खुले में शौच मुक्त बनेंगे गंगा किनारे के गाँव

Submitted by RuralWater on Tue, 06/07/2016 - 16:46
Source
इण्डिया वाटर पोर्टल (हिन्दी)

.गंगा नदी किनारे बसे गाँवों में खुले में शौच रोकने के लिये केन्द्र सरकार ने युवा ब्रिगेड को काम में लगाने की योजना बनाई है। केन्द्रीय पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय इसके लिये युवा मामलों के मंत्रालय, केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय के साथ साझेदारी करेगा।

सूत्रों के मुताबिक गंगा नदी के रास्ते में पड़ने वाले 5 राज्यों में यह योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा और इसके लिये स्वच्छ भारत मिशन, लोकल यूथ लीडर (युवा), नमामि गंगा प्रोजेक्ट (गंगा) के साथ भी साझेदारी की जाएगी। इस अभिनव अभियान को ‘स्वच्छ-युग’ नाम दिया गया है।

गंगा नदी के रास्ते में पड़ने वाले देश के पाँच राज्यों उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल में यह अभियान शुरू होगा। इसके अन्तर्गत गंगा नदी के किनारे बसे गाँवों को खुले में शौच मुक्त (गंगा ओपन डेफिकेशन फ्री) गाँव में तब्दील करने का लक्ष्य है।

गौरतलब है कि गंगा नदी के किनारे 5 राज्यों के 52 जिलों के कुल 5169 गाँव स्थित हैं।

बताया जा रहा है कि नेहरू युवा केन्द्र संगठन के सहयोग से युवा मामलों का मंत्रालय युवा एजेंसियों मसलन भारत स्काउंट्स एंड गाइड्स, नेहरू युवा केन्द्र और नेशनल सर्विस स्कीम आदि से सम्पर्क करेगा। इन संगठनों से कहा जाएगा कि भारी संख्या में युवाअों की टीम दें ताकि गाँवों में जाकर लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के लिये जागरुकता अभियान चलाया जा सके। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए हर जिले के लिये एक नोडल अफसर की शिनाख्त की गई है जो अपने जिले को खुले में शौच मुक्त जिला बनाएँगे।

इस अभियान के तहत स्वयंसेवी युवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे गाँवों में जाकर लोगों को जागरूक कर सकें। पहली आभासी कक्षा 7 जून को बिहार के 12 जिलों में लगाई जाएगी और इसमें 5 दिनों तक 50 युवा स्वयंसेवकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह युवा ब्रिगेड गाँवों के युवकों को जोड़ेगा और अभियान चलाएगा।

सरकार ने सभी 5 राज्यों के जिला प्रशासनों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर स्थानीय एनजीअो, निजी कम्पनियों, विकास एजेंसियों को अभियान में शामिल करने को कहा है। केन्द्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि इसके लिये उनकी तरफ से हर तरह का सहयोग किया जाएगा। राज्य सरकारों ने भी इस पहल का स्वागत किया और उत्साह जताया है।

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