भूजल में उभरते हुए दूषित पदार्थ और उनके निवारण
30 Mar 2020
भूजल में उभरते हुए दूषित पदार्थ

सारांश

उभरते हुए दूषित पदार्थ (Emerging Contaminants) वे रसायन हैं जो पेयजल आपूर्ति में लेश सीमा तक संसूचित किये गये हैं और जिनके मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव अभी तक ज्ञात नहीं हैं। इनमें फार्मास्यूटिकल्स, व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद, कीटनाशक, हर्बिसाइड्स और अंतःस्रावी विघटनकारी यौगिक शामिल हैं। इन दूषित पदार्थों में जहरीली धातुएं, वी0¨0सी0 और कीटनाशक शामिल हैं। शहरीकरण, अद्योगिकीकरण और बदलती जीवन शैली, उभरते हुए प्रदूषण के कारण भूजल प्रदूषण की समस्या को बढ़ाती है। कृषि क्षेत्र में उर्वरकों, कीटनाशकों, कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग भी भूजल प्रदूषण को बढ़ावा देता है। उभरते दूषित पदार्थों के विश्लेषण के लिए उच्च कोटि इंस्ट्रूमेंटेशन की आवश्यकता है जैसे कि आई0सी0पी0-एम0एस0, जी0सी0-एम0एस0/एम0एस0। वर्तमान पत्र में, उभरते हुए दूषित पदार्थ के स्रोतों जैसे फार्मास्यूटिकल्स, व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों, पेट्रोलियम उत्पादों (BETEX, MTBE आदि), कीटनाशकों और उनके रासायनिक व्यवहारों की विस्तार से चर्चा की गई है। इसके अलावा, भूजल में उभरते हुए प्रदूषणों के निवारण के लिए उपलब्ध विभिन्न तरीकों पर भी चर्चा की गई है। यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पारंपरिक पंप-एंड-ट्रीटमेंट सर्वाधिक प्रचलित भूजल उपचार तकनीक है। हालांकि, अत्यधिक लागत और पंप-एंड-ट्रीट सिस्टम द्वारा उपचार की गैर-विश्वसनीयता के कारण, आजकल नई प्रौद्योगिकियां, विशेष रूप से मिट्टी वाष्प निष्कर्षण (एस0वी00) के साथ वायु प्रसार (Air Sparging) ज्यादा प्रभावशाली साबित हुई है। वायु प्रसार की केस स्टडी बहुत कम समय में बड़े अनुपात में दूषित सांद्रता को कम करने की अपनी क्षमता को प्रदर्शित करती है।

Abstract

Emerging contaminants are the chemicals that have been detected in global drinking water supplies at trace levels and for which the risk to human health is not yet known. They include pharmaceuticals, personal care products, pesticides, herbicides and endocrine disrupting compounds. These material include toxic metals, Volatile organic compounds (VOCs) and pesticides. Urbanization, industrialization and changing life style further aggravates the problem of groundwater pollution. Indiscriminate use of fertilizers, pesticides, insecticides in agricultural field also increase groundwater contamination. Analysis of emerging contaminants requires high level advanced intrumentations viz; ICP-MS, GC-MS/MS, FTIR etc. In the present paper, the sources of emerging contaminants viz; pharmaceuticals, personal care products, petroleum products (BETEX, MTBE etc.), pesticides, herbicides and their chemical behaviour are discussed in details. Besides this, different techniques available for remediation of emerging pollutants from groundwater have also been discussed. Conventional pump-and-treat is the groundwater remediation technology most frequently used in the past. However, due to excessive costs and the non-reliability of remediation with pump-and-treat systems, the newer technologies, particularly air sparging with SVE and subsequent treatment, now dominate. The case studies of air sparging demonstrate its capability of reducing contaminant concentrations in large proportions in a short span of time.

प्रस्तावना

भूजल मानव गतिविधियों और पारिस्थितिक तंत्र का समर्थन करने वाला एक केंद्रीय संसाधन है। दूषित भूजल पीने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। सेप्टिक टैंक कचरे के संदूषण के कारण हेपेटाइटिस और पेचिश जैसे रोग हो सकते हैं। कूप जल में उपस्थित विषाक्त पदार्थ आपूर्ति में विषाक्तता को बढ़ाती है। दूषित भूजल से वन्यजीवों को भी नुकसान हो सकता है। कुछ अन्य प्रकार के कैंसर भी प्रदूषित पानी के दीर्घकाल तक प्रयोग में आने से हो सकते हैं। शहरीकरण, औद्योगीकरण और बदलती जीवन शैली भूजल प्रदूषण की समस्या को और बढ़ाती है। कृषि क्षेत्र में उर्वरकों, कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से भी भूजल प्रदूषण बढ़ता है।

भारत में, शहरीकरण और तेजी से जनसंख्या वृद्धि के कारण प्राकृतिक संसाधनों के शोषण की दर में वृद्धि और नगरपालिका ठोस कचरे (MSW) के उत्पादन द्वारा पर्यावरण के क्षरण को बढ़ावा दिया है। विकासशील देशों के अधिकांश शहरों के लिए नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट (MSW) का निपटान एक बड़ी समस्या है। भारत में, ज्यादातर शहरों के निचले इलाकों में नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट का इधर-उधर फेंकना आम बात है। अनियंत्रित तरीके से कचरे को फेंकना आसपास के वातावरण के लिए कई तरह की समस्याएं पैदा करता है। भूजल प्रदूषण नगरपालिका ठोस कचरे को फेंकने के गंभीर प्रभावों में से एक है। कचरा स्थल के पास के भूजल स्रोतों को लीचैट बहुत प्रभावित कर सकता है

उभरते हुए दूषित तत्व वे रसायन हैं जिनको वैश्विक पेयजल आपूर्ति में सूक्ष्म स्तर पर पाया गया है और जिनका मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम अभी तक ज्ञात नहीं है इनमें फार्मास्यूटिकल्स, व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद, कीटनाशक, हर्बिसाइड्स, जहरीले धातु, वीओसी और अंतःस्रावी विघटनकारी यौगिक शामिल हैं।

पर्यावरण में उपस्थित उभरते हुए प्रदूषक

उभरते हुए संदूषक (ECs), जिन्हें उभरते हुए कार्बनिक संदूषक और उभरते सरोकारों के प्रदूषक (CECs) के रूप में भी जाना जाता है, दुनिया भर में जल निकायों में पाये जाने वाले प्राकृतिक और सिंथेटिक रसायनों और उनके परिवर्तन उत्पादों का एक समूह है, जिनकी वर्तमान में पर्यावरण में जाँच नहीं होती हैं लेकिन उनमें पर्यावरणीय क्षति, पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य पर संदिग्ध हानिकारक प्रभाव पैदा करने की एक उच्च क्षमता है ।

उभरते हुए प्रदूषक के स्रोत

उभरते हुए संदूषक विभिन्न स्रोत्रों से मिलते हैं:-

  • एल्ड्रिन, डीडीटी, डीडीई, डीडीडी, कुल बीएचसी, मेथोक्सीक्लोर, एंडोसल्फान कृषि गतिविधियाँ
  • वी.अ¨.सी.-क्लोरोमीथेन-एडहेसिव रिमूवर्स और एयरोसोल स्प्रे पेंट
  • टेट्राक्लोरोइथेन-ड्राई क्लीनिंग
  • बेंज़ीन, क्लोरोबेंज़ीन-तंबाकू स्मोक, स्टोर्ड फ्यूल्स, कार का एग्जॉस्ट, ज्वालामुखी, फारेस्ट फायर्स, प्रोडक्शन ऑफ़ प्लास्टिक, रेसिंस और सिंथेटिक फाइबर्स
  • बी.टी.ई.उक्स. (BTEX) बेंजीन; टोलीन; इथाइलबेन्जीन; और ओ. अॅम., और पी-जाइलीन)-पेट्रोलियम उत्पाद का रिसाव
  • एम.टी.बी.ई. (MTBE) अंडरग्राउंड गैसोलीन स्टोरेज टैंक्स से रिसाव
  • उभरते हुए संदूषकों का पता लगाना

लंबे समय से उभरते हुए संदूषकों की उपस्थिति की बात कही जाती रही है। संदूषकों की सांद्रता मिली ग्राम/लीटर से नैनो ग्राम/लीटर तक और कभी-कभी इससे भी कम होती है लेकिन ऐसे कम सांद्रता वाले इन संदूषकों की खोज, पहचान और निगरानी केवल पिछले दशक के दौरान ही नए परिष्कृत पहचान विधियों और विश्लेषणात्मक प्रौद्योगिकियों के विकास के कारण संभव हो पायी है । इस समूह में यौगिकों और रसायनों की सूची काफी बड़ी है और नए वाणिज्यिक रसायनों, उपयोग में बदलाव और वर्तमान में व्यापक उपयोग में रसायनों के निपटान और इस वर्गीकरण का हिस्सा बनने वाले नए अणुओं की पहचान के साथ संदूषकों की सूची का विस्तार हो रहा है। इन संदूषकों की निम्न स्तर सांद्रता का पता लगाने के लिए उन्नत इंस्ट्रूमेंटेशन अर्थात; ICP-MS, ICP-MS/MS. GC-MS. GC-MS/MS की आवश्यकता होती है।

उभरते हुए संदूषकों के उपचार हेतु उपलब्ध तकनीक

मिट्टी और भूजल संदूषण का आम मार्ग भूमिगत भंडारण टैंक, जिनका उपयोग गैस स्टेशनों, वाणिज्यिक, औद्योगिक और आवासीय यौगिकों द्वारा किया जाता है, का रिसाव है। उपसतह माध्यम को किसी भी तरह के खतरनाक संदूषण से बचाया जाना चाहिए क्योंकि मिट्टी प्रदूषकों के लिए एक स्थायी निवास के रूप में कार्य करती है और जल विज्ञान चक्र की गतिशीलता उन्हें भूजल जलभृत् तक पहुंचाती है। किसी विशेष दूषित साइट को मौजूदा स्थितियों में इष्टतम उपचार की अनुमति देने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं के संय¨जन की आवश्यकता हो सकती है। एक सुरक्षित और स्वीकार्य स्तर तक संदूषण को कम करने के लिए जैविक, भौतिक और रासायनिक प्रौद्योगिकियों का एक दूसरे के साथ संयोजन में उपयोग किया जा सकता है। भले ही दूषित साइटों के उपचार के लिए कई प्रौद्योगिकियां उपलब्ध हैं, लेकिन चयन दूषित और साइट की विशेषताओं, नियामक आवश्यकताओं, लागतों और समय पर निर्भर करता है। चूँकि अधिकांश उपचारात्मक प्रौद्योगिकियां साइट-विशेष हैं, उपयुक्त तकनीकों का चयन अक्सर मुश्किल होता है, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए, दूषित साइट का सफल उपचार, संदूषको और मिट्टी के गुणों और सिस्टम के प्रदर्शन के आधार पर रीमेडिएशन टेक्नोलॉजी के संचालन के उचित चयन, डिजाइन और समायोजन पर निर्भर करता है।

तेल उत्पादन, वितरण और उपभोग की प्रक्रिया में हर बिंदु पर, पेट्रोलियम उत्पादों का भंडारण हमेशा टैंकों में संग्रहीत किया जाता रहा है। तेल फैलने की क्षमता महत्वपूर्ण है और कई बार बिखरे हुए तेल के प्रभाव पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन जाते है। भूमिगत और ज़मीन के ऊपर के भंडारण टैंकों का रिसाव, पेट्रोलियम अपशिष्टों का अनुचित निपटान और आकस्मिक फैलाव पेट्रोलियम उत्पादों द्वारा मिट्टी और भूजल संदूषण के प्रमुख कारण हैं। पिछले दो दशकों में पेट्रलियम उत्पादों से दूषित साइटों का उपचार करने के लिए अलग-अलग सुधारात्मक प्रौद्योगिकियां संयुक्त राज्य अमेरिका में विकसित हुई हैं।

एयर स्पार्जिंग

पिछले 15 वर्षों से भूजल में घुलित वी00सी0 द्वारा दूषित साइटों के उपचार हेतु इन सीटू एयर स्पार्जिंग तकनीक का प्रयोग हो रहा है (एडम्स एंड रेड्डी, 2003) इसमें भूजल संदूषकों का वायुमंडलीय हवा को दबाव से भूजल के संतृप्त क्षेत्र में इंजेक्ट करके वाष्पीकरण और उपसतह ऑक्सीजन सांद्रता को बढ़ाकर जैव निम्नीकरण को बढ़ावा देना शामिल है (जी.डब्ल्यू.आर.टी.ए.सी.,1996) बैनर और अन्य, 2002)। एयर स्पार्जिंग के दौरान होने वाले तीन दूषित निष्कासन तंत्रों में शामिल हैं: (1) घुलित वी00सी0 की इन सीटू स्ट्राइपिंग (2) केशिका फिंरज में भूमि जल स्तर के नीचे मौजूद और फंसे हुए दूषित पदार्थों का वाष्पीकरण, और (3) एरोबिक बायोडीग्रेडेशन (नयेर, 1996) एयर स्पार्जिंग सक्रिय भूजल पम्पिंग के बिना दूषित मिट्टी और भूजल को उपचारित करने का एक साधन है (बास और अन्य, 2000) यह तकनीक गैसोलीन और अन्य ईंधन घटकों और क्लोरीनयुक्त सॉल्वैंट्स सहित वाष्पशील और अर्ध-वाष्पशील मिट्टी और भूजल दूषित पदार्थों की एक विस्तृत श्रृंखला को उपचारित करती है (जी0डब्ल्यू0आर0टी00सी0,1996ए)। एयर स्पार्जिंग तकनीकों का उपयोग करते हुए पेट्रोलियम दूषित मिट्टी/भूजल उपचार के लिए उपचार लागत यूएस $20-यूएस $50 प्रति क्यूबिक यार्ड मिट्टी होती है (यू0एस00पी00, 1995)

भूजल पम्प और उपचार तकनीक

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