नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

नदी घाटी प्रबन्ध अधिनियम (ड्राफ्ट) 2018 और कुछ सुझाव

Submitted by editorial on Mon, 10/22/2018 - 12:35
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदी घाटी प्रबन्ध अधिनियम (ड्राफ्ट) 2018नदी घाटी प्रबन्ध अधिनियम (ड्राफ्ट) 2018 (फोटो साभार - विकिपीडिया)द्वितीय एडमिनिस्ट्रेटिव रीफार्म कमीशन (second administrative reform commission) की फरवरी 2008 की सातवीं रिपोर्ट जिसका शीर्षक विवाद निपटारे के लिये क्षमता विकास (Capacity Building for Conflict Resolution-Fiction to Fusion) है, ने नदी बोर्ड अधिनियम 1956 को प्रतिस्थापित कर उसके स्थान पर प्रत्येक अन्तरराज्यीय नदी घाटी के लिये अलग-अलग नदी घाटी संगठन (River Basin Organisations - RBOs) बनाने की सिफारिश की थी।

Content

मौसम के लिए भी खतरनाक है मोटापा

Submitted by Anonymous (not verified) on Thu, 01/01/1970 - 05:30
Author
एसोसिएटेड प्रेस
जेम्स केंटर

अगर आप वजन घटाने के लिए प्रेरणा की तलाश में हैं, तो इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इपिडेमियोलॉजी के नवीनतम अंक में प्रकाशित इस रिपोर्ट के परिणामों पर नजर डालना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.

प्रयास

अनूठा पर्यावरण प्रेमी

Submitted by editorial on Mon, 10/29/2018 - 20:11
Author
मनीष वैद्य
जंगल का रूप लेते हाथीपावा के पौधेजंगल का रूप लेते हाथीपावा के पौधेदावा है कि कभी आपने ऐसा पुलिस अफसर नहीं देखा होगा, आज तक आपने जितने भी पुलिस अफसर देखे होंगे, अपराधों पर सख्ती से अंकुश लगाने या नरम-गरम छवि की वजह से पहचाने जाते रहे हैं। आमतौर पर खाकी वर्दी और रौब झाड़ना ही पुलिस की पहचान होती है लेकिन एक आईपीएस अफसर ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया।

नोटिस बोर्ड

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

Submitted by editorial on Thu, 11/08/2018 - 11:05
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन वृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

जानिये आँकड़ों के विश्लेषण की बारीकियाँ

Submitted by editorial on Sun, 10/28/2018 - 16:33
Author
सीएसई
Source
सीएसई
जलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन के दौर में विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषण अति आवश्यक हो गया है। कहा जाता है जिसे मापा जाता है उसका प्रबन्धन किया जाता है। परन्तु यह तभी सम्भव है जब मापी गई वस्तु से सम्बन्धित आँकड़े का सही विश्लेषण हो। आज हर क्षेत्र में आँकड़ों की बाढ़ है लेकिन आप इनका विश्लेषण तभी कर सकते हैं जब इसके लिये आपने समुचित प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।

Latest

खासम-खास

नदी घाटी प्रबन्ध अधिनियम (ड्राफ्ट) 2018 और कुछ सुझाव

Submitted by editorial on Mon, 10/22/2018 - 12:35
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
नदी घाटी प्रबन्ध अधिनियम (ड्राफ्ट) 2018नदी घाटी प्रबन्ध अधिनियम (ड्राफ्ट) 2018 (फोटो साभार - विकिपीडिया)द्वितीय एडमिनिस्ट्रेटिव रीफार्म कमीशन (second administrative reform commission) की फरवरी 2008 की सातवीं रिपोर्ट जिसका शीर्षक विवाद निपटारे के लिये क्षमता विकास (Capacity Building for Conflict Resolution-Fiction to Fusion) है, ने नदी बोर्ड अधिनियम 1956 को प्रतिस्थापित कर उसके स्थान पर प्रत्येक अन्तरराज्यीय नदी घाटी के लिये अलग-अलग नदी घाटी संगठन (River Basin Organisations - RBOs) बनाने की सिफारिश की थी।

Content

मौसम के लिए भी खतरनाक है मोटापा

Submitted by Anonymous (not verified) on Thu, 01/01/1970 - 05:30
Author
एसोसिएटेड प्रेस
जेम्स केंटर

अगर आप वजन घटाने के लिए प्रेरणा की तलाश में हैं, तो इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इपिडेमियोलॉजी के नवीनतम अंक में प्रकाशित इस रिपोर्ट के परिणामों पर नजर डालना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.

प्रयास

अनूठा पर्यावरण प्रेमी

Submitted by editorial on Mon, 10/29/2018 - 20:11
Author
मनीष वैद्य
जंगल का रूप लेते हाथीपावा के पौधेजंगल का रूप लेते हाथीपावा के पौधेदावा है कि कभी आपने ऐसा पुलिस अफसर नहीं देखा होगा, आज तक आपने जितने भी पुलिस अफसर देखे होंगे, अपराधों पर सख्ती से अंकुश लगाने या नरम-गरम छवि की वजह से पहचाने जाते रहे हैं। आमतौर पर खाकी वर्दी और रौब झाड़ना ही पुलिस की पहचान होती है लेकिन एक आईपीएस अफसर ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया।

नोटिस बोर्ड

गंगा भक्तों के अनशन के 16 दिन हुए पूरे

Submitted by editorial on Thu, 11/08/2018 - 11:05
Author
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)
स्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथस्वामी आत्मबोधानंद अपने गुरू शिवानंद जी के साथ (फोटो साभार - दैनिक जागरण)गंगा की अविरलता और निर्मलता की माँग को लेकर मातृसदन के दो संतों ब्रम्हचारी आत्मबोधानंद और स्वामी पुण्यानंद का अनशन वृहस्पतिवार को भी जारी रहा। ये दोनों 24 अक्टूबर से अनशन पर हैं।

जानिये आँकड़ों के विश्लेषण की बारीकियाँ

Submitted by editorial on Sun, 10/28/2018 - 16:33
Author
सीएसई
Source
सीएसई
जलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन और विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषणजलवायु परिवर्तन के दौर में विकासात्मक संचार के लिये आँकड़ों का प्रभावी विश्लेषण अति आवश्यक हो गया है। कहा जाता है जिसे मापा जाता है उसका प्रबन्धन किया जाता है। परन्तु यह तभी सम्भव है जब मापी गई वस्तु से सम्बन्धित आँकड़े का सही विश्लेषण हो। आज हर क्षेत्र में आँकड़ों की बाढ़ है लेकिन आप इनका विश्लेषण तभी कर सकते हैं जब इसके लिये आपने समुचित प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।

Upcoming Event

Popular Articles