हर दिन 49 करोड़ लीटर पानी बर्बाद करते हैं भारतीय

Submitted by HindiWater on Thu, 12/05/2019 - 11:28

फोटो - Punjab Kesari

भारत में जल संकट गहराता जा रहा है। देश की 130 करोड़ की आबादी में से करीब 60 करोड़ लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। 16 करोड़ लोगों को स्वच्छ जल नसीब नहीं हो पा रहा है। नीति आयोग ने दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद सहित देश के 20 शहरों में 2020 तक भूजल समाप्त होने की चेतावनी दी है। चेन्नई का भूजल स्तर एक प्रतिशत से भी कम बचा है। देश में हर साल छह लाख से अधिक लोगों की जल प्रदूषण के कारण उत्पन्न बीमारियों से मौत हो जाती है। इसके समाधान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मंथन तो किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई कार्य होता नजर नहीं आ रहा है। इतनी विकट समस्याओं के बावजूद भी भारतीयों द्वारा जल संरक्षण का प्रयास नहीं हो रहा है और लापरवाही के कारण भारतीय हर रोज करीब 49 करोड़ लीटर पानी बर्बाद कर देते हैं। यह बात गैर सरकारी संस्था फ्रैंड्स के राजेंद्र त्यागी द्वारा एनजीटी में डाली गई याचिका में सामने आई है। 

भारत में जल की कमी नहीं है, लेकिन लोग नहाने/शाॅवर, ब्रश करने, कपड़े और बर्तन धोने, शौच, खेती आदि कार्यों में उपलब्ध जल का उचित उपयोग नहीं करते। तो वहीं पयेजल लाइनों में लीकेज के कारण करोड़ों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। जिस कारण बहुमूल्य जल बर्बाद होने से देश में जल संकट गहरा रहा है। जल संकट से निदान के लिए हर बार वर्षा जल संग्रहण की बात कही जाती है, लेकिन वर्षा जल संरक्षण तो मानो भारतीयों की जीवनशैली का हिस्सा ही नहीं रहा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में दाखिल याचिका में भी यही बात कही गई है। याचिका में कहा गया कि देश के 33 प्रतिशत लोग, यानी हर तीसरा व्यक्ति नहाने व ब्रश करने के लिए बिना किसी जरूरत के नल को खुला छोड़ देते हैं। तो वहीं एक बार फ्लश चलाने पर 15-16 लीटर, बर्तन धोने में 20 से 60 लीटर पानी बर्बाद होता है, जबकि 20 मिनट तक शाॅवर चलाने पर करीब 50 लीटर तक पानी बर्बाद होता है। याचिका में ये भी कहा गया कि तीन से पांच मिनट तक ब्रश करने के लिए नल खुला छोड़ने पर करीब 25 लीटर पानी बर्बाद होता है। यदि इसका आकलन करें तो भारतीय हर दिन करीब 49 करोड़ लीटर पानी केवल लापरवाही के चलते बर्बाद कर देते हैं। यानी हर दिन 48420000 करोड़ घन लीटर पानी। 

दरअसल भारत में पानी की बर्बादी पर दंड का कोई प्रावधान नहीं है। यानी ने पानी बर्बाद करने पर दंड देने का प्रावधान करने की भी मांग की है। याचिका पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और दिल्ली जल बोर्ड को एक महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। मंत्रालय से रिपोर्ट आने के बाद ही एनजीटी द्वारा आदेश सुनाया जाएगा। 

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