिक

Submitted by editorial on Sat, 06/09/2018 - 14:54
Author
राकेश रंजन


विश्व पर्यावरण दिवस, 05 जून, 2018 पर विशेष

विश्व पर्यावरण दिवसविश्व पर्यावरण दिवस यह ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ हमारे लिये खास है क्योंकि इसकी मेजबानी इस बार भारत के कन्धों पर है। इस वर्ष का थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ (Beat Plastic Pollution) पर आधारित है। इस थीम का मूल उद्देश्य सिंगल यूज्ड (Single Used) प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना है जो समुद्री सतह पर प्लास्टिक कचरे के जमाव का मूल कारण है।

जैव विविधता है भारत की धरोहर

Submitted by editorial on Sat, 06/09/2018 - 13:18
Author
प्रमोद भार्गव


अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, 22 मई 2018 पर विशेष

जैवविविधताजैवविविधता (फोटो साभार - आस्कआईआईटीयन्स)जिस तरह से आज पूरी दुनिया वैश्विक प्रदूषण से जूझ रही है और कृषि क्षेत्र में उत्पादन का संकट बढ़ रहा है, उससे जैवविविधता का महत्त्व बढ़ गया है। लिहाजा, हमें जैविक कृषि को बढ़ावा देने के साथ ही बची हुई प्रजातियों के संरक्षण की जरूरत है क्योंकि 50 से अधिक प्रजातियाँ प्रतिदिन विलुप्त होती जा रही हैं।

सावधान अब और भी घातक हो सकता है डेंगू

Submitted by RuralWater on Mon, 05/07/2018 - 18:42
Author
राकेश रंजन


एडीज एजिप्टीएडीज एजिप्टी (फोटो साभार - विकिपीडिया)यदि आपके पति डेंगू से ग्रसित हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि यह आपको भी प्रभावित कर सकता है। जी हाँ ऐसा सम्भव है। पिछले दिनों ब्रिटेन में जब डेंगू से ग्रसित इटैलियन आदमी के सीमेन का परीक्षण किया गया तो उसमें डेंगू के वायरस पाये गए। डेंगू के मरीज के सीमेन में इस बीमारी के वायरस पाये जाने की विश्व में यह पहली घटना है।

प्रयास

आदिवासियों ने सहेजे माता नु वन

Submitted by editorial on Mon, 09/03/2018 - 14:32
Author
मनीष वैद्य
आदिवासियों के प्रयास से हरा-भरा हुआ जंगलआदिवासियों के प्रयास से हरा-भरा हुआ जंगलमध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में अपढ़ समझे जाने वाले आदिवासी समाज ने अपने जंगल को सहेजकर पढ़े-लिखे समाज को एक बड़ा सन्देश दिया है। जिले के 110 गाँवों में खुद आदिवासियों ने अपने बूते आसपास के जंगलों को न सिर्फ सहेजा, बल्कि वहाँ 41 हजार नए पौधों को रोपकर घना जंगल खड़ा करने के लिये भी जतन शुरू कर दिया है।

नोटिस बोर्ड

हिमालय में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर एकदिवसीय कार्यशाला

Submitted by editorial on Fri, 09/14/2018 - 18:39
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
दिनांक- 15 सितम्बर 2018,
स्थान - मसीही ध्यान केन्द्र, राजपुर, देहरादून
समय - 10-05 बजे तक
दिन - शनिवार

विषय - उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर अध्ययन रिपोर्ट के प्रस्तुतिकरण एवं एक दिवसीय कार्यशाला हेतु सादर निमंत्रण


माउंटेन फोरम हिमालय (mountain forum himalayas - MFH) विगत पन्द्रह वर्षों से पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड और हिमाचल में स्थानीय स्वशासन में महिलाओं, वंचित वर्ग और आमजन की भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थानीय समुदाय, ग्राम स्तरीय संगठन, स्वयंसेवी संगठन के साथ ही सरकार के भी सहयोग ले रही है। एम.एफ.एच. द्वारा समय-समय पर पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता का विकास, पंचायतों का सूक्ष्म नियोजन एवं चुनाव पूर्व मतदाता जागरुकता अभियान जैसी गतिविधियों के माध्यम से राज्य की पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य पिछले काफी सालों से किया जाता रहा है।

युवा वैज्ञानिकों के लिये विज्ञान संचार से जुड़ने का अवसर

Submitted by editorial on Mon, 08/13/2018 - 17:18
Author
उमाशंकर मिश्र
Source
इंडिया साइंस वायर, 13 अगस्त, 2018
विज्ञान संचारकविज्ञान संचारक (फोटो साभार - अवसर) नई दिल्ली। विज्ञान को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाने के लिये अब युवा वैज्ञानिकों का सहारा लिया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस सम्बन्ध में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा की है।

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मांडू का जल प्रबन्ध

Submitted by editorial on Thu, 09/13/2018 - 17:29
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कृष्ण गोपाल 'व्यास’
सागर तालाबसागर तालाब (फोटो साभार - अभिषेक जायसवाल)मांडू में जल संरचनाओं का विकास परमार राजाओं, सुल्तानों और मुगल शासकों ने किया। उनके पास विकल्प के तौर पर केवल बरसात का पानी था। पानी की उसी मात्रा की उचित व्यवस्था पर मांडू का भविष्य निर्भर था। इस कारण उसे तालाबों में संचित करने का सारा काम समझदारी का परिचय देते हुए पूरी तकनीकी दक्षता से किया गया।

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मछलियों के बदले मिलेगा प्लास्टिक

Submitted by editorial on Sat, 06/09/2018 - 14:54
Author
राकेश रंजन


विश्व पर्यावरण दिवस, 05 जून, 2018 पर विशेष

विश्व पर्यावरण दिवसविश्व पर्यावरण दिवस यह ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ हमारे लिये खास है क्योंकि इसकी मेजबानी इस बार भारत के कन्धों पर है। इस वर्ष का थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ (Beat Plastic Pollution) पर आधारित है। इस थीम का मूल उद्देश्य सिंगल यूज्ड (Single Used) प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना है जो समुद्री सतह पर प्लास्टिक कचरे के जमाव का मूल कारण है।

जैव विविधता है भारत की धरोहर

Submitted by editorial on Sat, 06/09/2018 - 13:18
Author
प्रमोद भार्गव


अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, 22 मई 2018 पर विशेष

जैवविविधताजैवविविधता (फोटो साभार - आस्कआईआईटीयन्स)जिस तरह से आज पूरी दुनिया वैश्विक प्रदूषण से जूझ रही है और कृषि क्षेत्र में उत्पादन का संकट बढ़ रहा है, उससे जैवविविधता का महत्त्व बढ़ गया है। लिहाजा, हमें जैविक कृषि को बढ़ावा देने के साथ ही बची हुई प्रजातियों के संरक्षण की जरूरत है क्योंकि 50 से अधिक प्रजातियाँ प्रतिदिन विलुप्त होती जा रही हैं।

सावधान अब और भी घातक हो सकता है डेंगू

Submitted by RuralWater on Mon, 05/07/2018 - 18:42
Author
राकेश रंजन


एडीज एजिप्टीएडीज एजिप्टी (फोटो साभार - विकिपीडिया)यदि आपके पति डेंगू से ग्रसित हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि यह आपको भी प्रभावित कर सकता है। जी हाँ ऐसा सम्भव है। पिछले दिनों ब्रिटेन में जब डेंगू से ग्रसित इटैलियन आदमी के सीमेन का परीक्षण किया गया तो उसमें डेंगू के वायरस पाये गए। डेंगू के मरीज के सीमेन में इस बीमारी के वायरस पाये जाने की विश्व में यह पहली घटना है।

प्रयास

आदिवासियों ने सहेजे माता नु वन

Submitted by editorial on Mon, 09/03/2018 - 14:32
Author
मनीष वैद्य
आदिवासियों के प्रयास से हरा-भरा हुआ जंगलआदिवासियों के प्रयास से हरा-भरा हुआ जंगलमध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में अपढ़ समझे जाने वाले आदिवासी समाज ने अपने जंगल को सहेजकर पढ़े-लिखे समाज को एक बड़ा सन्देश दिया है। जिले के 110 गाँवों में खुद आदिवासियों ने अपने बूते आसपास के जंगलों को न सिर्फ सहेजा, बल्कि वहाँ 41 हजार नए पौधों को रोपकर घना जंगल खड़ा करने के लिये भी जतन शुरू कर दिया है।

नोटिस बोर्ड

हिमालय में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर एकदिवसीय कार्यशाला

Submitted by editorial on Fri, 09/14/2018 - 18:39
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
दिनांक- 15 सितम्बर 2018,
स्थान - मसीही ध्यान केन्द्र, राजपुर, देहरादून
समय - 10-05 बजे तक
दिन - शनिवार

विषय - उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर अध्ययन रिपोर्ट के प्रस्तुतिकरण एवं एक दिवसीय कार्यशाला हेतु सादर निमंत्रण


माउंटेन फोरम हिमालय (mountain forum himalayas - MFH) विगत पन्द्रह वर्षों से पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड और हिमाचल में स्थानीय स्वशासन में महिलाओं, वंचित वर्ग और आमजन की भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थानीय समुदाय, ग्राम स्तरीय संगठन, स्वयंसेवी संगठन के साथ ही सरकार के भी सहयोग ले रही है। एम.एफ.एच. द्वारा समय-समय पर पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता का विकास, पंचायतों का सूक्ष्म नियोजन एवं चुनाव पूर्व मतदाता जागरुकता अभियान जैसी गतिविधियों के माध्यम से राज्य की पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य पिछले काफी सालों से किया जाता रहा है।

युवा वैज्ञानिकों के लिये विज्ञान संचार से जुड़ने का अवसर

Submitted by editorial on Mon, 08/13/2018 - 17:18
Author
उमाशंकर मिश्र
Source
इंडिया साइंस वायर, 13 अगस्त, 2018
विज्ञान संचारकविज्ञान संचारक (फोटो साभार - अवसर) नई दिल्ली। विज्ञान को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाने के लिये अब युवा वैज्ञानिकों का सहारा लिया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस सम्बन्ध में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता की घोषणा की है।

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