जल भंडारण के आँकड़ों की कवायद

Submitted by editorial on Thu, 07/19/2018 - 18:28
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सैंड्रप


भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्डभाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड यह लेख भारत के विभिन्न जलाशयों में जल उपलब्धता के बारे में की जा रही रिपोर्टिंग के तरीके पर केन्द्रित है जिसमें पर्याप्त सुधार की आवश्यकता है। देश के जलाशयों के बारे में सरकार अथवा मीडिया द्वारा की जाने वाली रिपोर्ट, सेंट्रल वाटर कमीशन (Central Water Commission, CWC) द्वारा हर हफ्ते जारी की जाने वाली बुलेटिन पर आधारित होती है। इस रिपोर्ट में देश के महज 91 जलाशयों में जल की उपलब्धता की सूचना दी जाती है। वहीं राज्यों द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट से 3863 जलाशयों में उपलब्ध पानी के बारे में सूचना प्राप्त होती है।

हालांकि राज्यों द्वारा जारी रिपोर्ट भी देश में जल उपलब्धता की पूरी तस्वीर नहीं पेश कर पाती। कारण है यह रिपोर्ट सिर्फ सतह के ऊपर उपलब्ध जल से सम्बन्धित होती है जिसमें, भूजल एक्वीफर्स, मिट्टी में नमी और बड़ी संख्या में छोटे जलाशयों में उपलब्ध जल से सम्बन्धित आँकड़े शामिल नहीं होते। फिर भी यहाँ यह कहना गलत नहीं होगा कि राज्यों द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट की तुलना में ज्यादा सटीक सूचना देती है।

केन्द्र सरकार

सेंट्रल वाटर कमीशन, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प मंत्रालय (Ministry of Water Resource, River Development and Ganga Rejuvenation) के अन्तर्गत कार्य करता है। यह अपनी वेबसाइट पर साप्ताहिक रिपोर्ट जारी करता है। रिपोर्ट के साथ डिस्क्लेमर भी होता है जिसमें यह लिखा होता है कि दिये गये विवरण राज्यों और परियोजना अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गये विवरण पर आधारित हैं। सेंट्रल वाटर कमीशन द्वारा उपलब्ध कराया गया आँकड़ा 18 राज्यों और 12 नदी बेसिन क्षेत्र पर बने कुल 91 बड़े जलाशयों पर आधारित होता है। इन जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 161.993 बिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके अलावा सीडब्ल्यूसी का फ्लड मॉनिटरिंग और फोरकास्टिंग वेबसाइट, 60 इनफ्लो फोरकास्टिंग साइट्स को भी कवर करता है जो डैम और बाँधों से सम्बन्धित हैं। मानसून के समय ऐसी आशा की जाती है कि वेबसाइट पर हर घंटे का अपडेट उपलब्ध हो लेकिन अमूमन ऐसा हो नहीं पाता है।

राज्य सरकारें

उत्तरी भारत

हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भाखड़ा व्यास प्रबन्ध बोर्ड, भाखड़ा, पोंग और पंडोह डैम के जल-ग्रहण, जल निकास और पानी के लेवल की प्रतिदिन निगरानी के लिये उत्तरदायी है। इन तीनों डैम की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 16.162 बिलियन क्यूबिक मीटर है जिसमें भाखड़ा 7551 एमसीएम, पोंग 8570 एमसीएम और पंडोह का हिस्सा 41 एमसीएम है। भाखड़ा और पोंग भी सीडब्ल्यूसी के साप्ताहिक बुलेटिन का हिस्सा हैं। इसके अलावा भाखड़ा और पोंग डैम में पानी के लेवल और उसे रिलीज करने सम्बन्धी तुलनात्मक आँकड़ा भी हर महीने सीडब्ल्यूसी द्वारा जारी किया जाता है।

उत्तर प्रदेश

यहाँ प्रदेश भर की 20 नदियों के कुल 81 स्थानों का आँकड़ा, टेबुलर बुलेटिन के माध्यम से पीडीएफ द्वारा प्रतिदिन डेली फ्लड बुलेटिन 2018 के नाम से जारी किया जाता है। यह आँकड़ा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग जारी करता है। इस टेबल में बायीं तरफ जलाशयों में पानी की उपलब्धता से सम्बन्धित आँकड़ा भी होता है। उत्तर प्रदेश का फ्लड मैनेजमेंट इफॉर्मेशन सिस्टम सेंटर यही आँकड़ा अपने वेब पेज पर भी जारी करता है।

पश्चिमी भारत

राजस्थान- इस राज्य के जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर जल संग्रहण सम्बन्धी सूचना डाटा रूम सेक्शन पर उपलब्ध है लेकिन यह कार्यरत नहीं है।

गुजरात- नर्मदा जल संसाधन और जल वितरण विभाग की वेबसाइट पर एक्सेल शीट में डाटा बैंक ऑप्शन के साथ 203 जलाशयों के जल-स्तर से सम्बन्धित आँकड़ा उपलब्ध है। इन सभी डैमों की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 15,760.17 एमसीएम है। इसके अलावा इस वेबसाइट पर सरदार सरोवर प्रोजेक्ट के बारे में भी सूचना उपलब्ध है। इस प्रोजेक्ट की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 9460 एमसीएम है। इस तरह गुजरात की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 25.22 बीसीएम है जबकि लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 20.33 बीसीएम है। गुजरात के सभी 204 जलाशयों में से 10 सीडब्ल्यूसी द्वारा जारी बुलेटिन की लिस्ट में शामिल हैं। इन दस जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 17.191 बीसीएम है। नर्मदा जल संसाधन और जल वितरण विभाग की वेबसाइट पर मौजूद एक्सेल शीट में इन 17 बड़े जलाशयों की कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 12932 एमसीएम है। इसी तरह इस वेबसाइट पर एक अलग पेज बनाया गया है जिस पर जिलों और स्कीम के अनुसार आँकड़े प्रतिशत में उपलब्ध हैं। यही सूचनाएँ राज्य के फ्लड कंट्रोल सेल पेज पर भी उपलब्ध हैं जिसे हर दिन अपडेट किया जाता है। इस वेबसाइट के आर्काइव पेज पर बहुत ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।

मध्य प्रदेश- यहाँ भी डेली रिजर्वायर बुलेटिन प्रदेश के जल संसाधन विभाग द्वारा प्रतिदिन जारी किया जाता है जो 168 जलाशयों में उपलब्ध जल की मात्रा पर आधारित होता है। इन सभी जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 36.415 बीसीएम है। सेंट्रल वाटर कमीशन द्वारा प्रतिदिन जारी किये जाने वाले आँकड़ों में इनमें से कुल 6 जलाशयों को शामिल किया जाता है। इन डैमों की वर्त्तमान में कुल स्टोरेज क्षमता 27.318 बिलियन क्यूबिक मीटर है। इन जलाशयों में जल की उपलब्धता से सम्बंधित सूचना को प्रदेश के वेबसाइट पर रोज अपडेट किया जाता है।

महाराष्ट्र- राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में 140 बड़े, 274 मध्यम और 2849 छोटी परियोजनाओं से जुड़े आँकड़ों को शामिल किया जाता है। इन बड़ी, मध्यम और छोटी परियोजनाओं की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी क्रमशः 29.13 बीसीएम, 5.40 बीसीएम और 6.34 बीसीएम है जो सम्मिलित रूप से 40.87 बीसीएम है। प्रदेश के जल संसाधन विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में 103 बड़े जलाशयों के आँकड़े अलग-अलग जारी किये जाते हैं जबकि बाकी जलाशयों से सम्बन्धित आँकड़े क्षेत्रवार या समेकित रूप से जारी किये जाते हैं। सीडब्ल्यूसी की वेबसाइट पर महाराष्ट्र के 17 बड़े जलाशयों में पानी की उपलब्धता से सम्बन्धित आँकड़े जारी किये जाते हैं जिनकी लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 14.073 बीसीएम है। प्रदेश की वेबसाइट पर एक अलग पेज बनाया गया है जिस पर राज्य के जलाशयों में वर्तमान समय में उपलब्ध जल के बारे में जानकारी दी जाती है। इस पेज को प्रवाह नाम दिया गया है जिस पर जलाशयों के रियल टाइम लोकेशन मैप और पानी के इस्तेमाल के बारे में भी ग्राफ के माध्यम से जानकारी दी जाती है।

प्रवाहगोवा- इस राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा हर वर्ष जून की पहली तारीख से 15 नदियों और 5 जलाशयों में जल की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी दी जाती है। जल छोड़ने और उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी देने के लिये वेबसाइट पर इन्फोग्राफिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये आँकड़े प्रतिदिन जारी किये जाते हैं। राज्य के 5 जलाशयों की कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 300.85 एमसीएम है।

दक्षिण भारत

तेलंगाना- प्रदेश के 8 जलाशयों में जल की उपलब्धता के बारे में हैदराबाद मेट्रोपोलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड प्रतिदिन आँकड़े जारी करता है जिनकी वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 16.65 बीसीएम है। इनमें से केवल दो जलाशयों नागार्जुन सागर और श्रीशैलम में उपलब्ध पानी की जानकारी सीडब्ल्यूसी की वेबसाइट पर दी जाती है। इन दोनों जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 15.13 बीसीएम है। इसके अलावा रिजर्वायर स्टोरेज मॉनिटरिंग सिस्टम नाम के वेब पेज पर राज्य के 59 बड़े और 73 मीडियम जलाशयों के बारे में भी जानकारी दी जाती है लेकिन उसे रोज अपडेट नहीं किया जाता। हैदराबाद मेट्रोपोलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड की साइट पर कृष्णा, गोदावरी और पेन्नार नदी बेसिन में स्थित बड़े, मध्यम और छोटे कुल 173 जलाशयों की लिस्टिंग की गई है। तेलंगाना वाटर रिसोर्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम के अन्तर्गत हाइड्रोमेट डाटा में रिजर्वायर लेवल डाटा का विकल्प मौजूद है लेकिन यह तत्काल कारगर नहीं है। फिर भी यहाँ राज्य के जल संसाधन के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

आन्ध्र प्रदेश- राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा 28 बड़े और 65 मध्यम कोटि के जलाशयों के बारे में वेबसाइट के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। वेबसाइट पर इन जलाशयों की कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 23.1 बीसीएम बताई गई है जिसमें श्रीशैलम, नागार्जुन सागर और सोमसिला जलाशय भी शामिल हैं। इन तीनों जलाशयों की आन्ध्र प्रदेश में लाइव वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 17.12 बीसीएम है जिसे सीडब्ल्यूसी के बुलेटिन में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस जानकारी को प्रदेश की वेबसाइट पर अपडेट नहीं किया गया है। इसी तरह आन्ध्र प्रदेश वाटर इन्फॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम प्रदेश के 86 बड़े और मध्यम आकार के जलाशयों के बारे में सूचना जारी करता है जिनकी कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 27.23 बीसीएम है। ऐसा लगता है कि वेबसाइट को हमेशा अपडेट किया जाता है। यहाँ भी श्रीशैलम, नागार्जुन सागर और सोमसिला जलाशय की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी को शामिल किया गया है।

कर्नाटक- राज्य के 13 जलाशयों की कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 23.4 बीसीएम है। इन जलाशयों में उपलब्ध जल की स्थिति की निगरानी कर्नाटक स्टेट नैचुरल डिजास्टर मॉनिटरिंग सेंटर द्वारा हर दिन की जाती है। केवल वाराही जलाशय को छोड़कर जिसकी लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 228.54 एमसीएम है सभी 12 जलाशयों को सीडब्ल्यूसी की बुलेटिन में शामिल किया जाता है। सीडब्ल्यूसी की बुलेटिन में शामिल किये जाने वाले इन जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 19.4 बीसीएम है। वाणी विलास सागर और गेरुसोप्पा नामक दो जलाशयों की वाटर स्टोरेज कैपेसिटी को सीडब्ल्यूसी की बुलेटिन में शामिल किया जाता है जबकि इनके सम्बन्ध में कर्नाटक की वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध नहीं होती है। इन दोनों जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 932 एमसीएम है।

जलाशयों में जलस्तर की सूचनातमिलनाडु- राज्य के जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर एक लिंक उपलब्ध है जिस पर रोजाना यहाँ के 20 जलाशयों में जल की उपलब्धता से सम्बन्धित आँकड़े अपडेट किये जाते हैं। इन जलाशयों की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 5.97 बीसीएम है। इन जलाशयों में से 6 को सीडब्ल्यूसी द्वारा जारी बुलेटिन में शामिल किया जाता है जिनकी लाइव वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 4.38 बीसीएम है। इसके अलावा वाटर रिसोर्सेज आर्गेनाईजेशन की वेबसाइट पर तमिलनाडु के जलाशयों की तस्वीर और मैप भी दिखते हैं।

केरल- स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर, केरल वेबसाइट प्रदेश के 16 जलाशयों के बारे में रोजाना जानकारी उपलब्ध कराता है। इन जलाशयों की कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 3.45 बीसीएम है। सीडब्ल्यूसी की बुलेटिन में इनमें से केवल तीन जलाशयों को शामिल किया गया है जिनकी लाइव वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 2.93 बीसीएम है। इन तीनों के अलावा तीन अन्य जलाशयों को भी सीडब्ल्यूसी की बुलेटिन में शामिल किया गया है जिनकी लाइव वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 904 एमसीएम है। इन जलाशयों से सम्बन्धित डाटा केरल के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जाता है।

ईस्ट इंडिया

छत्तीसगढ़- राज्य के जल संसाधन विभाग की वेबसाइट के रिजर्वायर डाटा सेक्शन में 43 जलाशयों के बारे में प्रतिदिन जानकारी अपडेट की जाती है। इन जलाशयों की वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 6.33 बीसीएम है। इनमें से केवल मिनीमाता बांगो और रविशंकर सागर जलाशयों से सम्बन्धित जानकारी सीडब्ल्यूसी की बुलेटिन में शामिल की जाती है। इन जलाशयों की लाइव वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 3.66 बीसीएम है।

झारखण्ड- राज्य के जल संसधान विभाग की वेबसाइट पर वाटर लेवल्स ऑफ रिजर्वायर सेक्शन में 46 जलाशयों की लिस्ट दी गई है। परन्तु इनके सम्बन्ध में जानकारी वहाँ उपलब्ध नहीं है इसीलिये नीचे दिये गये टेबल में इसे शामिल नहीं किया गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के जलाशयों में पानी की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के लिये एक एप भी विकसित किया गया है लेकिन इसे एक्सेस करने की छूट केवल जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों और ऑफिसर्स तक ही सीमित है।

ओडिशा- जल संसाधन विभाग की वेबसाइट पर मानसून 2018 के नाम से एक वेबपेज बनाया गया है जहाँ राज्य के 7 बड़े जलाशयों में पानी की स्थिति के बारे में सूचना उपलब्ध होती है। इन सभी जलाशयों के सम्बन्ध में सीडब्ल्यूसी की वेबसाइट द्वारा भी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इन जलाशयों की लाइव स्टोरेज कैपेसिटी 15.328 बीसीएम है।

जलाशयों की स्थितिबिहार- राज्य का जल संसाधन विभाग अपनी वेबसाइट पर प्रतिदिन 23 जलाशयों में जल उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी अपडेट करता है। इन जलाशयों की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 949.8 एमसीएम है।

पश्चिम बंगाल- राज्य का इरीगेशन एंड वाटरवेज डिपार्टमेंट अपनी वेबसाइट पर 13 जलाशयों के जल-स्तर की रिपोर्ट प्रतिदिन जारी करता है। परन्तु वेबसाइट पर जारी इस रिपोर्ट में जलाशयों की वाटर स्टोरेज कैपेसिटी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है। यह जानकारी हमारे लिये बेकार है क्योंकि यह रिपोर्ट जलाशयों की वाटर स्टोरेज कैपेसिटी पर आधारित है।

 

 

 

उत्तर भारत

सीडब्ल्यूसी बुलेटिन में शामिल जलाशयों के अतिरिक्त अन्य जलाशय

क्रम

राज्य/एजेंसी

जलाशयों की संख्या

भंडारण क्षमता (बीसीएम)

जलाशयों की संख्या

भंडारण क्षमता

1.

बीबीएम

3

16.162

1

0.041

पश्चिम भारत

2.

गुजरात

204

20.33

194

3.14

3.

मध्य प्रदेश

168

36.415

162

9.10

4.

महाराष्ट्र

3246

40.87

3229

26.80

5.

गोवा

5

0.30

5

0.30

दक्षिण भारत

6.

तेलंगाना

8

16.65

6

1.52

7.

आन्ध्र प्रदेश

86

27.23

83

10.11

8.

कर्नाटक

13

23.40

1

0.23

9.

तमिलनाडु

20

5.97

14

1.59

10.

केरल

16

3.54

13

0.61

पूर्वी भारत

11.

छत्तीसगढ़

43

6.33

41

2.67

12.

उड़ीसा

7

15.33

0

0

13.

बिहार

23

0.95

23

0.95

14.

सीडब्ल्यूसी

91

161.99

91

161.99

कुल

 

3863

219.05

नोट-  ऊपर दिये गये अधिकांश विवरण में स्टोरेज कैपेसिटी का मतलब लाइव स्टोरेज कैपेसिटी से है। केवल उन्हीं केसेज में  कुल वाटर स्टोरेज कैपेसिटी का जिक्र किया गया है   जिनके आँकड़े वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थे। जिन जलाशयों की स्टोरेज कैपेसिटी की जानकारी वेबसाइट पर नहीं दी गई है उन्हें ऊपर दिये गये टेबल में शामिल नहीं किया गया है।

 

 

निष्कर्ष

इन 12 राज्यों और उनकी बीबीएमबी वेबसाइट के माध्यम से 3863 जलाशयों में जल की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी जुटाई जा सकती है। सीडब्ल्यूसी की वेबसाइट पर जारी होने वाले साप्ताहिक बुलेटिन में सिर्फ 91 जलाशयों के सम्बन्ध में जानकारी होती है। जैसा कि पहले ही कहा गया है भारत में जल की उपलब्धता की यह पूरी तस्वीर नहीं है क्योंकि इसमें काफी सारे बड़े-छोटे जलाशयों, भूजल एक्वीफर और मिट्टी में उपलब्ध नमी को शामिल नहीं किया गया है। अतः हमें देश में पानी की उपलब्धता से सम्बन्धित वर्तमान सूचना तंत्र को और भी व्यापक बनाने की जरुरत है जिसमें ऊपर दिये गये सभी पानी के स्रोतों को शामिल किया जा सके। फिर भी राज्यों की वेबसाइट पर उपलब्ध 3863 जलाशयों से सम्बन्धित सूचना, सीडब्ल्यूसी की वेबसाइट पर उपलब्ध 91 जलाशयों पर आधारित साप्ताहिक रिपोर्ट की तुलना में देश में पानी की उपलब्धता की बेहतर तस्वीर पेश करती है। इस रिपोर्ट के माध्यम से हम आशा करते हैं कि मीडिया, पॉलिसी मेकर्स, सरकारी एजेंसियां और सीडब्ल्यूसी भी अब जल संग्रहण के बारे में ज्यादा विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा पाएँगे।

संकलन: हिमांशु ठक्कर, भीम सिंह रावत
Email: bhim.sandrp@gmail.com

इस लेख को अंग्रेजी में पढ़ने के लिये नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें

 

https://sandrp.in/2018/07/13/how-india-measures-water-storages/

 

 

 

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