“किफायती, स्थाई सेनिटेशनः भारतीय अनुभव” पर राष्ट्रीय सम्मेलन

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भारत में नागरिक समाज संगठनों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों, संयुक्त राष्ट्र के सक्रिय समर्थन और जुड़ाव के साथ, राज्य और केंद्र सरकारों के लगातार प्रयास स्वच्छता के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। हालांकि, सेनिटेशन की तरफ रुझान बढ़ रहा है फिर भी खुले में शौच मुक्त (ODF) गांवों में फिर से वही परम्परा शुरु हो रही है, बढ़ती जनसंख्या और लगातार पलायन के कारण शहरी स्लमों के बढ़ने आदि विभिन्न चुनौतियां इस क्षेत्र में बढ़ रही है जिससे स्वच्छता के स्थायी परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। हाल में किये गए कुछ अध्ययनों से संकेत मिला है कि अगर समय पर इन चुनौतियों को संबोधित नहीं किया गया तो एशिया और अफ्रीका की अधिकांश जनता के लिये स्वच्छता सहस्राब्दि विकास लक्ष्य को पाने में हम नाकाम हो सकते हैं।

2008 में DDWS, भारत सरकार द्वारा सेकोसेन 3 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसमें किये गए कुछ दावों पर पुनर्विचार की जरूरत है और इस क्षेत्र में खिलाड़ियों को स्वच्छता सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर सक्रिय करने की जरूरत है।

स्वच्छता पर राष्ट्रीय सम्मेलन

वाश संस्थान स्वच्छता पर एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित कर रहा है। संस्थान इस क्षेत्र में सक्रिय सभी लोगों को अपने अनुभव साझा करने के लिये एकसाथ लाने की योजना बना रहा है। यह राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस श्रीलंका में प्रस्तावित सेकोसेन 4 से पहले एक छोटी कॉन्फ्रेंस होगी।

स्थान और तिथिः

28-30 जून

इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली

संलग्नक डाउनलोड कर सकते हैं-

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