पर्यावरण पर असर की जांच के बाद कोकाकोला प्लांट लगेगा
24 May 2013
छरबा गांव के लोगों से मिलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
ग्राम छरबा में प्रस्तावित कोकाकोला प्लांट के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का परीक्षण पर्यावरण विशेषज्ञों की समिति से कराया जाएगा। यह सुनिश्चित कर लिए जाने के बाद कि प्रस्तावित प्लांट से स्थानीय पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा, प्लांट लगाए जाने की अंतिम मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री आवास में आए छरबा के स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि सरकार पूरा प्रबंध करेगी कि स्थानीय लोगों के हितों को कोई नुकसान न हो।

पर्यावरण संबंधी नुकसान की आशंकाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा की सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए सजग है। पर्यावरण विशेषज्ञों की समिति की अनुशंसा पर ही प्लांट स्थापना की दशा में आगे बढ़ा जाएगा। राज्य के विकास के लिए पूँजी निवेश आवश्यक है। राज्य में पूँजी के आने पर ही राज्य की आय व रोज़गार में वृद्धि संभव है। केवल आशंकाओं के आधार पर कोई निर्णय नहीं किया जाए। विशेषज्ञों से तथ्यों का आकलन कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास में स्थानीय जनसहभागिता जरूरी है। छरबा में कोका कोला प्लांट की अंतिम मंजूरी से पहले स्थानीय लोगों की आशंकाओं को दूर करने के बाद ही दी जाएगी। कोका कोला प्लांट ने लिखित समझौते में वायदा किया है कि 1200 स्थानीय लोगों को रोज़गार दिया जाएगा। इसके लिए जरूरत होने पर युवाओं को कंपनी द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा कंपनी ने हर साल 20 करोड़ रुपए स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार को दिए जाने का वायदा भी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संबंधी भारत सरकार के मानकों को पूरा करने पर ही कोका कोला को छरबा में प्लांट लगाने की अनुमति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने आए छरबा के ग्रामीणों ने कहा कि यदि यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रस्तावित प्लांट से पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा और स्थानीय जनता के हितों पर भी विपरीत प्रभाव नहीं होगा बल्कि क्षेत्र का विकास होगा तो प्लांट लगाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

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