इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2017

Submitted by Hindi on Sat, 01/20/2018 - 11:54
Source
विज्ञान प्रगति, जनवरी 2018

हाल ही में चार दिवसीय तीसरे इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का शुभारम्भ 13 अक्टूबर, 2017 को अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई में किया गया जिसका संचालन राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा किया गया। इस विज्ञान महोत्सव का विषय था ‘नये भारत के लिये विज्ञान’ इस चार दिवसीय लम्बे कार्यक्रम का आयोजन पाँच अलग-अलग स्थानों, अन्ना विश्वविद्यालय (मुख्य स्थल), राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान, सीएसआईआर-केन्द्रीय चमड़ा अनुसन्धान संस्थान, सीएसआईआर-संरचनात्मक अभियांत्रिकी अनुसन्धान केन्द्र और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास में किया गया। छात्र, शिक्षक, शोधकर्ता, विद्वान, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, सामाजिक संगठन आदि विभिन्न क्षेत्रों से लोग इस आयोजन में शामिल हुए।

चार दिवसीय तीसरे इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का शुभारम्भ करते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि हमारा देश लाखों अन्वेषकों को जमीनी स्तर से ही बढ़ावा देता है और यह आधुनिक उद्यमी कौशल के साथ उन्हें सशक्त बनाता है तथा उन्हें उन्नत औद्योगिकियों से परिचित कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि इनोवेटर्स समिट (Innovator’s summit) का उद्देश्य जमीनी स्तर पर तकनीकी नवाचारों को मजबूत और हमारे उत्कृष्ट परम्परागत ज्ञान को समृद्ध करना है। इससे छात्रों और शोधकर्ताओं से लेकर आविष्कारों और नीति निर्माताओं तक हितधारकों को एक आम मंच मिलेगा।

सभा को संबोधित करते उपराष्ट्रपति वेकैया नायडूविज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री वाई.एस. चौधरी ने इस भव्य सम्मेलन का स्वागत किया। उद्घाटन समारोह के मुख्य प्रतिभागियों में डॉ. विजय भटकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, विज्ञान भारती; श्री अब्दुल लतीफ रोशन, अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री; श्री येफेश उस्मान, बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री; श्री के.पी. एनबालगन, तमिलनाडु सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री शामिल हुए। डॉ. एम. राजीवन सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और सतत विकास प्राप्त करने में वैज्ञानिक ज्ञान के अनुवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

आईआईएसएफ 2017 के विभिन्न घटकों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मंत्रियों के सम्मेलन, साइंस विलेज, राउंड टेबल मीट ऑन मास कम्युनिकेशन, ग्रासरूट इनोवेटर समिट, इंटरनेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल, वूमन साइंटिस्ट एंड एन्टरप्रेन्योर कॉन्क्लेव, नेशनल साइंस टीचर्स वर्कशॉप इंडस्ट्री एकेडमिया इन्टरैक्शन, मेगा साइन्स टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री एक्सपो आदि शामिल थे।

13 अक्टूबर 2017 को आयोजित विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्रियों के सम्मेलन में बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री येफेश उस्मान तथा अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल लतीफ रोशन ने भाग लिया, जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग पर अपने विचार साझा किये। इस सम्मेलन में दुनिया के कुछ अन्य देशों की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं और चुनौतियों का सामना करने का मौका मिला।

इस कार्यक्रम द्वारा यह प्रयास किया गया था कि युवा पीढ़ी को सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों (SYPOG), मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया और जलवायु परिवर्तन आदि द्वारा संवेदनशील बनाने की कोशिश की जाए। स्वच्छ भारत और डिजिटल इंडिया के बारे में जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किये गये।

22 राज्यों के लगभग 2000 छात्रों ने अपने मार्गदर्शकों के साथ साइंस विलेज में भाग लिया। साइंस विलेज ग्रामीण भारत के छात्रों के साथ सम्पर्क स्थापित करने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों से उन्हें अवगत कराने पर केन्द्रित है। छात्रों और उनके अध्यापकों ने चेन्नई बंदरगाह पर जाकर ‘ओआरवी सागर निधि’ जहाज की यात्रा का भी अनुभव लिया।

‘मेगा साइंस एंड टेक्नोलॉजी एक्सपो’ में वैज्ञानिक संस्थानों, शैक्षिक संगठनों, अनुसन्धान प्रयोगशालाओं, सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रम, भारतीय उद्योगों की उपलब्धियों और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित किया गया।

‘ग्रासरूट इनोवेटर्स समिट’ का उद्देश्य अन्ना विश्वविद्यालय में आयोजित ‘इनोवेशन एक्सबिशन’ के अन्तर्गत छात्रों और शोधकर्ताओं से लेकर विभिन्न हितधारकों के लिये एक आम प्लेटफॉर्म प्रदान करना था। पूरे भारत से 100 से अधिक उन्नत प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया और उन प्रौद्योगिकियों को श्रेष्ठता दी गई जिन्हें सामाजिक कल्याण के लिये उपयोग किया जा सकता है और जिनसे रोजगार प्रारम्भ किया जा सकता है।

माननीय केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन, संस्थापक अध्यक्ष, महिला बायोटेक पार्क तमिलनाडु सरकार के उद्योग मंत्री तथा श्री एम.सी. सन्त की उपस्थिति में ‘आईआईएसएफ 2017 के भाग के रूप में महिला जैव तकनीक इनक्यूबेटर’ का उद्घाटन किया।

डॉ. हर्ष वर्धन ने अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा उद्यमशीलता के क्षेत्र में, पिछले 100 वर्षों में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति अधिक संख्या में रही है। डीएसटी और डीबीटी में महिला वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने तथा बेरोजगार महिला वैज्ञानिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिये विशेष योजनाएँ हैं।

डॉ. हर्ष वर्धन ने घोषणा की कि मार्च 2018 सम्मेलन में भारत को सभी महिला वैज्ञानिकों को भाग लेने के लिये आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने महिला वैज्ञानिकों से अपील की कि वे स्वयं को कम न समझे।

आईआईएसएफ का मुख्य आकर्षण सबसे बड़ा जीव विज्ञान पाठ बनाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड था। इस विश्व रिकॉर्ड में 20 स्थानीय स्कूलों के 1049 छात्रों ने भाग लिया।

चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का समापन 16 अक्टूबर को अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई के परिसर में एक महत्त्वपूर्ण समापन समारोह में हुआ। इस समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू थे।

सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान सभ्यता का प्रारम्भिक प्रयास है। भारत ने विज्ञान के विकास में अपना अथक योगदान दिया है चाहे वह पृथ्वी विज्ञान हो या अन्तरिक्ष विज्ञान। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को मानवीय संसाधनों के साथ घनिष्ठ रूप से आगे बढ़ने की जरूरत है जिससे विज्ञान द्वारा मानवता की सहायता की जा सके।

(अनुवाद : सुश्री शुभदा कपिल, विज्ञान प्रगति, सीएसआईआर-निस्केयर)

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