यमुना की सफाई पर बहा पैसा

यमुना एक्शन प्लान -1 (1993-2003)

कुल खर्च - 680 करोड़ रुपये

यमुना एक्शन प्लान -2 (2004 के बाद)

तय राशि - 624 करोड़ रुपये

जल बोर्ड का खर्च (कैग रिपोर्ट)
v1998-99 में 285 करोड़ रुपये

1999-2004 में 439 करोड़ रुपये
यमुना की सफाई पर डीएसआईडीसी ने किया खर्च -147 करोड़ रुपये

दिल्ली की यमुना एक नजर में -


-दिल्ली में इसका प्रवेश पल्ला गांव से शुरू होता है और साउथ में जैतपुर गांव के पास से गुजरकर यह दोबारा हरियाणा में प्रवेश कर जाती है।

- दिल्ली में इसकी लंबाई करीब 50 किलोमीटर है। पल्ला से वजीराबाद बैराज तक प्रदूषण न के बराबर है, लेकिन उसके बाद जैतपुर तक 25 किलोमीटर में इसका प्रदूषण स्तर काफी गंभीर है।

- दिल्ली में यमुना का दायरा 97 वर्ग किलोमीटर है जिसमें से 16.45 वर्ग किलोमीटर पानी में है जबकि 80.55 वर्ग किलोमीटर के इलाके में पानी नहीं होता।

- यमुना की अधिकतर चौड़ाई डेढ़ से तीन किलोमीटर है।

- यमुना में 17 बड़े नाले गिरते हैं जिनमें से नजफगढ़ नाला सबसे बड़ा और सबसे अधिक प्रदूषित है। इस नाले में शहरी क्षेत्र के 38 और ग्रामीण इलाकों के तीन नाले गिरते हैं।

- राजधानी में यमुना नदी के ऊपर से सात पुल गुजरते हैं जिनमें वजीराबाद, कश्मीरी गेट बस अड्डा, पुराना यमुना पुल, आईटीओ, निजामुद्दीन, टोल ब्रिज और ओखला शामिल हैं।

- यमुना में तीन बांध बने हुए है जिनमें वजीराबाद, आईटीओ और ओखला शामिल है।

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