दिल्ली में 201 प्राकृतिक नाले बने सीवर

Submitted by HindiWater on Mon, 09/08/2014 - 12:23
Source
दैनिक भास्कर, 08 सितंबर 2014
आईआईटी प्रोफेसर की अगुवाई में विशेषज्ञों ने की जांच, 38 साल में ये सभी नाले गंदगी और कूड़े से पटे
यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए नालों के स्वरूप में होगा बदलाव


दिल्ली में प्रदूषित यमुना नई दिल्ली/ सरकारी एजेंसियों की लापरवाही की वजह से दिल्ली के 201 प्राकृतिक नालों का स्वरूप बिगड़ गया है। ये नाले अब बदबूदार गंदगी के ढेर में तब्दील हो चुके हैं।

दिल्ली में इतनी तादाद में प्राकृतिक नालों की संख्या का खुलासा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश के बाद आईआईटी प्रोफेसर की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञों की टीम ने किया है। विशेषज्ञों ने जांच में पाया है कि वर्ष 1976 से पहले दिल्ली में 201 प्राकृतिक नाले प्रवाहित हो रहे थे, जो कि यमुना में मिलने वाले 22 बड़े नालों से जुड़े हुए थे।

ये नाले दिल्ली के सभी इलाकों में प्रवाहित होते थे। अमूमन बरसात के दौरान बारिश का पानी इन्हीं प्राकृतिक नालों के जरिए यमुना में समाहित होते थे, लेकिन पिछले 38 सालों के दौरान ये नाले गंदगी के ढेर और गंदे पानी के रूप में बदल चुके हैं।

एजेंसियों में सामंजस्य की कमी


दिल्ली के नालों की सफाई की जिम्मेवारी अलग-अलग सरकारी एजेंसियां कर रही हैं, जिसकी वजह से इन नालों की सफाई को लेकर आए दिन इन एजेंसियों के अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण करते रहते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के सुझाव पर यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए गठित होने वाली नई संस्था को इन नालों की सफाई, मरम्मत और अन्य आवश्यक अधिकार भी सौंपे जाएंगे। यमुना जीए अभियान के संयोजक मनोज मिश्रा कहते हैं कि पहली बार ऐसा खुलासा हुआ है कि दिल्ली में इतनी तादाद में प्राकृतिक नाले हैं। इन नालों के संरक्षण और सफाई से यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में काफी मदद मिलेगी।

वर्तमान स्थिति


दिल्ली सरकार के बाढ़ एवं सिंचाई विभाग ने इन नालों की सूची तो तैयार कर ली है, लेकिन मौजूदा समय में इनमें से दर्जन भर नाले अभी भी वर्तमान नक्शे में नजर नहीं रहे हैं। सूची में शामिल इन नालों को फिलहाल नक्शे में ढूढ़ने का कार्य जारी है।

नालों की बदली तस्वीर से यमुना में होगा सुधार


विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर ए.के.गोसाई का कहना है कि यदि इन प्राकृतिक नालों को हम सीवर मुक्त कर दें तो यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में काफी सहयोग होगा। दिल्ली के नालों की सही जानकारी के लिए वर्ष 1976 के दौरान प्रवाहित होने वाले प्राकृतिक नाले और सीवेज युक्त प्राकृतिक नालों की जानकारी इकट्ठी की गई है और फिलहाल इनके नए स्वरूप की जानकारी इकट्ठी की जा रही है।

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