उत्प्रेरक क्या है ? परिभाषा, प्रकार और महत्त्व

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उत्प्रेरक क्या है ? परिभाषा, प्रकार और महत्त्व

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कैटेलिस्ट का हिंदी अर्थ उत्प्रेरक है। उत्प्रेरक  वह पदार्थ होता है जो किसी रासायनिक अभिक्रिया की गति को बढ़ाता या घटाता है, लेकिन स्वयं उस प्रक्रिया में स्थायी रूप से खर्च नहीं होता है । यह विज्ञान का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जिसका उपयोग उद्योग, पर्यावरण संरक्षण, जल शोधन और कृषि तक में होता है। आज के समय में जब प्रदूषण और जल संकट बढ़ रहे है, तब कैटेलिस्ट की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

उत्प्रेरक की परिभाषा -

उत्प्रेरक वह पदार्थ है जो किसी रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को कम करके उसे तेज कर देता है, जबकि स्वयं अंत में अपरिवर्तित रहता है।

पर्यावरण विज्ञान में उत्प्रेरक का उपयोग प्रदूषण को कम करने और जल को शुद्ध करने में किया जाता है। उदाहरण के लिए -

  • जल शोधन संयंत्रों में उत्प्रेरक हानिकारक रसायनों को सुरक्षित पदार्थों में बदलने में मदद करते है

  • वायु प्रदूषण नियंत्रण में कैटेलिटिक कन्वर्टर वाहनों से निकलने वाली जहरीली गैसों को कम हानिकारक गैसों में बदलता है

  • जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में भी उत्प्रेरक का उपयोग ग्रीनहाउस गैसों को कम करने वाली तकनीकों में किया जा रहा है।

उत्प्रेरक के प्रकार -

  • समानांग कैटेलिस्ट - अभिक्रिया के समान अवस्था में मौजूद जैसे द्रव में द्रव

  • विषमांग कैटेलिस्ट - अलग अवस्था में मौजूद जैसे ठोस कैटेलिस्ट और गैस अभिक्रिया

  • जैविक कैटेलिस्ट - एंजाइम जो जीवित प्रणालियों में अभिक्रियाओं को नियंत्रित करते है

भारत के सन्दर्भ में दिल्ली और अन्य महानगरों में वाहनों में लगे कैटेलिटिक कन्वर्टर। ग्रामीण क्षेत्रों में बायोगैस प्लांट, जहां सूक्ष्मजीव (microbes) जैविक कैटेलिस्ट की तरह काम करते है। जल शोधन परियोजनाओं में आयरन या मैंगनीज आधारित कैटेलिस्ट का उपयोग करते है।

उत्प्रेरक का महत्व और प्रभाव 

  • प्रदूषण नियंत्रण में सहायक

  • ऊर्जा की बचत करता है, कम तापमान पर अभिक्रिया संभव

  • जल और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारता है

  • औद्योगिक प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाता है

  • ग्रीन केमिस्ट्री को बढ़ावा देता है

  • उर्वरकों के निर्माण में कैटेलिस्ट का उपयोग

  • मिट्टी में पोषक तत्वों के परिवर्तन में सूक्ष्मजीव कैटेलिस्ट की भूमिका निभाते है

  • जैविक खेती में एंजाइम आधारित प्रक्रियाएं

संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य संस्थाएं स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के लिए उत्प्रेरक आधारित तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन ईंधन के उत्पादन में उत्प्रेरक का व्यापक उपयोग होता है।

उत्प्रेरक केवल रसायन विज्ञान की अवधारणा नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और टिकाऊ विकास का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसके सही उपयोग से हम प्रदूषण कम कर सकते हैं और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित कर सकते है।

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