साफ पानी के लिए जंग छेड़े हुए हैं अजय


लोनी। अजय त्यागी लोनी कस्बे के लुत्फुल्ला नवादा गांव में रहते हैं। इस गांव की आबादी भूमिगत पानी पर निर्भर है। ये पानी प्रदूषित होकर जहरीला हो गया है। यहां का पानी बिल्कुल पीला है। ये हाल गांव के सभी नलों का है।

अजय के पास जलनिगम की रिपोर्ट है जिसमें गांव के 13 हैंडपंप के पानी के बारे में बताया गया है कि 13 में से एक को छोड़कर किसी का भी पानी पीने लायक नहीं है। यहां का पानी जहर है पर मजबूरी ऐसी है कि लोगों को ये पीना पड़ रहा है। यहां के हैंडपंप और बोरवेल प्यासे लोगों को सुकून देने के बजाए तकलीफदेह बीमारियाँ दे रहे हैं।

यहां पानी के जहर बनने की वजह एक तालाब है जिसमें बागपत जिले की फैक्ट्रियों से निकला पानी जमा है। गांव तक एक बरसाती नाला आता है। इस नाले में बागपत जिले में लगी फैक्ट्रियाँ पिछले दस साल से गैरकानूनी ढंग से अपने केमिकल वेस्ट मिला रही हैं। केमिकल मिला ये पानी नवादा गांव के चारों तरफ इकट्ठा हो रहा है और जमीन में रिसरिस कर गांव के भूमिगत पानी को प्रदूषित कर रहा है।

पानी के प्रदूषण को रुकवाने के लिए अजय ने सभी संबंधित विभागों के पास आवेदन भेज शिकायतें कीं। शुरुआत में तो अधिकारियों ने गांव में पानी की कोई समस्या मानने से ही इनकार कर दिया लेकिन फिर उनके कई साल संघर्ष करने के बाद शुरू हुआ जांच, आदेश, निर्देश और आश्वासनों का सिलसिला।अफसोस की बात है कि आज ना तो कोई विभाग साफ पानी मुहैया कराने की कोशिश कर रहा है और न ही प्रदूषण खत्म करने के लिए कोई कार्रवाई हो रही है, लेकिन अजय ने भी इन विभागों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते रहने कि कसम खाई है।
 

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