बाढ़ के समय के साथ समायोजन

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हमारे देश में वर्षा के साथ यह खूबी है कि उसका समय प्रायः निश्चित है और बाढ़ की गणना भी उसी दौरान की जाती है। ऐसे समय में ही हम अपने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थाओं के वार्षिक छुट्टी की योजना बना सकते हैं क्या? मेडिकल तथा वेटनरी कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को ऐसे समय में बाढ़ के इलाकों में सेवा के लिए उतारा जा सकता है क्या? इसके लिए उन्हें कुछ अंक भी दिये जा सकते हैं। असम में पिछले समय में ऐसा किया जाता रहा है और वहाँ के बाढ़ पीड़ित आमतौर पर मेडिकल सहायता न मिलने की शिकायतें नहीं करते। विपरीत परिस्थितियों में यह छात्र-छात्राएँ लोगों की मदद का काम बड़ी गर्मजोशी से करते हैं और उनकी मौजूदगी का फायदा उठाया जाना चाहिये।

वह इलाके जहाँ बाढ़ का पानी ज्यादा समय तक रहता है वहाँ नौका चालित घुमन्तू डाकघर, दवाखाना और बैंक आदि की सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा सकती हैं। हाल के वर्षों तक सुन्दरबन में यूनाइटेड बैंक की नौका शाखाएं चलती थीं जो कि ज्वार-भाटे को ध्यान में रख कर विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करती थीं।

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