बागाती/बागानी/रोपण कृषि (Plantation agriculture)

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बड़े-बड़े बागानों के रूप में की जाने वाली कृषि जिसमें एक बार वृक्षों के बागान लगा दिये जाते हं और कुछ समय पश्चात् से कई वर्षों तक उनसे उत्पादन प्राप्त होता रहता है। यह मुख्यतः व्यापारिक कृषि है जो उष्ण कटिबंध के विशिष्ट प्रदेशों में की जाती है।

बागाती कृषि के अंतर्गत किसी एक नकदी फसल का उत्पादन कारखाने की भांति प्रायः बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसके अंतर्गत चाय, कहवा, रबड़, कोको, नारियल, मिर्च-मसाले, केला आदि उत्पन्न किये जाते हैं। बागाती कृषि के प्रधान क्षेत्र दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्वी एशिया, मध्य अफ्रीका तथा लैटिन अमेरिका के उष्णार्द्र प्रदेश हैं। बागानों के लगाने तथा देख-भाल के लिए प्रायः अधिक पूँजी निवेश की आवश्यकता होती है, अतः अधिकांश बागान विदेशी आधिपत्य में हैं। इसमें उन्नत वैज्ञानिक विधियों, आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, कीटनाशकों, मशीनों आदि का प्रयोग किया जाता है।

अन्य स्रोतों से

बाहरी कड़ियाँ:

विकिपीडिया से (Meaning from Wikipedia):

शब्द रोमन में:

संदर्भ:

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