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खासम-खास

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

Content

Submitted by HindiWater on Fri, 10/16/2020 - 15:58
Source:
कल्पतरु संस्थान
ट्रीमैन
जयपुर के पर्यावरणविद विष्णु लांबा का नाम देश और दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है ! मूलतः टोंक जिले के लाम्बा के  निवासी विष्णु ने एक पौधा चोर के रूप में सत्ताईस साल पहले पर्यावरण संरक्षण का काम शुरू किया था लेकिन आज ट्री मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाने जाते हैं !
Submitted by UrbanWater on Thu, 10/15/2020 - 16:21
Source:
जल संकट


भारत में जल संकट गरीबी की रेखा की तरह है। इस देश में हर साल जितने क्षेत्रों को जल संकट से बाहर निकाला जाता है उससे कहीं अधिक क्षेत्र उसके दायरे में जुड जाते हैं। पुराने क्षेत्रों में भी जलसंकट लौट-लौट कर आता रहता है। यह पानी पर काम करने वाले विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं तथा विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थाओं के लगातार प्रयासों के चलते हो रहा है। ज्ञातव्य है कि आजादी के बाद से अब तक पानी पर 3.5 लाख करोड़ से अधिक की राशि व्यय की गई है। मनरेगा के अंतर्गत कुल 123 लाख से भी अधिक जल संरक्षण संरचनाएँ

Submitted by HindiWater on Thu, 10/15/2020 - 15:50
Source:
पोपटराव पवार
एक हजार हेक्टेयर में बसे ,650 लोगों के इस गांव में कुल 35 परिवार हैं। महीने की प्रति व्यक्ति आय औसतन 32 हजार रुपये है। लेकिन ये स्थिति हमेशा से ऐसी नहीं थी। 972 से 982 के बीच गांव के हालात बहुत खराब थे। प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 832 रुपये थी। तब लगातार तीन साल सूखा पड़ा। कई परिवार गांव तक छोड़कर चले गए|

प्रयास

Submitted by HindiWater on Sat, 11/28/2020 - 16:41
पर्यावरण का अलख जगाता एक किशोर वरद
वरद ने 12 साल की उम्र में ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता का काम शुरू कर दिया था। जब उन्होंने पहली बार समुद्री पक्षी बर्डलेन टर्न को बचाने का अभियान चलाया था। लगभग तीन साल पहले पश्चिमी तट पर एक तूफान आया था, जिसके दौरान ये असहाय प्रवासी पक्षी घायल हो गए थे। संभवतः इन पक्षियों को मानसूनी हवाओं द्वारा कोंकण तट की ओर खदेड़ दिया गया था।

नोटिस बोर्ड

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Source:
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
Source:
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 
Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
Source:
वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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खासम-खास

आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03 संसार सागर के नायक

Submitted by HindiWater on Fri, 10/30/2020 - 13:09
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
aaj-bhi-khare-hai-talab-adhyay-03-sansar-sagar-kay-nayaka
Source
रमाकांत राय
आज भी खरे है तालाब-अध्याय 03
अपनी पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के तीसरे अध्याय संसार सागर के नायक में अनुपम मिश्र ने देश भर में विभिन्न समुदायों के उन पुरोधाओं को याद किया है, जिन्होंने पानी के संरक्षण और तालाबों को बनाने के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। इस दूसरे हिस्से में बहुत कलात्मक तरीके से उनके जीवन दर्शन को भी प्रस्तुत किया गया है।

Content

विश्व में चर्चा का विषय बना ट्रीमैन

Submitted by HindiWater on Fri, 10/16/2020 - 15:58
vishva-mein-charcha-kaa-vishay-bani-tremain
Source
कल्पतरु संस्थान
ट्रीमैन
जयपुर के पर्यावरणविद विष्णु लांबा का नाम देश और दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है ! मूलतः टोंक जिले के लाम्बा के  निवासी विष्णु ने एक पौधा चोर के रूप में सत्ताईस साल पहले पर्यावरण संरक्षण का काम शुरू किया था लेकिन आज ट्री मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाने जाते हैं !

जल संकट - उत्तर खोजते कुछ सवाल 

Submitted by UrbanWater on Thu, 10/15/2020 - 16:21
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास'
jal-sankat-uttar-khojte-kuch-saval
जल संकट


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भारत में जल संकट गरीबी की रेखा की तरह है। इस देश में हर साल जितने क्षेत्रों को जल संकट से बाहर निकाला जाता है उससे कहीं अधिक क्षेत्र उसके दायरे में जुड जाते हैं। पुराने क्षेत्रों में भी जलसंकट लौट-लौट कर आता रहता है। यह पानी पर काम करने वाले विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं तथा विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थाओं के लगातार प्रयासों के चलते हो रहा है। ज्ञातव्य है कि आजादी के बाद से अब तक पानी पर 3.5 लाख करोड़ से अधिक की राशि व्यय की गई है। मनरेगा के अंतर्गत कुल 123 लाख से भी अधिक जल संरक्षण संरचनाएँ

बूंद बूंद से 'हिवरे' बना अमीर

Submitted by HindiWater on Thu, 10/15/2020 - 15:50
boond-boond-sey-'hivre'-bana-amir
पोपटराव पवार
एक हजार हेक्टेयर में बसे ,650 लोगों के इस गांव में कुल 35 परिवार हैं। महीने की प्रति व्यक्ति आय औसतन 32 हजार रुपये है। लेकिन ये स्थिति हमेशा से ऐसी नहीं थी। 972 से 982 के बीच गांव के हालात बहुत खराब थे। प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 832 रुपये थी। तब लगातार तीन साल सूखा पड़ा। कई परिवार गांव तक छोड़कर चले गए|

प्रयास

पर्यावरण का अलख जगाता एक किशोर

Submitted by HindiWater on Sat, 11/28/2020 - 16:41
paryavaran-kaa-alakh-jagata-ek-kishore
Source
चरखा फीचर
पर्यावरण का अलख जगाता एक किशोर वरद
वरद ने 12 साल की उम्र में ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता का काम शुरू कर दिया था। जब उन्होंने पहली बार समुद्री पक्षी बर्डलेन टर्न को बचाने का अभियान चलाया था। लगभग तीन साल पहले पश्चिमी तट पर एक तूफान आया था, जिसके दौरान ये असहाय प्रवासी पक्षी घायल हो गए थे। संभवतः इन पक्षियों को मानसूनी हवाओं द्वारा कोंकण तट की ओर खदेड़ दिया गया था।

नोटिस बोर्ड

हिंदी पत्रकारों के लिए सीएसई-एएईटीआई की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स

Submitted by UrbanWater on Mon, 11/16/2020 - 13:01
Author
इंडिया वाटर पोर्टल (हिंदी)
hindi-patrakaron-ke-liye-cse-aaeti-online-training-course
अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) का कैम्पस

डाउन टू अर्थ  और अनिल अग्रवाल एनवायरमेंट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एएईटीआई) दोनों के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पत्रकारों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों की स्टोरी को विश्वसनीय बनाने में आंकड़ों और डेटा की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेटा की मदद से हम संवाद को तथ्यात्मक बना सकते हैं।

एक्वा फाउंडेशन की XIV वर्ल्ड एक्वा कांग्रेस

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 16:26
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Source
Aqua Foundation
एक्वा फाउंडेशन
सम्मेलन सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीन प्रौद्योगिकियों और अत्याधुनिक अनुसंधान में नवीनतम रुझानों के बारे में जानने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। आपसे निवेदन है कि अपनी संस्था से अधिक से अधिक प्रतिभागियों का नामांकन करे (online Register as delegate) कार्यक्रम का ब्रोशर यहां डाउनलोड करें.  अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट देखें  World Aqua Congress.  तारीख : अक्टूबर 29- 30, 2020 समयः प्रातः 9:00 बजे से सांय 6ः00 बजे 

भविष्य में किस तरह पानी को किया जा सकता है सुरक्षित 

Submitted by HindiWater on Tue, 10/27/2020 - 14:54
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वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
आजकल विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में भिन्नता दिखाई दे रही है। बाढ़ और सुखाड़ पहले से अधिक बारबार होने लगे है,पहले से अधिक तबाही लाने लगे है ऐसे में जरूरी है जलवायू परिवर्तन के प्रभावों के मद्देनजर जल साधानो के प्रबंधन की रणनीति और तरीकों में बदलाव पर विचार करे । इस संबंध में CII वाटर इंस्टीट्यूट द्वारा  03 नवंबर, 2020 को "पानी के सुरक्षित भविष्य के लिए जोखिम से लचीलापन की ओर बढ़ना' पर  एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रहा है।

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