केरल

Published on
2 min read

(1) दक्षिण भारत स्थित प्राचीन तमिल देश के तीन राज्यों में से एक। अशोककालीन शिलालेखों में इसका उल्लेख हुआ है। यह 1565 ई. तक विजयनगर साम्राज्य का अंग था।

(2) भारतीय गणराज्य का एक प्रदेश जिसका संघटन 1956 ई. में तत्कालीन त्रिवांकुरु और कोचीन की देशी रियासतों के अधिकांश भागों को मिलाकर किया गया है।

कोल्लम जिले के शेनूत तालुका का कुछ भाग तथा तिरुवनंतपुरम्‌ जिले के चार तालुका उनसे पृथक्‌ और तमिलनाडु प्रदेश के मलाबार जिला तथा दक्षिण कनारा जिले का कासरगोड तालुका इसमें सम्मिलित किए गए हैं। यह मलयालमभाषी क्षेत्र है। इसकी राजधानी तिरुवनंतपुरम्‌ है।

यह उत्तर में कर्णाटक, पूर्व तथा दक्षिण में तमिलनाडु प्रांत और पश्चिम में अरब सागर से सीमित है (स्थिति 8 15 से 12 53 उ. अ. तथा 74 49 से 77 15 पू. दे.)। इसका क्षेत्रफल लगभग 15,000 वर्गमील (38,864 किलोमीटर )है। इस प्रदेश के मुख्यत: तीन प्राकृतिक विभाग हैं----(1) पूर्व का पर्वतीय भाग जो पश्चिमी घाट पर्वत का एक अंग है। यहाँ की भूमि ऊबड़ खाबड़,पथरीली तथा छोटी नदियों की गहरी घाटियों से युक्त है। यह भाग घने जंगल से आच्छादित है। (2) बीच का उपजाऊ मैदान, जिसमें पोन्नानि, पेरियार इत्यादि नदियाँ बहती है। यह भाग कृषि के लिये अति महत्वपूर्ण हैं। (3) पश्चिम का उपकूलीय भाग जो नारियल के घने बगीचों तथा धान के खेतों से भरा है।

धान, टैपिओका, तेलहन, ईख, काली मिर्च, इलायची तथा अन्य मसाले यहाँ के मुख्य कृषि उद्योग हैं। यहाँ नारयिल, सुपारी, काजू, रबर, चाय तथा कहवे के बृहत्‌ बगीचे हैं। भारत में उत्पन्न होने वाली काली मिर्च का 98 प्रतिशत तथा रबर का 95 प्रतिशत यहाँ उत्पन्न होता है। इन उपजों में निर्यात की दृष्टि से काजू, काली मिर्च, इलायची, अन्य गरम मसाले, रबर तथा चाय मुख्य हैं। मत्स्य उद्योग का विकास भी इस प्रांत में हुआ है। इस प्रदेश के जंगलों से सागवान, चंदन, आबनूस तथा विभिन्न प्रकार की मुलायम लकड़ियाँ प्राप्त होती हैं। खनिज संपत्ति की दृष्टि से भी यह प्रदेश संपन्न है। यहाँ श्वेत मिट्टी, अभ्रक, ग्रैफाइट, चूने के पत्थर, लिंगनाइट इत्यादि के भंडार है। यहाँ रबर, चाय, तेल, कपड़े, चीनी, सीमेंट, श्वेत मिट्टी के बरतन, खाद, रसायनक, शीशा, कृत्रिम रेशम, सलाई, ऐल्यूमिनियम, बिजली के सामान, कागज मछली का तेल इत्यादि का उद्योग होता है। गृह उद्योगों में हाथ करघे के कपड़े, नारियल की जटा की रस्सी, पीतल के बरतन तथा हाथी दाँत के सामान पर नक्काशी के कार्य उल्लेखनीय हैं।

यहाँ की जनसंख्या 2,13,47,375 (1971) है। तिरु वनंतपुरम्‌ में सन्‌ 1937 में केरल विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था।

यहाँ के नगरों में तिरु वनंतपुरम्‌, कोलिकोड (कालीकट), अलेप्पि, मत्तनचेरी, त्रिश्शूर, पालक्काड, कोल्लम तथा एर्नाकुलम्‌ प्रसिद्ध हैं। कोचीन यहाँ का मुख्य बंदरगाह है। (नर्मदेवर प्रसाद)

अन्य स्रोतों से:

गुगल मैप (Google Map):

बाहरी कड़ियाँ:


1 -
2 -
3 -

विकिपीडिया से (Meaning from Wikipedia):

संदर्भ:


1 -

2 -

लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल को फॉलो करें

India Water Portal - Hindi
hindi.indiawaterportal.org