कोविड-19ः बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन गाइडलाइन 2016

Submitted by HindiWater on Wed, 05/20/2020 - 11:48
Source
Central Pollution Control Board (CPCB)

source - CPCB

कोविड-19 के कारण बायोमेडिकल वेस्ट का उत्पादन काफी बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी बायोमेडिकल वेस्ट के पर्याप्त उपचार के लिए दुनिया को निर्देशित किया है, ताकि वेस्ट से भी संक्रमण न फैले। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोविड वार्डो, कार्यशालाओं, क्वारंटीन सेंटरों और घरों आदि में बायोमेडिकल वेस्ट के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। पढ़ें विस्तृत गाइडलाइन।

1. कचरे को उचित कूड़ेदान में डालें

  • पीला कूड़ादान - शारीरिक, रासायनिक, गंदा कपड़ा, दवाइयों संबंधित एवं प्रयोगशाला का कचरा डालें। मानव व पशु शारीरिक कचरा, दवाइयों से संबंधित, तरल एवं सूक्ष्मजीवी कचरा (रक्त थैली एवं पेट्री डिश का पूर्व उपचार करें)।
  • लाल कूड़ादान - दूषित प्लास्टिक कचरा (डिस्पोजेबल वस्तुएं जैसे ट्यूबिंग, प्लास्टिक की बोतलें, शिरभ्यंतर और कैथेटर, प्रवेशनी, सुइयों के बिना सीरिंज)
  • नीला कूड़ादान - कांच की वस्तुएं एवं धातु प्रत्यारोपण (कांच से बनी टूटी-फूटी एवं खाली शीशियां अथवा बोतलें, स्लाइड कांच की पेट्री डिश आदि)।
  • ग्रे कूड़ादान - धारदार धातु वाला कचरा (सुई एवं ब्लेड जैसे वस्तुएं (पंचर प्रूफ डिब्बों में रखें)
  • काला कूड़ादान - परिसंकटमय और अन्य कचरा (खाली एवं एक्सपायर्ड कीटाणुनाशक पदार्थों की बातलें, सीएफएल बल्ब/ट्यूब लाईट एवं बैटरी)।
  • आसमानी कूड़ादान - पुनर्चक्रण योग्य कचरा और हरे कूड़ेदान में स्वाभाविक तरीके से सड़ने वाला सामान्य कचरा डालें।

2. बायोमेडिकल कचरे को, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के अनुसार, साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा में भेजें।
3. अस्पताल के कचरे का प्रबंधन बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के अनुसार कचरे को उचित रंग के थैले में ही डालें।
4. कचरे को अलग अलग (पृथक) करना जरूरी है, ताकि उसे उचित रंग के थैले में आसानी से डाला जा सके। इसके लिए कचरे को उत्पत्ति वाले स्थान पर ही अलग करें। 
5. कचरे को इकट्ठा करने व लाने-ले जाने के समय उसे मिश्रित न करें।

6. बिखरे हुए तरल पदार्थों का तुरंत प्रबंधन करें
 

रासायनिक रिसाव:-

  • जगह खाली करें तथा रिसाव को निष्प्रभाव करके अच्छे से साफ करें।
  • अलग लाइनर में इकट्ठा करें। 

शारीरिक द्रव रिसाव :-

  • जगह खाली करें तथा सोखने वाले कपड़े या कागज से साफ करें।
  • अलग लाइनर में इकट्ठा करें।

पारा रिसाव :-

  • सेने के आभूषण निकालें, दस्ताने पहलें और बिनार सुई वाले सीरींज से खींचें
  • 5 से 10 मिलि पानी में रखें।
  • साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा में भेजे।

7. नीली श्रेणी के कचरे को सीबीडब्ल्यूटीएफ और सीटीएफ द्वारा उपयार एंव निपटान करने के तरीके

  • कचरे को नीले लाइनर में डालें। साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा में कचरे को भेंजे। जहां सीबीडब्ल्यूटीएफ 75 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध न हो या जहां सीटीएफ न बन सके, वे अस्पताल 150 किलोमीटर के दायरे में स्थित सीबीडब्ल्यूटीएफ से संपर्क करें, बशर्ते कचरे को 48 घंटों में निपटाया जा सके।
  • इसके बाद कचरे को विसंक्रमित करने के लिए ऑटोक्लेव या फिर माइक्रोवेव या हाईड्रोक्लेव का उपयोग करें या फिर डिटर्जेंट और पानी में धोएं। इसके बाद 2 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल से डबल बाल्टी कीटाणुशोधन करें (पूर्व उपचार हेतु जब तक साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा न भेजा जाए)
  • अंत में पुनर्चक्रण करें।

8. धारदार वस्तुओं का सीबीडब्ल्यूटीएफ और सीटीएफ द्वारा उपचार एवं निपटान करने के तरीके

  • सुई के चुभने द्वारा चोट लगने से बचने हेतु सुई हब कटर वाले डिब्बे को प्रयोग अवश्य करें। 
  • साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा में कचरे को भेंजे। जहां सीबीडब्ल्यूटीएफ 75 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध न हो या जहां सीटीएफ न बन सके, वे अस्पताल 150 किलोमीटर के दायरे में स्थित सीबीडब्ल्यूटीएफ से संपर्क करें, बशर्ते कचरे को 48 घंटों में निपटाया जा सके।
  • धारदार धातु-वस्तु प्रबंधन या फिर कचरे को विसंक्रमित करने के लिए ऑटोक्लेव करें।
  • पूर्व उपचारित धातु की पैनी वस्तुओं को सुरक्षित परिवहन (छोटे टुकड़े/अंगभंग/कैप्सूलीकरण करने हेतु)।
  • विसंक्रमण के बाद छोटे टुकड़े या म्यूटिलेशन करें और फिर धातु निर्मित डब्बा या सीमेंट कंक्रीट में बंद करें या अंतिम निपटान हेतु लोहे की ढलाई के कारखाने भेजें।

9. लाल श्रेणी के कचरे को सीबीडब्ल्यूटीएफ और सीटीएफ द्वारा प्रबंधन

  • डिस्पोजेबल वस्तुएं जैसे ट्यूबिंग, प्लास्टिक की बोतलें, शिरभ्यंतर और कैथेटर, प्रवेशनी और सुइयों के बिना सीरिंज को लाल थैले में डालें।
  • साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा में कचरे को भेंजे। जहां सीबीडब्ल्यूटीएफ 75 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध न हो या जहां सीटीएफ न बन सके, वे अस्पताल 150 किलोमीटर के दायरे में स्थित सीबीडब्ल्यूटीएफ से संपर्क करें, बशर्ते कचरे को 48 घंटों में निपटाया जा सके।
  • कचरे को विसंक्रमित करने के लिए वर्टिकल ऑटोक्लेव, ऑटोक्लेव या फिर माइक्रोवेव में डालें।
  • इसके बाद उसके छोटे छोटे टुकड़े करें।
  • पुनर्चक्रण या ऊर्जा पुनः प्राप्ति के लिए भेंज।
  • याद रहें कि प्लास्टिक कचरे को भू-भरन स्थल में नहीं भेजना चाहिए।

10. पीली श्रेणी के कचरे का प्रबंधन

  • मानव और पशु शारीरिक कचरा, दवाइयों संबंधित, तरल एवं सूक्ष्म जीवी कचरा (रक्त थैली, पेट्री डिश का पूर्व उपचार करें) को पीले थैले में डालें।
  • ब्लड बैग एंव सूक्ष्म जीवी कचरे को विसंक्रमित करने के लिए ऑटोक्लेव  या फिर माइक्रोवेव में डालें। ध्यान रहे ब्लड बैग एवं सूक्ष्म जीवी कचरा रहित संक्रामक कचरे को ऑटो क्लेव या माइक्रोवेव में न डालें।
  • इसके बाद अंतिम निपटान के लिए सीडब्ल्यूटीएफ में भस्मीकरण के लिए भेजें। फिर उसकी राख को परिसंकटमय अपशिष्ट उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा के लिए भेजें। सीटीएफ द्वारा भस्मीकरण (केवल जहां सीबीडब्ल्यूटीएफ 75 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध न हो या जहां सीटीएफ न बन सके, वे अस्पताल 150 किलोमीटर के दायरे में स्थित सीबीडब्ल्यूटीएफ से संपर्क करें, बशर्ते कचरे को 48 घंटों में निपटाया जा सके) फिर उसकी राख को परिसंकटमय अपशिष्ट उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा भेजें।

11. स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षात्मक गियर

  • मास्क
  • फेस शील्ड
  • चश्मा
  • टोपी
  • दस्ताने
  • जूत
  • तहबंद

12. अनुपचारित चिकित्सा कचरा वातावरण एवं स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

  • कचरे के रख-रखाव में लापरवाही के कारण हेपेटाइटिस, एड्स और ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
  • कचरे को उचित जगह न फेंकने से बीमारियां हो सकती हैं। 
  • बायोमेडिकल कचरे को साधारण कचरे में कभी भी न मिलने दें। कूड़ा बीनने के समय कूड़ा बीनने वालों को चोट लग सकती है। जिस कारण उन्हें बीमारियां भी हो सकती हैं।

13. अपने घाव का इलाज तुरंत करें

  • घाव को न चिनोड़ें, न ही रगड़ें और न ही चूसें।
  • अल्कोहोल से साफ न करें।
  • बहते पानी के नीचे रखकर, घाव में में रक्त बहने दें। फिर बहते पानी के नीचे रखकर घाव को साबुन से धोएं। सूखने के बाद घाव की ड्रेसिंग करें। 
  • चोट लगने या संदूषित पदार्थ के संपर्क में आने के दो घंटे के भीतर चिकित्सक से सलाह लें।
  • कचरे से भरे थैले को कभी भी न घसीटें। 
  • सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षात्मक गियर पहने बिना कचरे को कभी भी नहीं उठाना चाहिए।

14. साधारण कचरे को संक्रमित बायोमेडिकल कचरे से अलग रखें। इनका मिश्रण संक्रामण बीमारियों एवं महामारियों को अधिक बढ़ावा दे सकता है।

  • अस्पतालों से निकलने वाले कचरे का लगभग 70 प्रतिशत कचरा, साधारण कचरा होता है।
  • अस्पतालों से निकलने वाले कचरे का लगभग 25 से 30 प्रतिशत कचरा, संक्रमित बायोमेडिकल कचरा होता है।

15. कोविड-19 वार्ड, सैंपल कलेक्शन केंद्रों एंव प्रयोगशालाओं से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन

  • बायोमेडिकल कचरे का प्रबंधन बायोमेडिकल वेस्ट नियम 2016 के अनुसार करें।
  • कोविड-19 संबंधित बायोमेडिकल कचरे की जानकारी अलग रिकाॅर्ड करें। कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड एवं सैंपल कलेक्शन सेंटर्स की जानकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवश्य दें।
  • बायोमेडिकल कचरे को साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा में भेजने से पहले अलग कमरे में रखें।
  • कोविड-19 संबंधित बायोमेडिकल कचरे का केल समर्पित एवं कोविड-19 के लेबल वाली ट्राॅली में स्थानांतरण करें।
  • कोविड-19 संबंधित बायोमेडिकल एंव साधारण कचरे को संभालने के लिए केवल समर्पित सफाई कर्मचारी नियुक्त करें।
  • बिना संदूषण वाले साधारण कचरे का प्रबंधन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार करें।
  • बायोमेडिकल कचरे को आइसोलेशन वार्ड से सीधे उठाकर साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा द्वारा भेजे वाहन में भेजा जा सकता है।
  • कोविड-19 से संबंधित कचरे को दोहरी परम के लाइनर में ही इकट्ठा करें।
  • कोविड-19 संबंधित बायोमेडिकल कचरे को जिन कूड़ेदान एवं ट्राॅलियों में रख जाएग उन्हें प्रति दिन एक प्रतिशत हाइपोक्लोराइट घोल से अच्छी तरह साफ करें।
  • बायोमेडिकल कचरे को उचित रंग के कूड़ेदान, जिनपर कोविड-19 का लबेल लगा हो, उन्हीं में इकट्ठा करें। शहरी स्थानीय निकायों/कचरा इकट्ठा करने वाले अधिकृत कर्मचारियों द्वारा इकट्ठा किए गए पीले लाइनर को सीडब्ल्यूटीएफ भेजा जाना चाहिए।

16. क्वारंटीन कैंप एवं घरों से निकलने वाले कचरे के प्रंबधन हेतु दिशानिर्देश

  • घरों से निकलने वाले साधारण कचरे को अधिकृत सफाई कर्मचारी को दें या फिर उपयुक्त स्थानीय तरीकों द्वारा उसका प्रबंधन करें।
  • साधारण कचरे एवं बायोमेडिकल कचरे के कूड़ेदान अलग होने चाहिए।
  • क्वारंटीन कैंप एवं केंद्रों को चलाने वाले लोगों को समय समय पर साझा जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा कर्मचारियों को बुलाकर कचरे को भेजना चाहिए।
  • क्वारंटीन कैंप एंव केंद्रों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे को पीले रंग के लाइनर में इकट्ठा करें। इन थैलों को समर्पित एवं उचित माप के कूड़ेदान में रखें।
  • जो लोग क्वारंटीन घरों की देखभाल कर रहे हों, वह बायोमेडिकल कचरे को पीले रंग के लाइनर में इकट्ठा करें या तो दरवाजे पर आने वाले अधिकृत सफाई कर्मचारी को दें या फिर अधिकृत केंद्रों में दें।

 

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