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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

Submitted by Shivendra on Wed, 07/31/2019 - 15:44
Source:
online shopping and affecting environment
ऑनलाइन खरीदारी और पर्यावरणीय क्षति। प्रत्येक अविष्कार या सिद्धान्त के दो पहलू होते हैं - लाभ और हानि। ज्यादातर लोग इनसे होने वाले लाभ पर ही ध्यान केन्द्रित करते हैं। इस लाभ को हम भौतिक सुख से भी जोड़ सकते हैं। आज उपभोगतावादी युग में ज्यादातर लोग इसी प्रयास में रहते हैं कि इस सुख को अधिक से अधिक कैसे प्राप्त किया जाए। त्योहारों का मौसम आना शुरू हो गया है और व्यापारी तबका त्योहारी सीजन में सालभर का लाभ कमाना चाहता है, लेकिन ऑनलाइन की बाजार व्यवस्था व्यापारी तबके के धंधे को चैपट कर रही है।
Submitted by Shivendra on Wed, 07/31/2019 - 15:13
Source:
दैनिक नवज्योति, 8 जून 2019
arsenic in water
कैसे मिलेगी देश को आर्सेनिक से मुक्ति।   आज देश में पानी में आर्सेनिक की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दरअसल आर्सेनिक घुला भूजल स्वास्थ्य के लिए भीषण खतरा बन गया है। दावे भले ही कितने किए जाएं, लेकिप सच्चाई यह है कि हमारे देश में लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया करा पाने में स्थानीय निकाय असमर्थ रहे हैं। नगर-महानगर निकायों द्वारा पानी की समुचित आपूर्ति आज भी एक भयावह सपने से कम नहीं है। आए-दिन पानी के लिए होने वाले संघर्ष इसके जीते-जागते सबूत हैं।
Submitted by Shivendra on Wed, 07/31/2019 - 14:23
Source:
harmful effects of biomedical waste
राजधानी में घुल रहा बायोमेडिकल वेस्ट का ज़हर। बायोमेडिकल वेस्ट डायग्नोस्टिक प्रक्रिया के उपयोग में आने वाली किसी भी प्रकार की सामग्री होती है, जो संभावित संक्रामकों से दूषित होती है। इसमें मानव अंग, पशु अंग, माइक्रोबायोलाॅजी वेस्ट, वेस्ट शार्प, एक्सपायर दवाएं, साॅलिड वेस्ट, खून, घावसनी रुई, प्लास्टर, तरल वेस्ट, इंसिन्युरेटर वेस्ट और केमिकल वेस्ट शामिल होते हैं। बायोमेडिकल वेस्ट को खुलें में फेंकने पर ये हवा, जल और जमीन को प्रदूषित कर देता है, जिससे फेफडों में संक्रमण, परजीवी के संक्रमण, त्वचा के संक्रमण, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी वायरल बीमारियों का प्रसार, हैजा, ट्यूबरक्लोसिस आदि बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
Source:
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।
Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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खासम-खास

केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण  : कुछ तथ्य, कुछ जानकारियां

Submitted by Editorial Team on Fri, 07/08/2022 - 17:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
kendriya-bhoomi-jal-pradhikaran-:-kuchh-tathy,-kuchh-jankariyan
केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण
भूजल का दोहन, भूस्वामी की जमीन की सीमा तक सीमित नहीं होता। वह अनेक पैरामीटर पर निर्भर होता है। उपर्युक्त आधार पर कहा जा सकता है कि वैज्ञानिकों को अधिनियम को मानवीय और वैज्ञानिक चेहरा प्रदान करने के लिए काफी कुछ करना बाकी है। सबसे अधिक आवश्यक है सामाजिक स्वीकार्यता। यदि अधिनियम से सामाजिक स्वीकार्यता अनुपस्थित है तो अधिनियमों को धरती पर उतारना और समस्या को हल करना कठिन हो सकता है। भूमि जल प्राधिकरण के सामने यही असली चुनौती है।

Content

ऑनलाइन खरीदारी और पर्यावरणीय क्षति

Submitted by Shivendra on Wed, 07/31/2019 - 15:44
online shopping and affecting environment
ऑनलाइन खरीदारी और पर्यावरणीय क्षति।ऑनलाइन खरीदारी और पर्यावरणीय क्षति। प्रत्येक अविष्कार या सिद्धान्त के दो पहलू होते हैं - लाभ और हानि। ज्यादातर लोग इनसे होने वाले लाभ पर ही ध्यान केन्द्रित करते हैं। इस लाभ को हम भौतिक सुख से भी जोड़ सकते हैं। आज उपभोगतावादी युग में ज्यादातर लोग इसी प्रयास में रहते हैं कि इस सुख को अधिक से अधिक कैसे प्राप्त किया जाए। त्योहारों का मौसम आना शुरू हो गया है और व्यापारी तबका त्योहारी सीजन में सालभर का लाभ कमाना चाहता है, लेकिन ऑनलाइन की बाजार व्यवस्था व्यापारी तबके के धंधे को चैपट कर रही है।

कैसे मिलेगी देश को आर्सेनिक से मुक्ति

Submitted by Shivendra on Wed, 07/31/2019 - 15:13
Author
ज्ञानेन्द्र रावत
Source
दैनिक नवज्योति, 8 जून 2019
arsenic in water
कैसे मिलेगी देश को आर्सेनिक से मुक्ति।कैसे मिलेगी देश को आर्सेनिक से मुक्ति।   आज देश में पानी में आर्सेनिक की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। दरअसल आर्सेनिक घुला भूजल स्वास्थ्य के लिए भीषण खतरा बन गया है। दावे भले ही कितने किए जाएं, लेकिप सच्चाई यह है कि हमारे देश में लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया करा पाने में स्थानीय निकाय असमर्थ रहे हैं। नगर-महानगर निकायों द्वारा पानी की समुचित आपूर्ति आज भी एक भयावह सपने से कम नहीं है। आए-दिन पानी के लिए होने वाले संघर्ष इसके जीते-जागते सबूत हैं।

राजधानी में घुल रहा बायोमेडिकल वेस्ट का ज़हर

Submitted by Shivendra on Wed, 07/31/2019 - 14:23
harmful effects of biomedical waste
राजधानी में घुल रहा बायोमेडिकल वेस्ट का ज़हर।राजधानी में घुल रहा बायोमेडिकल वेस्ट का ज़हर। बायोमेडिकल वेस्ट डायग्नोस्टिक प्रक्रिया के उपयोग में आने वाली किसी भी प्रकार की सामग्री होती है, जो संभावित संक्रामकों से दूषित होती है। इसमें मानव अंग, पशु अंग, माइक्रोबायोलाॅजी वेस्ट, वेस्ट शार्प, एक्सपायर दवाएं, साॅलिड वेस्ट, खून, घावसनी रुई, प्लास्टर, तरल वेस्ट, इंसिन्युरेटर वेस्ट और केमिकल वेस्ट शामिल होते हैं। बायोमेडिकल वेस्ट को खुलें में फेंकने पर ये हवा, जल और जमीन को प्रदूषित कर देता है, जिससे फेफडों में संक्रमण, परजीवी के संक्रमण, त्वचा के संक्रमण, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी वायरल बीमारियों का प्रसार, हैजा, ट्यूबरक्लोसिस आदि बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
udayapur-ke-is-gaon-ko-weightland-ghoshit-kiya-jana-tay
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
इससे मेवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें ब्रह्मा और धंध में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इसी वजह से गांव का नाम बर्ड विलेज पड़ा।   

नोटिस बोर्ड

28 जुलाई को यूसर्क द्वारा आयोजित जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला पर भाग लेने के लिए पंजीकरण करायें

Submitted by Shivendra on Mon, 07/25/2022 - 15:34
28-july-ko-ayojit-hone-vale-jal-shiksha-vyakhyan-shrinkhala-par-bhag-lene-ke-liye-panjikaran-karayen
Source
यूसर्क
जल शिक्षा व्याख्यान श्रृंखला
इस दौरान राष्ट्रीय पर्यावरण  इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अपशिष्ट जल विभाग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रितेश विजय  सस्टेनेबल  वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट फॉर लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (Sustainable Wastewater Treatment for Liquid Waste Management) विषय  पर विशेषज्ञ तौर पर अपनी राय रखेंगे।

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
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भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
swasth-jeevan-ke-liye-gharelu-jal-upchar-or-swachhta-vyavahar-mein-parivartan-par-tin-divasiy-prashikshan-karyashala
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

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