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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 16:32
Source:
गाय-भैंस के बछड़ों में भूजल से फ्लोरोसिस 
ग्रामीण भारत के अधिकांश पशुपालकों व कृषकों को यह पता ही नहीं कि उनकी गाय-भैंस जैसे पालतू व घरेलू पशुओं के बछड़ों को हैंडपम्प, बोरवेल तथा गहरी बावड़ियों व कुओं का पानी पिलाने से फ्लोरोसिस नाम की खतरानक बीमारी भी हो सकती है। दरअसल, ये लोग इन भूमिगत जल स्रोतों के मीठे पानी को पशुओं के लिए हानिकारक नहीं मानते, बल्कि इसे पशुओं के स्वास्थ के लिए लाभदायक समझते हैं।
Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 12:23
Source:
गो.ब.प. राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान, कोसी-कटारमल, (अल्मोड़ा)
नौला, उत्तराखंड
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में नौले (भूमिगत जल एकत्र करने हेतु पत्थर की सीढ़ीनुमा दीवारों वाले 1-2 मीटर गहरे चौकोर गड्ढे) एवं धारे (चट्टान से धारा के रूम में जल प्रवाह) अनादि काल से पेयजल के स्रोत रहे हैं। दुर्भाग्यवश हाल के दशकों में लगभग 50 प्रतिशत जलस्रोत या तो सूख गए हैं या उनका जल प्रवाह कम हो गया है।
Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:41
Source:
दैनिक जागरण, 21 फरवरी 2020
हिमाचल प्रदेश में जल, जंगल और जमीन
जीवन के लिए जल, जंगल और जमीन जरूरी हैं। इसे हिमाचल प्रदेश ने खूब समझा है। सरकार के साथ-साथ यहां के लोगों ने भी इसे आत्मसात किया है। कई लोग धरा के प्रहरी पेड़ों के संरक्षण में जुटे हैं। इन्हीं लोगों में से एक हैं बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल की पट्टा पंचायत के पूर्व सैनिक लाल सिंह।

प्रयास

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source:
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।
Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
Source:
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
Source:
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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खासम-खास

शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:10
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
शुद्ध जल उपलब्धता - मध्यप्रदेश के बढ़ते सधे कदम 
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लोगों को पीने के साफ पानी को उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के स्तर पर लगातार चिन्तन चल रहा है। कार्यशालाएं हो रही हैं। देश भर से जल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनकी राय ली जा रही है। अनुभव बटोरे जा रहे हैं। इस चिन्तन में पीएचई मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री, अपनी-अपनी टीम को लेकर एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Content

गाय-भैंस के बछड़ों में भूजल से फ्लोरोसिस 

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 16:32
गाय-भैंस के बछड़ों में भूजल से फ्लोरोसिस 
ग्रामीण भारत के अधिकांश पशुपालकों व कृषकों को यह पता ही नहीं कि उनकी गाय-भैंस जैसे पालतू व घरेलू पशुओं के बछड़ों को हैंडपम्प, बोरवेल तथा गहरी बावड़ियों व कुओं का पानी पिलाने से फ्लोरोसिस नाम की खतरानक बीमारी भी हो सकती है। दरअसल, ये लोग इन भूमिगत जल स्रोतों के मीठे पानी को पशुओं के लिए हानिकारक नहीं मानते, बल्कि इसे पशुओं के स्वास्थ के लिए लाभदायक समझते हैं।

उत्तराखंड में जल समस्या के समाधान हेतु जलस्रोत अभ्यारण का विकास

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 12:23
Source
गो.ब.प. राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान, कोसी-कटारमल, (अल्मोड़ा)
नौला, उत्तराखंड
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में नौले (भूमिगत जल एकत्र करने हेतु पत्थर की सीढ़ीनुमा दीवारों वाले 1-2 मीटर गहरे चौकोर गड्ढे) एवं धारे (चट्टान से धारा के रूम में जल प्रवाह) अनादि काल से पेयजल के स्रोत रहे हैं। दुर्भाग्यवश हाल के दशकों में लगभग 50 प्रतिशत जलस्रोत या तो सूख गए हैं या उनका जल प्रवाह कम हो गया है।

हिमाचल प्रदेश में जल, जंगल और जमीन

Submitted by HindiWater on Fri, 02/21/2020 - 10:41
Source
दैनिक जागरण, 21 फरवरी 2020
हिमाचल प्रदेश में जल, जंगल और जमीन
जीवन के लिए जल, जंगल और जमीन जरूरी हैं। इसे हिमाचल प्रदेश ने खूब समझा है। सरकार के साथ-साथ यहां के लोगों ने भी इसे आत्मसात किया है। कई लोग धरा के प्रहरी पेड़ों के संरक्षण में जुटे हैं। इन्हीं लोगों में से एक हैं बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल की पट्टा पंचायत के पूर्व सैनिक लाल सिंह।

प्रयास

चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल

Submitted by RuralWater on Wed, 02/19/2020 - 10:49
Source
अमर उजाला, 19 फरवरी, 2020
चिपको की तर्ज पर बचाया तांतरी का जंगल
मैंने जिंदगी का सबसे अहम पाठ सीख लिया है कि कभी हार मत मानो और अपनी बातों का अनुसरण करते रहो। सभी महिलाएं चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से चिपक गईं। वनकर्मियों ने हमें समझाने की कोशिशें की, तो लकड़ी माफिया ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की और मना करने पर हमें जान से मारने की धमकी भी दी। लेकिन हमने अपने कदम पीछे लेने से मना कर दिया।

नोटिस बोर्ड

नदी घाटी विचार मंच

Submitted by RuralWater on Mon, 02/17/2020 - 15:35
Source
Hindi Watet Portal
नदी घाटी विचार मंच
अब खतरा मात्र नदी नही, नदी घाटियों पर सामने दिखता है। नदी घाटियों का व्यवसायिकरण हो रहा है। बांधों की बात तो पीछे छोड़े, पूरी नदी घाटी, नदी जोड़ परियोजना से प्रभावित होने की बात है; जिसका न केवल मानव बल्कि पूरी प्रकृति पर स्थानीय देशी और वैश्विक प्रभाव भी हो रहा है।

जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by HindiWater on Mon, 02/10/2020 - 10:51
जल संसाधन प्रबंधन पर पुणे में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
राष्ट्रीय जल अकादमी, केन्द्रीय जल आयोग, पुणे में “जल संसाधन प्रबंधन पर प्रशिक्षण.सह.कार्यशाला” विषय पर 26-27 मार्च को गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

मीडिया महोत्सव-2020

Submitted by HindiWater on Mon, 01/20/2020 - 11:07
मीडिया महोत्सव-2020
गत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (शनिवार-रविवार, चतुर्दशी-अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में होना सुनिश्चित हुआ है l

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