अपशिष्ट जल में कोरोना का पता लगाया जा सकेगा

Submitted by HindiWater on Thu, 04/02/2020 - 14:15

लंदन (भाषा)। अनुसंधानकर्ता अपशिष्ट जल में कोरोना वायरस की मौजूदगी का पता लगाने के लिए एक जांच पर काम कर रहे हैं। इससे अपशिष्ट जल स्रोतों के जरिए कोविड-19 को फैलने से रोका जा सकेगा। ब्रिटेन के क्रेनफिल्ड वाटर साइंस इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं समेत अन्य वैज्ञानिकों के अनुसार इस तरह रोगियों के मल मूत्र से लिए गए नमूनों से जांच कर वायरस के फैलने की आशंका का पता लगाया जा सकता है। एनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार जलमल शोधन संयंत्रों में कागज आधारित उपकरणों वाली त्वरित जांच किटों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अध्ययन के अनुसार स्थानीय क्षेत्रों में कोविड-19 के स्रोतों का पता लगाने और संभावित रोगियों को चिन्हित करने में इन तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

TAGS

Types of water pollution, Prevention of water pollution,Causes of water pollution, Effects of water pollution, Sources of water pollution, What is water pollution, Water pollution - wikipedia, 8 effects of water pollution, water pollution hindi, water pollution india, water contamination india, people died water pollution india, central ground water board, water pollution report, river pollution india, rivers india, world water day, world water day 2020., corona virus, precautions of corona virus, corona virus india, corona, what is corona virus, corona se kaise bache, bharat mein corona virus, prevention of corona virus in hindi, #coronaindia, corona virus se bachne ke upaay, corona helpline number, corona helpline number india, covid 19, novel corona, modi, narendra modi, corona in human feces, insan ke mal mein corona, amitabh bachchan..

 

Disqus Comment