ताजा पानी के मोती का उत्‍पादन

Submitted by admin on Sat, 12/11/2010 - 14:00
Printer Friendly, PDF & Email
Source
इंडिया डेवलपमेंट गेटवे

मोती उत्‍पादन क्‍या है?


मोती एक प्राकृतिक रत्‍न है जो सीप से पैदा होता है। भारत समेत हर जगह हालांकि मोतियों की माँग बढ़ती जा रही है, लेकिन दोहन और प्रदूषण से इनकी संख्‍या घटती जा रही है। अपनी घरेलू माँग को पूरा करने के लिए भारत अंतराष्ट्रीय बाजार से हर साल मोतियों का बड़ी मात्रा में आयात करता है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर, भुवनेश्‍वर ने ताजा पानी के सीप से ताजा पानी का मोती बनाने की तकनीक विकसित कर ली है जो देशभर में बड़ी मात्रा में पाये जाते हैं।

प्राकृतिक रूप से एक मोती का निर्माण तब होता है जब कोई बाहरी कण जैसे रेत, कीट आदि किसी सीप के भीतर प्रवेश कर जाते हैं और सीप उन्‍हें बाहर नहीं निकाल पाता, बजाय उसके ऊपर चमकदार परतें जमा होती जाती हैं। इसी आसान तरीके को मोती उत्‍पादन में इस्‍तेमाल किया जाता है।

है और यह कैल्शियम कार्बोनेट, जैपिक पदार्थों व पानी से बना होता है। बाजार में मिलने वाले मोती नकली, प्राकृतिक या फिर उपजाए हुए हो सकते हैं। नकली मोती, मोती नहीं होता बल्कि उसके जैसी एक करीबी चीज होती है जिसका आधार गोल होता है और बाहर मोती जैसी परत होती है। प्राकृतिक मोतियों का केंद्र बहुत सूक्ष्‍म होता है जबकि बाहरी सतह मोटी होती है। यह आकार में छोटा होता और इसकी आकृति बराबर नहीं होती। पैदा किया हुआ मोती भी प्राकृतिक मोती की ही तरह होता है, बस अंतर इतना होता है कि उसमें मानवीय प्रयास शामिल होता है जिसमें इच्छित आकार, आकृति और रंग का इस्‍तेमाल किया जाता है। भारत में आमतौर पर सीपों की तीन प्रजातियां पाई जाती हैं- लैमेलिडेन्‍स मार्जिनालिस, एल.कोरियानस और पैरेसिया कोरुगाटा जिनसे अच्‍छी गुणवत्‍ता वाले मोती पैदा किए जा सकते हैं।

उत्‍पादन का तरीका


इसमें छह प्रमुख चरण होते हैं- सीपों को इकट्ठा करना, इस्‍तेमाल से पहले उन्‍हें अनुकूल बनाना, सर्जरी, देखभाल, तालाब में उपजाना और मोतियों का उत्‍पादन।

i) सीपों को इकट्ठा करना


तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा किया जाता है और पानी के बरतन या बाल्टियों में रखा जाता है। इसका आदर्श आकार 8 सेंटी मीटर से ज्‍यादा होता है।

ii) इस्‍तेमाल से पहले उन्‍हें अनुकूल बनाना


इन्‍हें इस्‍तेमाल से पहले दो-तीन दिनों तक पुराने पानी में रखा जाता है जिससे इसकी माँसपेशियाँ ढीली पड़ जाएं और सर्जरी में आसानी हो।

iii) सर्जरी


सर्जरी के स्‍थान के हिसाब से यह तीन तरह की होती है- सतह का केंद्र, सतह की कोशिका और प्रजनन अंगों की सर्जरी। इसमें इस्‍तेमाल में आनेवाली प्रमुख चीजों में बीड या न्‍यूक्लियाई होते हैं, जो सीप के खोल या अन्‍य कैल्शियम युक्‍त सामग्री से बनाए जाते हैं।

सतह के केंद्र की सर्जरी: इस प्रक्रिया में 4 से 6 मिली मीटर व्‍यास वाले डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध आदि के आकार वाले सीप के भीतर उसके दोनों खोलों को अलग कर डाला जाता है। इसमें सर्जिकल उपकरणों से सतह को अलग किया जाता है। कोशिश यह की जाती है कि डिजायन वाला हिस्‍सा सतह की ओर रहे। वहाँ रखने के बाद थोड़ी सी जगह छोड़कर सीप को बंद कर दिया जाता है।

सतह कोशिका की सर्जरी: यहाँ सीप को दो हिस्‍सों- दाता और प्राप्तकर्त्ता कौड़ी में बाँटा जाता है। इस प्रक्रिया के पहले कदम में उसके कलम (ढके कोशिका के छोटे-छोटे हिस्‍से) बनाने की तैयारी है। इसके लिए सीप के किनारों पर सतह की एक पट्टी बनाई जाती है जो दाता हिस्‍से की होती है। इसे 2/2 मिली मीटर के दो छोटे टुकड़ों में काटा जाता है जिसे प्राप्‍त करने वाले सीप के भीतर डिजायन डाले जाते हैं। यह दो किस्‍म का होता है- न्‍यूक्‍लीयस और बिना न्‍यूक्‍लीयस वाला। पहले में सिर्फ कटे हुए हिस्‍सों यानी ग्राफ्ट को डाला जाता है जबकि न्‍यूक्‍लीयस वाले में एक ग्राफ्ट हिस्‍सा और साथ ही दो मिली मीटर का एक छोटा न्‍यूक्‍लीयस भी डाला जाता है। इसमें ध्‍यान रखा जाता है कि कहीं ग्राफ्ट या न्‍यूक्‍लीयस बाहर न निकल आएँ।

प्रजनन अंगों की सर्जरी: इसमें भी कलम बनाने की उपर्युक्‍त प्रक्रिया अपनाई जाती है। सबसे पहले सीप के प्रजनन क्षेत्र के किनारे एक कट लगाया जाता है जिसके बाद एक कलम और 2-4 मिली मीटर का न्‍यूक्‍लीयस का इस तरह प्रवेश कराया जाता है कि न्‍यूक्‍लीयस और कलम दोनों आपस में जुड़े रह सकें। ध्‍यान रखा जाता है कि न्‍यूक्‍लीयस कलम के बाहरी हिस्‍से से स्‍पर्श करता रहे और सर्जरी के दौरान आँत को काटने की जरूरत न पड़े।

iv) देखभाल
इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है। रोजाना इनका निरीक्षण किया जाता है और मृत सीपों और न्‍यूक्‍लीयस बाहर कर देने वाले सीपों को हटा लिया जाता है।

v) तालाब में पालन
देखभाल के चरण के बाद इन सीपों को तालाबों में डाल दिया जाता है। इसके लिए इन्‍हें नायलॉन बैगों में रखकर (दो सीप प्रति बैग) बाँस या पीवीसी की पाइप से लटका दिया जाता है और तालाब में एक मीटर की गहराई पर छोड़ दिया जाता है। इनका पालन प्रति हेक्‍टेयर 20 हजार से 30 हजार सीप के मुताबिक किया जाता है। उत्‍पादकता बढ़ाने के लिए तालाबों में जैविक और अजैविक खाद डाली जाती है। समय-समय पर सीपों का निरीक्षण किया जाता है और मृत सीपों को अलग कर लिया जाता है। 12 से 18 माह की अवधि में इन बैगों को साफ करने की जरूरत पड़ती है।

vi) मोती का उत्‍पादन


पालन अवधि खत्‍म हो जाने के बाद सीपों को निकाल लिया जाता है। कोशिका या प्रजनन अंग से मोती निकाले जा सकते हैं, लेकिन यदि सतह वाला सर्जरी का तरीका अपनाया गया हो, तो सीपों को मारना पड़ता है। विभिन्‍न विधियों से प्राप्‍त मोती खोल से जुड़े होते हैं और आधे होते हैं; कोशिका वाली विधि में ये जुड़े नहीं होते और गोल होते हैं तथा आखिरी विधि से प्राप्‍त सीप काफी बड़े आकार के होते हैं।

ताजा पानी में मोती उत्‍पादन का खर्च


• ये सभी अनुमान सीआईएफए में प्राप्‍त प्रायोगिक परिणामों पर आधारित हैं।

• डिजायनदार या किसी आकृति वाला मोती अब बहुत पुराना हो चुका है, हालांकि सीआईएफए में पैदा किए जाने वाले डिजायनदार मोतियों का पर्याप्‍त बाजार मूल्‍य है क्‍योंकि घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर चीन से अर्द्ध-प्रसंस्‍कृत मोती का आयात किया जाता है। इस गणना में परामर्श और विपणन जैसे खर्चे नहीं जोड़े जाते।

• कामकाजी विवरण

• 1. क्षेत्र 0.4 हेक्‍टेयर

• 2. उत्‍पाद डिजायनदार मोती

• 3. भंडारण की क्षमता 25 हजार सीप प्रति 0.4 हेक्‍टेयर

4. पैदावार अवधि डेढ़ साल

क्रम संख्‍या

सामग्री

राशि(लाख रुपये में)

I.

व्यय

क.

स्थायी पूँजी

1.

परिचालन छप्पर (12 मीटर 5 मीटर)

1.00

2.

सीपों के टैंक (20 फेरो सीमेंट/एफआरपी टैंक 200 लीटर की क्षमता वाले प्रति डेढ़ हजार रुपये)

0.30

3.

उत्पादन इकाई (पीवीसी पाइप और फ्लोट)

1.50

4.

सर्जिकल सेट्स (प्रति सेट 5000 रुपये के हिसाब से 4 सेट)

0.20

5.

सर्जिकल सुविधाओं के लिए फर्निचर (4 सेट)

0.10

कुल योग

3.10

ख.

परिचालन लागत

1.

तालाब को पट्टे पर लेने का मूल्य (डेढ़ साल के लिए)

0.15

2.

सीप (25,000 प्रति 50 पैसे के हिसाब से)

0.125

3.

डिजायनदार मोती का खाँचा (50,000 प्रति 4 रुपये के हिसाब से)

2.00

4.

कुशल मजदूर (3 महीने के लिए तीन व्यक्ति 6000 प्रति व्यक्ति के हिसाब से

1.08

5.

मजदूर (डेढ़ साल के लिए प्रबंधन और देखभाल के लिए दो व्यक्ति प्रति व्यक्ति 3000 रुपये प्रति महीने के हिसाब से

1.08

6.

उर्वरक, चूना और अन्य विविध लागत

0.30

7.

मोतियों का फसलोपरांत प्रसंस्करण (प्रति मोती 5 रुपये के हिसाब से 9000 रुपये)

0.45

कुल योग

4.645

ग.

कुल लागत

1.

कुल परिवर्तनीय लागत

4.645

2.

परिवर्तनीय लागत पर छह महीने के लिए 15 फीसदी के हिसाब से ब्याज

0.348

3.

स्थायी पूँजी पर गिरावट लागत (प्रतिवर्ष 10 फीसदी के हिसाब से डेढ़ वर्ष के लिए)

0.465

4.

स्थायी पूँजी पर ब्याज (प्रतिवर्ष 15 फीसदी के हिसाब से डेढ़ वर्ष के लिए

0.465

कुल योग

5.923

II.

कुल आय

1.

मोतियों की बिक्री पर रिटर्न (15,000 सीपों से निकले 30,000 मोती यह मानते हुए कि उनमें से 60 फीसदी बचे रहेंगे)

डिजायन मोती (ग्रेड ए) (कुल का 10 फीसदी) प्रति मोती 150 रुपये के हिसाब से 3000

4.50

डिजायन मोती (ग्रेड बी) (कुल का 20 फीसदी) प्रति मोती 60 रुपये के हिसाब से 6000

3.60

कुल रिटर्न

8.10

III.

शुद्ध आय (कुल आय-कुल लागत)

2.177



स्रोत: सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर एक्‍वाकल्‍चर, भुवनेश्‍वर, उड़ीसा

Comments

Submitted by Vivek Kumar (not verified) on Sat, 01/28/2017 - 08:51

Permalink

Dear Sir/madam I'm vivek Kumar from Patna I'm interested pearl training pleas help me.thank you

Submitted by DEEPAK (not verified) on Wed, 02/08/2017 - 14:32

In reply to by Vivek Kumar (not verified)

Permalink

कानपुर में मोती की खेती के प्रशिक्षण के लिए संपर्क करें ।दीपक-8168363624

Submitted by deepak kumar (not verified) on Wed, 02/01/2017 - 12:31

Permalink

टेंनिग योगयतॉ के आधार

Submitted by indra bhushan (not verified) on Wed, 02/01/2017 - 20:29

Permalink

I want perl forming and business this forming in government role what can government loan given this field .please give the sugesion

Submitted by sanjay dutt (not verified) on Thu, 02/02/2017 - 07:50

Permalink

Mai Moti Palan karna chahta Hoon

Submitted by jayhind pandey (not verified) on Fri, 02/03/2017 - 05:39

Permalink

moti Ki kheti karna chahta hu uttar paradesh me AZAMGARH mile ka hu

Submitted by Sanjeev Gupta (not verified) on Sat, 02/04/2017 - 12:49

Permalink

dhokhe se bacho, pearl farming culture ki training ke liye bas Indian Pearl Farming Training Institute. Maine bhi vahi se training li hai. Unka contact no. 9540883888 hai.

Submitted by manoj (not verified) on Sat, 02/04/2017 - 12:54

Permalink

Pearl Farming ke liye surendra ji se contact karo 9540883888 par. training ka certificate bhi dete hai. 

Submitted by RAHUL kumar (not verified) on Sat, 02/04/2017 - 18:02

Permalink

Kya koi mujhe meerut,moradabad,bijnor.etc place ke paas moti ki kheti ki training de sakta hai.....please contact mee

Submitted by manoj (not verified) on Sat, 02/04/2017 - 18:25

Permalink

Pearl Farming ke liye surendra ji se contact karo 9540883888 par. training ka certificate bhi dete hai. 

Submitted by manoj (not verified) on Sat, 02/04/2017 - 18:29

Permalink

Pearl Farming ke liye surendra ji se contact karo 9540883888 par. training ka certificate bhi dete hai. 

Submitted by DEEPAK (not verified) on Wed, 02/08/2017 - 09:38

Permalink

कानपुर में मोती की खेती के प्रशिक्षण के लिए संपर्क करें। दीपक-8168363624

Submitted by vinod kumar (not verified) on Fri, 02/10/2017 - 21:10

Permalink

pearl farming training date 18/02/2017 to 19/02/2017 and 25/02/2017 to 26/02/2017,registration ke liye call kare ,vinod kumar-9050555757

Submitted by Ms sylakshna B… (not verified) on Wed, 02/15/2017 - 00:23

Permalink

सावधान मित्रों आप पर्ल फार्मिंग (pf)की खेती करने वाले है उसके लिये कूछ लोग ट्रैनिंग लेना चाहते है पर कहाँ ले यह समस्या है कौन सही पढ़ायेगा और कौन नही क्योंकि महीने भर ट्रैनिंग लेकर कूछ लोग ट्रैनिंग के नाम पर बेवकूफ बना रहे है और कूछ लोग बेवकूफ बन भी रहे है इसलिये जहाँ भी ट्रैनिंग के लिये जाये शोच समज कर ले जिन लोगो की 1/2बेंच मोती की निकली है वही सही ट्रैनिंग दे सकता है होशियार रहे हमारे शिवाय और कहाँ सही रहे गी ट्रैनिंग हम भी बता सकते है क्योंकि जो ट्रैनिंग दे रहे है हम सब को जानते है please hum aapke time or pese ki keemat jante hai.. Kuchh log.. 2 din Me 3 khana dete hai.. Kuchh log.. Pearl Banane Me use aane Wale material ki jankari nhi dete.. Or kuchh to 2 din ki training leke.. Training dena suru kar diye hai.. Kripya apna keemti samay or pesa Sahi jagh lagaye.. ..Bamoriya Pearl Farm is the best place for Pearl Farm training9407461361 9770085381

Submitted by Ms sylakshna B… (not verified) on Wed, 02/15/2017 - 00:30

Permalink

नई दिल्‍ली। अगर आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है। मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं। आप महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में 20 लाख रुपए यानी हर महीने 1 लाख रुपए  से अधिक की कमाई कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई...कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है। आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है। सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है। जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि वही वर्तमान समय में सीपों से कन्नौज में इत्र का तेल निकालने का काम भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। जिससे सीप को भी स्थानीय बाजार में तत्काल बेचा जा सकता है। सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है। सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है। भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है। उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है। मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए smt बमाेरिया एवं संजय गडनाते 9893232938,9770085381 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है । यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है। किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है।संपर्क करें- Smt Sulakshna बमाेरिया 94074613619770085381 बमाेरिया मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर (मोती /कड़कनाथ /बटेर / मछली एवं बकरी फार्म ) कामतीरंगपुर, मढई राेड, साेहागपुरविडियो देखने के लिए लिंक पर क्लीक करेंhttps://m.youtube.com/#/channel/UCpUOawnNhQ5_Jr2QhTUcGYwकृपया आगे फॉरवड करें शायद किसी की जिंदगी बदल जाए,

Submitted by manjeet (rohtak) (not verified) on Thu, 02/16/2017 - 19:38

Permalink

bhai moti ki kheti ki perfect training ke liye surender ji ke pas jao. ekdam sahi traning dete hai. maine  bhi bahi se li hai. unka contact no. hai 9540883888.

Submitted by Ms sylakshna B… (not verified) on Fri, 02/17/2017 - 00:46

Permalink

अगर आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है। मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं। आप महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में 20 लाख रुपए यानी हर महीने 1 लाख रुपए  से अधिक की कमाई कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई...कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है। आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है। सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है। जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि वही वर्तमान समय में सीपों से कन्नौज में इत्र का तेल निकालने का काम भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। जिससे सीप को भी स्थानीय बाजार में तत्काल बेचा जा सकता है। सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है। सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है। भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है। उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है। मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए smt बमाेरिया 9893232938,9770085381 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है । यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है। किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है।मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है। इसकी खेती भी की जाती है। मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता। किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है ।इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है।फीस में इन लोगों के लिए छूट -1. गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को 2. भू. पू सैनिक 3. शहीद सैनिक के परिवार 4. महिला 5. छात्र- छात्राऐ मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं।यह ट्रेनिंग 2 दिन की होती है ,इन 2 दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं। प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है,1. पहले दिन सीपों का प्रकार।2. सीप के विभिन्न अंग।3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स।4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी।5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना।6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि।7. तालाब बनाने की विधि के बारे में।8. दूसरे दिन, सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि।9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में।10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि।11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में।प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति कृपया प्रशिक्षण की तारीख से कम से कम 5 दिन पहले सूचित करेंBamoriya farm (Kadaknath Murga.. Bater.. And Pearl Farm) Ramlal Bamoriya (Babu ji) Madai Road Kamti rangpurTeh. SohagurDistt Hoshangabad Pin 461771 MP9770085381 wtsapp/ call9584120929 wtsapp /call Amit k Bamoriya -Facebook Pearl farm -FacebookBamoriya Pearl Farm - youtube Other Contact Number -9407461361940746039290398329389669828174Only above number will work at Madai AreaNearest Railway Station Pipariya 461775Sohagpur 461771विडियो देखने के लिए लिंक पर क्लीक करेंhttps://m.youtube.com/#/channel/UCpUOawnNhQ5_Jr2QhTUcGYwकृपया आगे फॉरवड करें शायद किसी की जिंदगी बदल जाए,

Submitted by narender (not verified) on Fri, 02/17/2017 - 12:18

Permalink

pearl farming ki best training ke liye vinod ji se contact kare ,ye cifa se trained hai or experienced hai,contact vinod kumar-9050555757

Submitted by narender (not verified) on Fri, 02/17/2017 - 12:21

Permalink

pearl farming training ke best training ke liye vinod ji se contact kare ,ye cifa se trained hai or experienced hai,contact vinod kumar -9050555757

Submitted by Vijay (not verified) on Wed, 02/22/2017 - 13:07

Permalink

I want to start Pearl farming in dahanu road maharashtra please contact me near by me on 7719944326. ,,,. ,,,.

Submitted by Kana Ram Yadav (not verified) on Fri, 02/24/2017 - 13:09

Permalink

में Jaipur se Kana Ram Yadav Moti ki kheti karna chahta hu mobile number 0988 872 783 27 Jaipur me Moti ki kheti Prashikshan Kendra ka number Bataye

Submitted by vinod kumar (not verified) on Tue, 02/28/2017 - 09:50

Permalink

pearl farming training ke liye contact kare ,training date 04/03/2017 to 05/03/2017 and 18/03/2017 to 19/03/2017 to 25/03/2017 to 26/03/2017,seat booking ke liye contact vinod kumar -9050555757

Submitted by rajesh (not verified) on Tue, 02/28/2017 - 18:54

Permalink

Me m.p. me moti ki kheti karna chahta hu. Koi margdarshan de......

Submitted by vinod kumar (not verified) on Wed, 03/01/2017 - 12:54

Permalink

pearl farming training date 04/03/2017 to 05/03/2017 and 18/03/2017 to 19/03/2017 and 25/03/2017 to 26/03/2017,seat booking ke liye contact vinod kumar-9050555757

Submitted by Ankit yadav (not verified) on Mon, 03/06/2017 - 11:59

Permalink

moti ki kheti krna chahta hu jhansi se

Submitted by Pardeep yadav (not verified) on Tue, 04/18/2017 - 00:31

In reply to by Ankit yadav (not verified)

Permalink

Kya AAP Haryana AA sakte h training k liye.Food + residence available with training.Call 9155004000

Submitted by Dhireander kumar (not verified) on Mon, 03/06/2017 - 15:09

Permalink

 Dear sir, madam

i amdhireander kumar frob bihar i am facing so many  money problem so i want to get moti tranning and other tranning tbcause my feamly depends on me so please tell me how i can do this 

 

 

 

 

 

 

 

thanks/regards

Dhireander

Daebhanga(bihar)

Kya AAP Haryana AA sakte h training k liye.Food + residence available with training.Call 9155004000

Submitted by bamoriya peal farm (not verified) on Tue, 03/07/2017 - 13:37

Permalink

अगर आप छोटे से इन्‍वेस्‍टमेंट से लाखों कमाना चाहते हैं तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है। मोती की मांग इन दिनों घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं। आप महज 2 लाख रुपए के इंन्‍वेस्‍ट से इससे करीब डेढ़ साल में 20 लाख रुपए यानी हर महीने 1 लाख रुपए से अधिक की कमाई कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई...

कम लागत ज्यादा मुनाफा Pearl Farming

बाजार में 1 मिमी से 20 मिमी सीप के मोती का दाम करीब 300 रूपये से लेकर 1500 रूपये होता है। आजकल डिजायनर मोतियों को खासा पसन्द किया जा रहा है जिनकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है। भारतीय बाजार की अपेक्षा विदेशी बाजार में मोतिओ का निर्यात कर काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। तथा सीप से मोती निकाल लेने के बाद सीप को भी बाजार में बेंचा जा सकता है। सीप द्वारा कई सजावटी सामान तैयार किये जाते है। जैसे कि सिलिंग झूमर, आर्कषक झालर, गुलदस्ते आदि वही वर्तमान समय में सीपों से कन्नौज में इत्र का तेल निकालने का काम भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। जिससे सीप को भी स्थानीय बाजार में तत्काल बेचा जा सकता है। सीपों से नदीं और तालाबों के जल का शुद्धिकरण भी होता रहता है जिससे जल प्रदूषण की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है।

सूखा-अकाल की मार झेल रहे किसानों एवं बेरोजगार छात्र-छात्राओं को मीठे पानी में मोती संवर्धन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि मोतीयों की मांग देश विदेश में बनी रहने के कारण इसके खेती का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है। भारत के अनेक राज्यों के नवयुवकों ने मोती उत्पादन को एक पेशे के रूप में अपनाया है। उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश,झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी मोती उत्पादन की बेहतर संभावना है। मोती संवर्द्धन से सम्बधित अधिक जानकारी के लिए smt बमाेरिया 9893232938,9770085381 (Bamoriya मोती फार्म एवं ट्रेनिंग सेंटर) से संपर्क किया जा सकता है । यह संस्थान ग्रामीण नवयुवकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है। किसान हैल्प भी किसानों एवं छात्र-छात्राओँ को मोती उत्पादन पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है।

मोती एक प्राकृतिक रत्न है जो सीप के अंदर पैदा होता है। इसकी खेती भी की जाती है। मोती की खेती मे ज्यादा खर्चा भी नहीं होता। किसान ही नहीं बल्कि नौकरी पेसे वाले वे लोग भी कर सकते हैं जिनके पास मात्र सप्ताह के 2 दिन का समय ही उपलब्ध रहता है ।इस ग्रुप का उद्देश्य मोती की खेती को हर इच्छुक व्यक्ति तक पहुंचाना है।
फीस में इन लोगों के लिए छूट -
1. गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को
2. भू. पू सैनिक
3. शहीद सैनिक के परिवार
4. महिला
5. छात्र- छात्राऐ

मोतियों की खेती के प्रति लोगों के बढ़ते हुए उत्साह को देखते हुए हमने मोती की खेती की ट्रेनिंग क्लासेस शुरू की हैं।यह ट्रेनिंग 2 दिन की होती है ,इन 2 दिनों में सीप में डिज़ाइनर मोती और गोल मोती बनाने की विधि के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी जाती है सीपों का पालन पोषण सीपों की सर्जरी आदि के बारे में विस्तार से बताया जाता है कृपया इच्छुक व्यक्ति प्रशिक्षण के लिए कम से कम 5 दिन पहले बताएं। प्रशिक्षण में निम्नलिखित विषयों को विस्तार से समझाया जाता है,
1. पहले दिन सीपों का प्रकार।
2. सीप के विभिन्न अंग।
3. प्रयोग में लाए जाने वाले सभी प्रकार के इंस्ट्रुमेंट्स।
4. मोतियों का बीज अर्थार्त बीड़ बनाने की विधि तथा उसके लिए प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थ की जानकारी।
5. Designer bead तथा गोल बीड़ तैयार करना।
6 डिजाइनर मोती तैयार करने की विधि।
7. तालाब बनाने की विधि के बारे में।
8. दूसरे दिन, सीपों के लिए भोजन तैयार करने की विधि।
9. Operation से पहले सीपों के रखरखाव के बारे में।
10. ऑपरेशन करके गोल मोती तैयार करने की विधि।
11. ऑपरेशन के पश्चात सीपों के रखरखाव के बारे में।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति कृपया प्रशिक्षण की तारीख से कम से कम 5 दिन पहले सूचित करें
Bamoriya farm (Kadaknath Murga.. Bater.. And Pearl Farm)
Ramlal Bamoriya (Babu ji)
Madai Road
Kamti rangpur
Teh. Sohagur
Distt Hoshangabad
Pin 461771 MP
9770085381 wtsapp/ call
9584120929 wtsapp /call
Amit k Bamoriya -Facebook
Pearl farm -Facebook
Bamoriya Pearl Farm - youtube
Other Contact Number -
9407461361
9407460392
9039832938
9669828174
Only above number will work at Madai Area
Nearest Railway Station
Pipariya 461775
Sohagpur 461771

विडियो देखने के लिए लिंक पर क्लीक करें
https://m.youtube.com/#/channel/UCpUOawnNhQ5_Jr2QhTUcGYw

Image removed.
कृपया आगे फॉरवड करें शायद किसी की जिंदगी बदल जाए,

 

 

Submitted by Tushar (not verified) on Tue, 03/07/2017 - 17:33

Permalink

Bihar me moti ki kheti me liye kaha aur kinko sampark kare. Jo mujhe sahi jankari aur training de sake.TusharMuzaffarpur

Submitted by Shivam (not verified) on Mon, 03/13/2017 - 22:48

In reply to by Tushar (not verified)

Permalink

मोती की खेती के सभी इच्छुक लोगों को मैं यह जानकारी देने चाहता हूँ, कि इण्डिया में हमारे आलावा किसी के पास डिजायनर मोती नहीं मिल सकती, क्यूंकि कई लोग सिर्फ कुछ महीनों से फार्मिंग कर रहे हैं और हमारी मोतियों की फोटो लोगों को दिखाकर अपना बताते हैं, और फार्मिंग की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं, और खुद को बहुत एक्सपीरियंस होल्डर बताते हैं.

 

मेरी बात की विश्वसनीयता की जांच करने के लिए ये लोग आपको जो फोटो भेजते हैं, उनसे ये मोती आप खरीदने के लिए बोलिए, फिर देखिये क्या आप को दे पाते हैं ?

 

विश्वसनीयता चेक करने के बाद आप हमारी वेबसाईट - http://www.swastikpearls.com/training.html पर एक बार लाग इन जरूर करें 

या 

9415590092 पर Whatsapp करे 

 

 

Submitted by varum mishra (not verified) on Wed, 03/08/2017 - 20:30

Permalink

Dear siir i am very thankful for your contant but i want to know about the brode purchacer of perls will you plese contact to my mob. no gave above i am glad to here you

Submitted by Ms sylakshna B… (not verified) on Thu, 03/09/2017 - 13:16

Permalink

https://www.youtube.com/watch?v=eUQyfT3hQykमोती की खेती (पालन) से कमाए लाखों , मीठा पानी (पीने वाला पानी) से घर, आँगन,छत का उपयोग कर, करें मोती पालन किसान भाई बहुउद्देशीय योजना के साथ मोती उत्पादन कर सकते हैं महिलाऐ -छात्र- छात्राऐं, रिटायर लोग पार्ट टाइम ,फुल टाइम काम करके लाखों कमा सकते हैं. प्रशिक्षण के लिए एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे Amit K Bamoriya 9770085381Sulakshana Bamoriya 9584120929 प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति कृपया प्रशिक्षण की तारीख से कम से कम 5 दिन पहले सूचित करेंBamoriya farm (Kadaknath Murga.. Bater.. And Pearl Farm) Ramlal Bamoriya (Babu ji) Madai Road Kamti rangpurTeh. SohagurDistt Hoshangabad Pin 461771 MP9770085381 wtsapp/ call9584120929 wtsapp /call Amit k Bamoriya -Facebook Pearl farm -FacebookBamoriya Pearl Farm - youtube Other Contact Number -9407461361940746039290398329389669828174Only above number will work at Madai AreaNearest Railway Station Pipariya 461775Sohagpur 461771विडियो देखने के लिए लिंक पर क्लीक करेंhttps://m.youtube.com/#/channel/UCpUOawnNhQ5_Jr2QhTUcGYwकृपया आगे फॉरवड करें शायद किसी की जिंदगी बदल जाए,

Submitted by vinod kumar (not verified) on Sun, 03/12/2017 - 20:12

Permalink

pearl farming training date 18/03/2017 to 19/03/2017 and 25/03/2017 to 26/03/2017 ,contact for seat booking ,vinod kumar-9050555757

Submitted by Arvind gour (not verified) on Wed, 03/15/2017 - 16:09

Permalink

Dear friends in our country lot of fake training center for pearl farming I have taken training throw bamoriya pearl farm They are good person .and give good training Log operation tools 2000- 4000/- rs me Bechte he per bamoriya ji wahi ttools200 to 500 me provide kr dete heOr sheep other log 25-30 rs me dete he or Bamoriya ji hamara samy or pese ki bacht KO delkhte huye 5-8 rs me dete he or complete training with practical ..baki aap samjhdar he.

Add new comment

This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

2 + 0 =
Solve this simple math problem and enter the result. E.g. for 1+3, enter 4.

More From Author

Related Articles (Topic wise)

Related Articles (District wise)

About the author

नया ताजा