इंदिरा गाँधी नहर परियोजना, चरण-2 के आर.डी. 838 पर मृदा गठन द्वारा मृदा विशिष्टताओं का आंकलन

Submitted by Hindi on Fri, 12/23/2011 - 10:55
Source
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, चतुर्थ राष्ट्रीय जल संगोष्ठी, 16-17 दिसम्बर 2011
जलविज्ञानीय विश्लेषणों में अधिकतर मृदा जल के अंतःस्यंदन, चालकता, संचयन एवं पौधा-जल सम्बन्ध का मूल्यांकन शामिल होता है। जलविज्ञानीय मृदा जल के प्रभावों को परिभाषित करने के लिए मृदा चरों जैसे गठन, कार्बनिक पदार्थ एवं संरचना का उपयोग करते हुए जल स्थितिज एवं द्रवीय चालकता के लिए मृदा जल विशिष्टताओं के आंकलन की आवश्यकता होती है। बहुत से जलविज्ञानीय विश्लेषणों के लिए फील्ड या प्रयोगशाला परिमाण कठिन, मंहगे एवं अव्यावहारिक होते हैं। मृदा गठन, मृदा जल स्थितिज और द्रवीय चालकता के मध्य सांख्यिकीय सह-संबंध कई विश्लेषणों के लिए पर्याप्त सटीक आंकलन प्रदान कर सकते हैं। सैक्सटोन एवं रॉलस (2006) ने आसानी से उपलब्ध चरों जैसे कि मृदा गठन एवं कार्बनिक पदार्थों का उपयोग करते हुए उपलब्ध यू.एस.डी.ए.मृदा आंकड़ों के आधार पर मृदा जल विशिष्टता संबंधी समीकरणों को विकसित किया है।

इस शोध पत्र में सैक्सटोन एवं रॉल्स (2006) द्वारा विकसित मृदा जल विशिष्टता संबंधी समीकरणों का उपयोग करते हुए इंदिरा गांधी नहर परियोजना स्टेज-II के आर.डी. 838 पर मृदा विशिष्टताओं का आंकलन किया गया है। विश्लेषण के आधार पर अध्ययन क्षेत्र मुख्य रूप से दुमटी बालू एवं बालू द्वारा आवरित पाया गया है एवं इसमें म्लनांक 0.003 से 0.038, क्षेत्र जलधारिता 0.048 से 0.106, संतृप्त आर्द्रता मात्रा 0.392 से 0.417 और संतृप्त द्रवीय चालकता 63.19 मि.मी./घंटा से 197.08 मि.मी./घंटा के मध्य परिवर्तनीय आंकलित की गई है।

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